संगम में 30 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई पूण्य की डूबकी, हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर प्रशासन ने जीता दिल

मौनी अमावस्या 2021 : संगम में 30 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई पूण्य की डूबकी, हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर प्रशासन ने जीता दिल

संगम में 30 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई पूण्य की डूबकी, हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर प्रशासन ने जीता दिल

Tricity Today | प्रयागराज में 30 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

प्रयागराज संगम नगरी माघ मेला के मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या के अवसर पर गुरुवार को करीब 30 लाख श्रद्धालुओं ने संगम तट पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाई । कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों की आस्था में कोई कमी नहीं है। श्रद्धालु स्नानार्थियों का रेला आधी रात से ही संगम नोज पर बने घाटों पर स्नान के लिए पहुंचना आरंभ हो गया। घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं। मुख्य स्नान पर्व पर हेलीकॉप्टर से मेले में पुष्प वर्षा की गई,। घाटों पर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं के ऊपर भी पुष्प वर्षा की गई।

सनातन धर्म की आध्यात्मिक और धार्मिक संगम नगरी माघ मेला क्षेत्र में मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व के अवसर पर श्रद्धालु स्नानार्थियों का सैलाब उमड़ पड़ा, वो संगम तट पर बने घाटों में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान कर लोग विधि विधान से पूजन कर जरूरतमंदों को दान दे रहे हैं। मान्यता के अनुसार इस दिन किया गया दान, पुण्य सौ गुना ज्यादा फलदायी होता है, आधी रात से ही श्रद्धालु स्नानार्थी संगम तट पर पहुंचना शुरू हो गये। मेले के मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर भारी भीड़ को देखते हुए घाटों को और बढ़ाया गया है, और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं।

मौनी अमावस्या का दिन पूर्वजों के तर्पण, स्नान, दान आदि के लिए बहुत फलदायी है मान्यता है कि कुंभ में स्नान करने से हर तरह की बाधाओं से मुक्ति मिल जाती है, और इस दिन तिल या उससे बनी वस्तुओं का दान करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है, पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए इस दिन पितरों का ध्यान करते हुए सूर्य देव को जल अर्पित किया जाता है, कुंभ में स्नान, दान और पूजा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है, मान्यता है कि कुंभ में मौनी अमावस्या पर स्नान करने से हर तरह की बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है।

श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए सिविल डिफेंस के वालंटियर जगह-जगह पर उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं। त्रिवेणी तट, वीआईपी घाट, नैनी अरैल घाट, राम घाट, दशाश्वमेर घाट, झूंसी और छतनाग घाटों पर श्रद्धालुओं के साथ किसी तरह की अप्रिय घटना न हो इसके लिए इन घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम किये गए हैं, और जल पुलिस के जवानों को भी तैनात किया गया है। मेले में साफ-सफाई के लिए स्वच्छता की टीमें भी तैनात की गई हैं। संगम नगरी में मौनी अमावस्या के पर्व पर लगभग 20 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की सम्भावना जताई गई है। इसके मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम और यातायात की डायवर्जन व्यवस्था लागू की गई है। जिससे श्रद्धालुओं की भीड़ इकट्ठा न हो सके और उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में आसानी हो।

सुरक्षा-व्यवस्था चाकचौबंद रही
प्रयागराज माघ मेला क्षेत्र संगमनगरी में 2021 के मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर्व के दौरान मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गुरुवार को 11फरवरी को जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी अपर पुलिस महानिदेशक प्रयागराज जोन प्रेम प्रकाश, आईजी परिक्षेत्र कवीन्द्र प्रताप सिंह एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रयागराज सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी मेला क्षेत्र में पैदल भ्रमण कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा ब्यवस्था का जायजा लिया एवं मेले में तैनात पुलिस इंस्पेक्टर और पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

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