आखिर कैसे 10 दिनों में गिरेगा सुपरटेक ट्विन टावर, प्राधिकरण ने बिल्डर को किया नोटिस जारी, जानिए पूरा मामला

बड़ी खबर : आखिर कैसे 10 दिनों में गिरेगा सुपरटेक ट्विन टावर, प्राधिकरण ने बिल्डर को किया नोटिस जारी, जानिए पूरा मामला

आखिर कैसे 10 दिनों में गिरेगा सुपरटेक ट्विन टावर, प्राधिकरण ने बिल्डर को किया नोटिस जारी, जानिए पूरा मामला

Google Image | Supertech Emerald Twin Towers

आखिर कैसे 10 दिनों में गिरेगा सुपरटेक ट्विन टावर, प्राधिकरण ने बिल्डर को किया नोटिस जारी, जानिए पूरा मामला नोएडा : नोएडा के सेक्टर-93 स्थित सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट मामले में नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डर को नोटिस जारी किया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 30 नवंबर 2021 तक ट्विन टावर को ध्वस्त करना था लेकिन बिल्डर नहीं कर पाया। अब प्राधिकरण ने बिल्डर को इस मामले में नोटिस जारी किया है।

कुल 10 दिनों का समय बचा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार सुपरटेक एमरॉल्ड कोर्ट के दोनों टॉवर गिराने में कुल 10 दिन का समय बचा है। सुपरटेक बिल्डर ने अब तक टॉवर गिरने की कोई कार्य योजना पेश नहीं की है। इसके बाद नोएडा प्राधिकरण ने सख्ती दिखाते हुए सुपरटेक को नोटिस जारी कर जल्द से जल्द कार्य योजना जमा करने को कहा है। 

सुप्रीम कोर्ट ने 30 नवंबर तक का समय दिता था
आपको बता दें कि उच्चतम न्यायालय द्वारा 31 अगस्त को फैसला सुनाते हुए 30 नवंबर तक अवैध रूप से बने दोनों ट्विन टावर को गिराने का आदेश दिया था। टावरों को गिराने के लिए सुपरटेक को एक कंपनी का चयन करना था। जिसमें विशेषज्ञ कंपनी के रूप में CBRI (केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान), रुड़की काम करेगा और इसके पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण को सौंपी गई थी। 

उच्चतम न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं हुआ
अभी तक दोनों टावर के ध्वस्तीकरण के लिए सुपरटेक ने किसी कंपनी का चयन नहीं किया है। जबकि उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार बिल्डिंग को गिराने में अब सिर्फ 10 दिन का समय बचा है। ऐसे में एक्शन प्लान ना होने की स्थिति में बिल्डिंग को निर्धारित समय सीमा में गिरा पाना मुश्किल है। 

प्राधिकरण ने सुपरटेक को नोटिस जारी किया
इस मुद्दे को लेकर प्राधिकरण और सुपरटेक के बीच कई बार बैठक भी हुई, पर सुपरटेक ने कोई ना कोई बहाना बनाकर एक्शन प्लान प्रस्तुत नहीं किया। गुरुवार को भी दोनों के बीच बैठक होनी थी, सुपरटेक ने एक बार फिर एक सप्ताह का समय मांग लिया। जिस पर नोएडा प्राधिकरण ने नाराजगी जताते हुए सुपरटेक के खिलाफ नोटिस जारी कर चेतावनी देते हुए जल्द से जल्द एक्शन प्लान प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। 

30 नवंबर को फिर होगी सुनवाई 
30 नवंबर को इस मुद्दे पर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है, जहां प्राधिकरण द्वारा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह सारी बातें बताई जाएगी कि किन-किन स्तर पर टावर गिराने में बिल्डर ने लापरवाही बरती और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की गई है।

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