7X Society: बेसमेंट में अटकी लिफ्ट में आधा घंटा फंसे रहे दो बच्चे, निवासियों ने किया प्रदर्शन

बेसमेंट में अटकी लिफ्ट में आधा घंटा फंसे रहे दो बच्चे, निवासियों ने किया प्रदर्शन

Tricity Today | विरोध जताते सोसाइटी के निवासी

नोएडा की पॉश सोसायटियों में खराब मेंटेनेंस का ख़ामियाजा निवासियों को भुगतना पड़ रहा है। शनिवार की शाम करीब चार बजे शहर के सेक्टर-77 स्थित एक्सप्रेस जेनिथ सोसाइटी में दो बच्चे आधे घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे। सोसाइटी में लगे लिफ्ट का अलार्म सिस्टम काम नहीं कर रहा था। न ही इमरजेंसी बटन दबाने पर कोई मदद मिली। तकरीबन आधे घंटे बाद बच्चों के परिजनों को पता चला कि बच्चे लिफ्ट में फंसे हैं। इसके बाद बड़ी मुश्किल से दोनों मासूमों को बाहर निकाला जा सका। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी नदारद पाया गया। घटना के बाद से दोनों बच्चे सहमे हुए हैं। दोनों की उम्र करीब 9 साल है। 

निवासियों ने इस पर विरोध दर्ज कराते हुए बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। घटना शनिवार शाम की है। दो बच्चे सोसाइटी के पार्क में खेल रहे थे। एक बच्चे की मां उनके साथ थी। इसी दौरान कुछ लेने के लिए दोनों अपने फ्लैट जाने के लिए लिफ्ट में चढ़े। पर तकनीकी खराबी की वजह से लिफ्ट ऊपर जाने की बजाय बेसमेंट में चली गई और -1 तथा -2 के बीच में अटक गई। दोनों बच्चों ने इमरजेंसी बटन और इंटरकॉम सिस्टम के जरिए मदद का प्रयास किया। पर दोनों सिस्टम खराब निकले। उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। 

करीब 30 मिनट बाद जब एक बच्चे की मां को बच्चे खेलते हुए नहीं दिखाई दिए, तब उन्होंने उनकी तलाश शुरू कर दी। इस दौरान वह आहट पाकर बेसेमेंट -1 में पहुंची। वहां से उन्हें लिफ्ट में फंसे बच्चों की हलचल सुनाई दी। पर मुश्किल यह थी कि लिफ्ट -1 तथा -2 के बीच में अटक गई थी। घटना की सूचना मिलते ही सोसाइटी के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए। बड़ी मुश्किल के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोल कर बच्चों को बाहर निकाला गया। हालांकि दोनों बच्चों की हालत ठीक थी। मगर वे इस हादसे के बाद से बेहद खौफ में हैं।

निवासियों ने किया प्रदर्शन
इस हादसे के बाद से सोसाइटी के निवासी गुस्से में है। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने इसके विरोध में आवाज बुलंद की। निवासियों ने सोसायटी के गेट पर बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने खराब मेंटेनेंस के लिए बिल्डर को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि रखरखाव के नाम पर निवासियों से भारी रकम वसूली जा रही है। मगर मेंटेनेंस नहीं कराया जा रहा है। लिफ्ट में इस तरह की घटनाएं जानलेवा हो सकती हैं। 

एक निवासी ने बताया कि कुछ वक्त पहले भी ऐसा हादसा हुआ था। तब अस्थमा के एक मरीज लिफ्ट में फंस गए थे। उन्हें भी कोई मदद नहीं मिली। काफी देर बाद उन्हें लिफ्ट से बाहर निकाला जा सका था। उनकी जान जाते-जाते बची थी। पर बिल्डर ऐसी घटनाओं से कोई सबक नहीं ले रहा। निवासियों का कहना है कि या तो बिल्डर हमें बुनियादी सुविधाएं दे। अन्यथा, हम रखरखाव शुल्क नहीं देंगे और स्वंय इसकी जिम्मेदारी संभालेंगे।

एक महीने का मांगा वक्त 
मामले की गंभीरता को समझते हुए नोएडा पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लोगों से बात कर उन्हें समझाने की कोशिश की, पर निवासी नहीं माने। अंत में बिल्डर और निवासियों के बीच बातचीत हुई। बिल्डर ने आश्वासन दिया है कि 1 महीने के अंदर सोसाइटी की सारी कुव्यवस्था को ठीक करा दिया जाएगा। निवासियों को इस तरह की परेशानी का सामना फिर नहीं करना पड़ेगा। लिफ्ट की तकनीकी खामियों की दुरुस्त करा दिया जाएगा। सिक्योरिटी एजेंसी को भी हिदायत दी गई है। सीसीटीवी कैमरे और अलॉर्म सिस्टम को ठीक कराया जाएगा। इसके बाद निवासी शांत हुए।

सिक्योरिटी एजेंसी पर जता रहे हैं नाराजगी
दरअसल शहर की सोसाइटियों में तैनात सुरक्षा गार्ड भी अपनी जिम्मेदारी का ठीक तरह से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। एक्सप्रेस जेनिथ सोसाइटी में जब बच्चे टॉवर-ई की लिफ्ट में फंसे थे, उस वक्त ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी नदारद था। लोगों का कहना है कि टॉवर-ई का गार्ड दूसरे टॉवर के साथ गप्पे लड़ा रहा था। परिजनों ने बताया कि अगर सुरक्षा गॉर्ड ड्यूटी पर होता, तो बच्चों की सही स्थिति का पहले पता चल जाता और उन्हें पहले निकाल लिया जाता। निवासियों का कहना है कि सिक्योरिटी एजेंसियां गैर-प्रशिक्षित कर्मियों को ड्यूटी पर लगा देते हैं। लोग सिक्योरिटी गार्ड्स को सही प्रशिक्षण देने की मांग कर रहे हैं।

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