Basant Panchami 2021 : बसंत पंचमी और गुरु ग्रह के उदय के साथ बच्चों का है खास कनेक्शन, यह मिलन इस तरह से लाता है करियर में उछाल

बसंत पंचमी और गुरु ग्रह के उदय के साथ बच्चों का है खास कनेक्शन, यह मिलन इस तरह से लाता है करियर में उछाल

Tricity Today | Basant Panchami 2021

बसंत पंचमी पर्व के साथ ही गुरु ग्रह का उदय भी हुआ है। ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि बसंत पंचमी से ठीक पहले गुरु ग्रह के उदय होने से यह समय बच्चों के करियर के लिए काफी महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसी स्थिति में वास्तु संबंधी दोस्त को भी हटाए जाने का उपयुक्त समय है। इस तरह से छोटे-छोटे उपायों के जरिए बच्चों के भविष्य में बनने वाले कैरियर को लंबी उछाल दी जा सकती है।

ज्योतिषाचार्य और वास्तु शास्त्री पंडित संतोष जी पाधा ने जानकारी दी कि बसंत पंचमी और गुरु के मिलन से शिक्षा, विद्या और रोजगार की संभावनाओं को एकजुट किया जा सकता है। ऐसे में बच्चों में दिखने वाले क्रोध,शरारत, एकाग्रता में कमी, पढ़ाई के प्रति मन ना लगना सहित अन्य करियर में बाधा डालने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए भी उपाय किया जा सकता है। खास बात यह है कि इन उपायों को वास्तु संबंधित उपाय से जोड़कर बच्चों के भ्रम को भी दूर किए जाने का प्रयास किया जा सकता है। ऐसी राशियां जो गुरु ग्रह से सीधे प्रभावित होती हैं उनको भी सामान्य किए जाने संबंधी उपाय के लिए यह समय उपयुक्त माना जाता है।

यह रखें ख्याल : बसंत पंचमी के समय बच्चों के कैरियर संबंधी किए जाने वाले उपायों के समय यह खास ख्याल रखा जाता है कि उस वक्त बच्चों या उपाय करने वाले घर के सदस्य किसी भी तरह का तामसिक पदार्थ किया भोजन ग्रहण न करे। यदि बच्चों के अभिभावक उपाय कर रहे हैं तो ऐसे में इस बात का भी ख्याल रखें कि बसंत पंचमी वाले दिन घर में फिटकरी डालकर पोछा अवश्य लगाएं। इन बातों का ख्याल रखने के बाद ही बसंत पंचमी और गुरु ग्रह का उपाय फलीभूत साबित होगा।

यह करें उपाय : 

एकाग्रता बढ़ाने के लिए : बच्चे की एकाग्रता बढ़ाने के लिए बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का धागा बच्चे के गले में पहना दे। बच्चे को यह धागा 41 दिन तक पहनना होगा। 41 दिन ही बच्चे को लगातार हल्दी कुमकुम का टीका लगाकर ही घर के बाहर भेजें। विभिन्न कार्यों पर पढ़ाई के साथ बच्चे की एकाग्रता बढ़ेगी।

क्रोध संबंधी उपाय : यदि बच्चे को अत्याधिक क्रोध आता है तो ऐसी स्थिति में बसंत पंचमी के दिन महादेव के मंदिर में बच्चे के हाथों जलाभिषेक कराएं। जलाभिषेक के समय बच्चे के हाथों में हल्दी लगाकर पूजन करें। शिवजी पर होने वाले जलाभिषेक में भी हल्दी का प्रयोग करें। 9 सोमवार यह उपाय करने से बच्चे के क्रोध में कमी आएगी।

पढ़ाई में मन ना लगना : यदि बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता है। बार-बार कहने के बावजूद भी वह पढ़ाई से दूरी बनाता है। तो ऐसी स्थिति में बसंत पंचमी वाले दिन यह समस्या का उपाय करना बेहद जरूरी है। उपाय के रूप में बसंत पंचमी के दिन शुरुआत करते हुए बच्चे के कमरे का वास्तु दुरुस्त करें। बच्चे के कमरे के ईशान कोण पर चावल और पीले फूल एक पोटली में बांधकर जमीन से कम से कम 4 फीट ऊपर लटका दें। इसके अलावा बच्चे के कमरे में यदि काले रंग की कोई लकड़ी या लोहे की वस्तु लगी हुई है तो उसे हटा दें। ज्योतिषी उपाय के रूप में बच्चे को रोजाना सुबह स्थान के बाद हल्दी का तिलक लगाए लाभ हासिल होगा।

बच्चा शरारती है तो : यदि बच्चा अत्याधिक शरारत करता है तो बसंत पंचमी के दिन सरस्वती मां के आशीर्वाद से बच्चे की यह समस्या दूर करने का उपाय करें। माता रानी पर बच्चे के हाथों से बेर चढ़ाए। बच्चे को रोजाना मिश्री का सेवन कराएं। यदि संभव हो तो बच्चे को मोती की बाला या अंगूठी पहनाने से लाभ हासिल होगा।

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