Astrology: दिन में 5 मिनट निकालकर करें यह काम, आसानी से हो जाएगा बुध और चंद्रमा ग्रह को मजबूत करने का उपाय

दिन में 5 मिनट निकालकर करें यह काम, आसानी से हो जाएगा बुध और चंद्रमा ग्रह को मजबूत करने का उपाय

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- बुध को मजबूत करते ही आत्मविश्वास याददाश्त और बोलने में आने वाली समस्या होगी दूर
- कुंडली में चंद्रमा ग्रह को मजबूत करने से नौकरी और व्यापार में होने वाले विरोध को अपने आप किया जा सकता है दूर

ज्योतिष शास्त्र में कुंडली के ग्रहों को मजबूत करने के लिए किए जाने उपायों को लेकर बहुत से लोगों के पास समय का अभाव रहता है। ज्योतिष आचार्यों की माने तो अथर्ववेद में बहुत से ऐसे उपाय हैं जिन्हें 2 या 5 मिनट में पूरा किया जा सकता है। इन्हीं उपायों में से बुध और चंद्रमा ग्रह के उपाय सबसे प्रमुख है। कुंडली में इन दोनों ग्रहों को सामान्य किए जाने से आत्मविश्वास में बढ़ोतरी, याददाश्त बेहतर होने  का लाभ होता है । इसके साथ ही बोलने की हिचकिचाहट जैसी समस्याएं भी दूर होती हैं।

ज्योतिषाचार्य और वास्तु शास्त्री पंडित संतोष जी पाधा ने जानकारी दी कि कुंडली में मौजूद चंद्रमा और बुध के दोष को दूर किए जाने का सबसे सरल उपाय 5 मिनट में पूरा हो जाता है। इस उपाय को किए जाने से 53 दिन के भीतर बुध और चंद्रमा संबंधी दोष दूर हो जाते हैं। कुंडली में दोनों ही ग्रह सामान्य होने से व्यापार और नौकरी में सबसे अधिक लाभ होता है। बुध ग्रह ऐसे जातकों को सबसे ज्यादा मदद करता है जो अपनी बुद्धि और बोलने की क्षमता से रोजगार का सृजन करते हैं।

सामान्य भाषा में प्रोफेशनल कार्य करने वाले लोगों को बुध ग्रह को अपनी कुंडली में सबसे मजबूत ग्रह बनाना चाहिए। इसी तरह चंद्रमा को ज्योतिष शास्त्र में मन का कारक माना जाता है। ऐसे में चंद्रमा सामान्य भाव में मन संबंधी लाभ देता है। चंद्रमा को मजबूत करने से तनाव संबंधी समस्या दूर होती है। किसी बड़े प्रोजेक्ट को करते समय मन में होने वाला भाई और नकारात्मक प्रभाव भी चंद्रमा को मजबूत करके दूर किया जा सकता है।

यह करें उपाय : 
दोनों ग्रहों को यदि एक साथ सामान्य या मजबूत करना है तो ऐसे में रोजाना दिन में दो बार घर में गमलों में लगे पौधों को जल देना चाहिए। जल देते समय इस बात का ध्यान देना चाहिए की सुबह सूर्य की तपिश बढ़ने से पहले और शाम को सूर्यास्त से पहले रोजाना पौधों को जल दे दिया जाए। अथर्ववेद के अनुसार पौधों को जल देने से वे जितने हरे होंगे कुंडली में मौजूद चंद्रमा और बुध उतना ही मजबूत होगा।

पौधों को दे प्राथमिकता : 
यदि चंद्रमा और बुध को मजबूत करने के लिए पौधों को जल्द देने संबंधी उपाय कर रहे हैं तो कुछ खास पौधों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इन पौधों में तुलसी का पौधा सबसे प्रमुख पौधा माना गया है। तुलसी के पौधे के अलावा यदि संभव हो सके तो गमले में शमी और मदार का पौधा भी लगाया जा सकता है। यदि यह तीनों पौधे उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं तो ऐसे पौधों को गमलों में लगाएं जो कांटेदार ना हो।

यदि सूख रहे हैं पौधे : 
लगातार पौधों को जल देने के बावजूद यदि पौधे सूख रहे हैं तो इससे निराश होने की जरूरत नहीं है। ज्योतिष शास्त्र में ऐसा माना गया है कि जिस जातक का बुध और चंद्रमा कमजोर होता है उसके हाथ से लगे पौधे जल्दी-जल्दी सूखने लगते हैं। निराश होने के बजाय बार-बार पौधे लगाकर उन्हें जल देने का प्रयास करते रहे।

ऐसे दिखेगा परिणाम : 
यदि पौधे जल देने के 1 महीने के भीतर नई तरह से बढ़ने शुरू हो गए हैं उनमें नई नई पत्तियां आ गई है तो यह इस बात का संकेत है कि कुंडली में कमजोर बुध और चंद्रमा ग्रह अब सामान्य हो रहा है। ऐसी स्थिति में 81 दिन तक बगैर किसी बाधा के पौधों को जल देते रहना चाहिए। इससे नौकरी और व्यापार के साथ ही व्यक्तित्व में भी विकास आपको दिखाई देने लगेगा।

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