21 अगस्त तक नहीं गिर पाएगा सुपरटेक ट्विंस टावर, सीबीआरआई की आपत्ति बनेगी कारण, जानिए कब होगा ब्लास्ट

NOIDA BREAKING : 21 अगस्त तक नहीं गिर पाएगा सुपरटेक ट्विंस टावर, सीबीआरआई की आपत्ति बनेगी कारण, जानिए कब होगा ब्लास्ट

21 अगस्त तक नहीं गिर पाएगा सुपरटेक ट्विंस टावर, सीबीआरआई की आपत्ति बनेगी कारण, जानिए कब होगा ब्लास्ट

Tricity Today | परटेक ट्विन्स टावर को लेकर प्राधिकरण में शनिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक

21 अगस्त तक नहीं गिर पाएगा सुपरटेक ट्विंस टावर, सीबीआरआई की आपत्ति बनेगी कारण, जानिए कब होगा ब्लास्ट Noida News : सुपरटेक ट्विन्स टावर अब 21 नहीं बल्कि 28 अगस्त 2022 तक ही गिर पाएगा। इसका मुख्य कारण है कि सीबीआरआई ने टावर को तोड़ने वाली एडिफिक्स एजेंसी की रिपोर्ट पर आपत्ति जाहिर की है। सीबीआरआई ने एजेंसी से स्ट्रक्चर ऑडिट के बारे में और भी ज्यादा जानकारी मांगी है। 

नोएडा प्राधिकरण में हुई उच्च स्तरीय बैठक
दरअसल, सुपरटेक ट्विन्स टावर को लेकर प्राधिकरण में शनिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक हुई है। इस बैठक में नोएडा अथॉरिटी के अधिकारी, नोएडा पुलिस के अधिकारी, एडिफिक्स एजेंसी के अधिकारी, जिला प्रशासन, प्रदूषण विभाग, फायर ब्रिगेड, जेट डिमोलिशन कंपनी और सीबीआरआई के अधिकारी मौजूद रहे।

7 अगस्त की शाम तक देनी होगी जानकारी
बैठक के दौरान पता चला कि अभी तक सुपरटेक बिल्डर की तरफ से स्ट्रक्चरल ऑडिट के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। इस पर सीईओ ऋतु महेश्वरी ने निर्देश दिया कि 7 अगस्त की शाम तक सभी सूचनाएं उपलब्ध करा दी जाएं। स्ट्रक्चरल ऑडिट के बारे में सूचनाएं मिलने पर सीबीआरआई 9 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट नोएडा प्राधिकरण को उपलब्ध कराएगा। सीबीआरआई से रिपोर्ट मिलने के बाद नोएडा प्राधिकरण उच्चतम न्यायालय में 11 अगस्त तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दे। 

स्ट्रक्चरल ऑडिट के तहत होगा काम
बैठक में ऋतु महेश्वरी ने निर्देश दिया कि सुपरटेक बिल्डर द्वारा स्ट्रक्चरल ऑडिट के तहत किए जा रहे कामों की प्राधिकरण के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण करेंगे। बैठक में पाइप लाइन की सुरक्षा को लेकर गेल के अधिकारियों ने कुछ सुझाव दिए, जिसमें एडिफाइस एजेंसी को काम करना होगा।

ये अफसर हुए बैठक में शामिल
 
इस बैठक में नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ प्रवीण मिश्र, मुख्य विधि सलाहकार, प्रधान महाप्रबंधक, महाप्रबंधक, उद्यान विभाग के ओएसडी, सीबीआरआई से विधिक परामर्शी जयेश उनिकृष्णनन, चीफ साईन्टिस्ट डॉ.डीपी कानूनगो, सीनियर प्रिंसिपल साईन्टिस्ट डॉ.हर्ष कुमार, सुपरटेक लिमिटेड से आईआरपी हितेश गोयल, एडिफाइस एजेंसी से उत्कर्ष मेहता और जेट डिमॉलिशन से ब्रिंकमेन मौजूद रहे।

ऐसे होगा मलबे का निस्तारण
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी कि वह किस तरीके से प्रदूषण को रोकने के लिए कार्य करेंगे। आपको बता दें कि ट्विंस टावर तोड़ने के दौरान करीब 3,500 टन मलबा निकलेगा। इसके निस्तारण के लिए ट्विंस टावर के बेसमेंट के अलावा एक गांव में 5 हेक्टेयर जमीन को लिया गया है।

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