यूनिक ऑटो कोडिंग की मदद से राहगीर को वापस मिला 50 हजार का कैमरा

नोएडा : यूनिक ऑटो कोडिंग की मदद से राहगीर को वापस मिला 50 हजार का कैमरा

यूनिक ऑटो कोडिंग की मदद से राहगीर को वापस मिला 50 हजार का कैमरा

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यूनिक ऑटो कोडिंग की मदद से राहगीर को वापस मिला 50 हजार का कैमरा Noida : रविवार को यूनिक ऑटो कोडिंग की मदद से एक राहगीर को ऑटो में खोया हुआ अपना बैग वापस मिल गया। राहगीर का बैग नोएडा सेक्टर 52 मेट्रो स्टेशन से ग्रेटर नोएडा आते वक्त ऑटो में छूट गया था।जिसमें 50 हजार का सिंगल लेंस रिफ्लेक्स डीएसएलआर कैमरा मौजूद था। 

एस सिटी ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले श्रीकांत शर्मा ने बताया की"शनिवार को वो और उनका परिवार गुड़गांव के माधवगढ़ से लौट रहे थे। सेक्टर 52 मेट्रो स्टेशन पहुंचने के बाद उन्होंने घर के लिए ऑटो बुक किया, घर पहुंच कर उन्होंने सारा सामान उतारा लेकिन वह अपना सूटकेस उतारना भूल गए। सूटकेस का ख्याल आने पर वह घर से तुरंत बाहर आए पर तब तक ऑटो वाला जा चुका था।"

"इसके बाद हमने नजदीक के सीसीटीवी चेक किए जिसमें ऑटो को तो देखा जा सकता था, पर उसका रजिस्ट्रेशन नंबर सही से नहीं देख पा रहा था। जिसके बाद मुझे कुछ लोगों ने बताया कि ऑटो के ऊपर एक यूनिकोड होता है। जिसके जरिए पुलिस ऑटो का पता लगा सकती है। उसके बाद मैंने नोएडा पुलिस से संपर्क किया और फिर मुझे मेरा बैग मिल पाया।"

गणेश प्रसाद साह, डेप्युटी पुलिस कमिश्नर, ( ट्रैफिक) , गौतम बुध नगर ने बताया कि " हमने ऑटो के यूनिकोड 1644 की मदद से ऑटो ड्राइवर को ढूंढ लिया। ऑटो ड्राइवर की पहचान दिनेश चंद्र पाल निवासी सर्राफा बाद के रूप में हुई। चंद्रपाल ने बताया की सूटकेस उसके पास सुरक्षित पड़ा हुआ है जिसके बाद हमने उसे राहगीर को लौटा दिया।"

वही चंद्रपाल ने बताया की " उसने सूटकेस को 2 घंटे बाद देखा जब तक वह 3,4 लोगों को बिठा चुका था। जिस कारण वह अंदाजा नहीं लगा पा रहा था कि सूटकेस किसका है। इसीलिए सूटकेस को उसने अपने पास रख लिया बाद में पुलिस का कॉल आने पर उसने सूटकेस को पुलिस को लौटा दिया।

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