चिंताजनक : नोएडा में कोरोना से रिकवरी रेट में 8 फीसदी की गिरावट आई, सिर्फ 15 दिनों में गई 7 लोगों की जान, पढ़ें पूरी खबर

नोएडा में कोरोना से रिकवरी रेट में 8 फीसदी की गिरावट आई, सिर्फ 15 दिनों में गई 7 लोगों की जान, पढ़ें पूरी खबर

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  • जनपद में पिछले एक महीने में रिकवरी रेट में 8 फ़ीसदी की कमी आई है
  • इसी एक महीने के दौरान गाजियाबाद में भी रिकवरी दर में करीब 6 फ़ीसदी की गिरावट रिपोर्ट हुई है
  • अप्रैल महीने में ही गौतमबुद्ध नगर में संक्रमण की वजह से 7 लोगों की जान जा चुकी है
  • गत फरवरी के मुकाबले इस महीने के 15 दिनों में 16 गुना मरीज अस्पतालों में पहुंचे हैं
एक तरफ गौतमबुद्ध नगर में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। तो वहीं, जनपद में पिछले एक महीने में रिकवरी रेट में 8 फ़ीसदी की कमी आई है। इसी एक महीने के दौरान गाजियाबाद में भी रिकवरी दर में करीब 6 फ़ीसदी की गिरावट रिपोर्ट हुई है। बताते चलें कि अप्रैल माह के पहले हफ्ते से ही दोनों जिलों में मरीजों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। हालांकि अप्रैल महीने के बीते 15 दिनों में कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने देश की कमर तोड़ दी है। 

जिला प्रशासन मंथन कर रहा है
गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन 15 दिन के आंकड़ों पर मंथन कर रहा है। क्योंकि इन दोनों जिलों में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ-साथ रिकवरी रेट में गिरावट की वजह से हालात बेहद चिंताजनक हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग इस पर नजर बनाए हुए है। अप्रैल महीने में ही गौतमबुद्ध नगर में संक्रमण की वजह से 7 लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले जनवरी में एक संक्रमित मरीज की मौत हुई थी। इस पूरे साल में नोएडा में कोविड की वजह से 8 लोगों की जान गई है। 

फरवरी के मुकाबले 16 गुना मरीज बढ़े
आंकड़ों के लिहाज से देखें, तो गौतमबुद्ध नगर में अप्रैल महीने के सिर्फ 15 दिनों में ही पिछले महीने के मुकाबले मरीजों की संख्या में 5 गुना बढ़ोतरी हुई है। जबकि अभी अप्रैल के 15 दिन बाकी हैं। गत फरवरी के मुकाबले इस महीने के 15 दिनों में 16 गुना मरीज अस्पतालों में पहुंचे हैं। 15 अप्रैल तक जिले में 2334 सक्रिय मरीजों का शहर के विभिन्न अस्पतालों और आइसोलेशन में इलाज चल रहा है। 

बीते दो महीने में हुई गिरावट
इस साल फरवरी के अंत तक गौतमबुद्ध नगर में कोरोना से ठीक होने की दर 99.3 फीसदी था। हालांकि मार्च में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। बीते महीने संक्रमितों के ठीक होने का औसत 98.3 प्रतिशत था। अप्रैल महीने के 15 दिन में 7 मरीजों की मौत के बाद अब रिकवरी रेट 91.5 फ़ीसदी रह गया है। अप्रैल से पहले जिले में कोरोना संक्रमित मरीज की मृत्यु 5 जनवरी को हुई थी। उसके बाद 91 पर लंबे वक्त तक रहा था।

गाजियाबाद में भी हाल बेहाल
गाजियाबाद में मार्च और अप्रैल महीने में कोरोना महामारी से एक-एक मरीज की मृत्यु हुई है। हालांकि संक्रमित मरीजों की संख्या के हिसाब से गाजियाबाद में भी स्थिति भयावह है। मार्च के मुकाबले अप्रैल में 4 गुना ज्यादा मरीज मिले हैं। जबकि फरवरी की तुलना में इस महीने के 15 दिनों में 16 गुना संक्रमित मिल चुके हैं। सिर्फ अप्रैल के 15 दिनों में ही जिले में 2892 नए मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। फरवरी महीने में जिले में रिकवरी रेट 99.4 फ़ीसदी था। यह फिलहाल घटकर 93.7% रह गया है। अधिकारियों का कहना है कि नए मामले मिलने की एक बड़ी वजह है। दोनों जिलों में कोविड-19 टेस्टिंग की क्षमता बढ़ाई गई है और ज्यादा लोगों का परीक्षण किया जा रहा है। 

पहले के मुकाबले ज्यादा खतरनाक है वायरस
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर पहली के मुकाबले बेहद घातक और खतरनाक है। इस बार संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले दूसरे लोगों को जल्दी ही संक्रमण हो रहा है। अगर घर में किसी एक व्यक्ति को संक्रमण की शिकायत है, तो पूरा परिवार तेजी से संक्रमित हो जा रहा है। पहले अन्य परिजनों के संक्रमित होने में काफी वक्त लगता था। यहां तक की पहली लहर में ज्यादातर लोगों को कोरोना वायरस के इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती होने की जरूरत नहीं थी। लेकिन अब ऐसे मरीजों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है।

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