महाशिवरात्रि : महादेव की अरघे के पास 30 सेकंड से अधिक नहीं रुक सकेंगे भक्त

महादेव की अरघे के पास 30 सेकंड से अधिक नहीं रुक सकेंगे भक्त

Tricity Today | मंदिर कमेटी ने की बैठक

  • -महाशिवरात्रि के लिए गाइडलाइन जारी 
  • -कानपुर के जागेश्वर महादेव मंदिर में प्रशासन और मंदिर कमेटी के बीच हुई बैठक
  • -मंदिर में सामाजिक दूरी से होगी महाशिवरात्रि
  • -12 सीसीटीवी की निगरानी में होंगे भक्त
महाशिवरात्रि के मौके पर भक्तों के बीच कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए मंदिर कमेटी की ओर से महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कानपुर के जागेश्वर महादेव मंदिर में प्रशासन और मंदिर कमेटी के बीच हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है कि भक्तों के बीच शिवरात्रि पर कढ़ाई के साथ कोरोना गाइडलाइन का पालन कराया जाएगा।

बैठक के दौरान पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, मंदिर प्रशासन और नागरिक सुरक्षा कोर से जुड़े सदस्य मौजूद रहे। इस बीच महाशिवरात्रि की तैयारियों पर जागेश्वर महादेव मंदिर के मंत्री प्राण श्रीवास्तव ने कोरोना गाइडलाइन के बारे में कहा कि मंदिर में सामाजिक दूरी का व्यवस्थित रुप से पालन हो सके इसके लिए यह निर्णय लिया गया है कि किसी भी भक्त को शिवजी के अरघे के पास 30 सेकंड से अधिक रुकने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए मंदिर में 80 से अधिक सेवक लगाए जाएंगे। यह सेवक मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर महादेव के अरघे तक भक्तों को व्यवस्थित करते रहेंगे। सुरक्षा को देखते हुए यह भी तय किया गया कि मंदिर में लगे 12 सीसीटीवी की निगरानी पुलिस प्रशासन की ओर से की जाएगी। मंदिर में आने वाले सभी भक्तों को संक्रमण मुक्त करने के लिए सैनिटाइजर का भी प्रयोग किया जाएगा।



एक लाख भक्तों की व्यवस्था : मंदिर प्रशासन की ओर से यह भी जानकारी दी गई है कि महाशिवरात्रि के दिन मंदिर प्रशासन की ओर से ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि उस दिन एक लाख भक्त पूरे दिन में बाबा के दर्शन के लिए आएंगे। ऐसे में सभी व्यवस्थाओं को भक्तों की इसी संख्या के आधार पर निर्धारित किया जा रहा है।

खुला दूध चढ़ाने की मनाही : मंदिर प्रशासन की ओर से यह निर्णय लिया गया है कि शिवरात्रि के दिन मंदिर में खुला दूध चढ़ाए जाने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। भक्त खुले दूध के बजाएं पैकेट में बंद दूध को चढ़ा सकते हैं। पैकेट में बंद दूध को चढ़ाए जाने के बाद मंदिर प्रशासन की ओर से महादेव पर चढ़े इस दूध को आर्थिक रुप से कमजोर लोगों को वितरित कर दिया जाएगा। मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन भक्तों की ओर से किए जाने वाले जलाभिषेक पूर्व की ही तरह होगा।

फूल वालों पर भी लगी रोक : सुरक्षा को देखते हुए महाशिवरात्रि के दिन भक्तों को केवल वे ही दुकानदार फूल भेज सकेंगे जो मंदिर की ओर से पंजीकृत है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भक्तों की ओर से चढ़ाए जाने वाले फूलों को तुरंत ही हटा लिया जाएगा। ऐसे में अन्य दुकानदार महाशिवरात्रि के दिन मंदिर के आसपास फूलों की दुकान नहीं लगा पाएंगे।

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