Mahashivratri 2021: जानिए अपनी राशि के अनुसार कैसे करें शिव का पूजन, संकट को महादेव करेंगे दूर

जानिए अपनी राशि के अनुसार कैसे करें शिव का पूजन, संकट को महादेव करेंगे दूर

Tricity Today | शिव का पूजन

Mahashivratri 2021: महाशिवरात्रि के मौके पर इस बार बुध राशि के परिवर्तन के साथ ही दो महा योग बन रहे हैं। 52 वर्षों बाद बने ग्रह की विशेष स्थिति पर मंत्रों और पूजन सामग्री का विशेष महत्व बढ़ गया है। ऐसे में ज्योतिष आचार्यों का मानना है कि यदि अपनी राशि के अनुसार शिव मंत्रों का उच्चारण करते हुए पूजन किया जाए तो उस पूजन का फल कई गुना बढ़ जाता है।



ज्योतिषाचार्य पंडित सुशील कृष्ण शास्त्री ने जानकारी दी कि महाशिवरात्रि का पर्व इस बार भक्तों के संकट दूर करने का पर्व बनकर कर आया है। ऐसे में अपनी राशि के अनुसार पूजन करना विशेष फलदाई सिद्ध होगा। विभिन्न पुराणों में भी राशि वार पूजन किए जाने की प्रक्रिया बताई गई है। शिवरात्रि पर्व पर विशेष ग्रहों के पूजन के लिए राशिवार उपाय करने से जीवन में व्याप्त और आने वाले संकट खुद ब खुद दूर हो सकेंगे।

  1. मेष राशि : शिव जी की पूजा के बाद 'ह्रीं ॐ नमः शिवाय ह्रीं' इस मंत्र का 108 बार जप करें। शहद, गु़ड़, गन्ने का रस, लाल पुष्प शिव जी के लिए चढ़ाएं।
  2. वृष राशि : इस राशि के व्यक्ति मल्लिकार्जुन का ध्यान करते हुए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करें और कच्चे दूध, दही, श्वेत पुष्प शिव जी को चढ़ाएं।
  3. मिथुन राशि : महाकालेश्वर का ध्यान करते हुए 'ॐ नमो भगवते रूद्राय' मंत्र का यथासंभव जप करें। हरे फलों का रस, मूंग, बेलपत्र शिव जी को चढाएं।
  4. कर्क राशि : शिव जी की कृपा प्राप्त करने के लिए 'ॐ हौं जूं सः' मंत्र का जितना संभव हो जप करें और शिवलिंग पर कच्चा दूध, मक्खन, मूंग, बेलपत्र आदि चढाएं।
  5. सिंह राशि : 'ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगंधि पुष्टिवर्धनम, उर्वारूकमिव बन्ध्नान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्.' यह मंत्र का कम से कम 51 बार जप करें, इसके साथ ही ज्योतिर्लिंग पर शहद, गु़ड़, शुद्ध घी, लाल पुष्प आदि चढाएं।
  6. कन्या राशि : 'ॐ नमो भगवते रूद्राय' मंत्र का यथासंभव जप करें। हरे फलों का रस, बिल्वपत्र, मूंग, हरे व नीले पुष्प शिव जी को चढाएं।
  7. तुला राशि : शिव पंचाक्षरी मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जप करें और दूध, दही, घी, मक्खन, मिश्री शिव जी को चढ़ाए।
  8. वृश्चिक राशि : ‘ह्रीं ॐ नमः शिवाय ह्रीं’ मंत्र का जप करें और शहद, शुद्ध घी, गु़ड़, बेलपत्र, लाल पुष्प शिवलिंग पर अर्पित करें।
  9. धनु राशि : इस राशि वाले 'ॐ तत्पुरूषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रूद्रः प्रचोदयात।।' इस मंत्र से शिव जी की पूजा करें, धनु राशि वाले मंत्र जाप के अलावा शिवलिंग पर शुद्ध घी, शहद, मिश्री, बादाम, पीले पुष्प, पीले फल चढ़ाएं।
  10. मकर राशि : त्रयम्बकेश्वर जी का ध्यान करते हुए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का 5 माला जप करें, इसके अलावा भगवान शिव जी का सरसों का तेल, तिल का तेल, कच्चा दूध, जामुन, नीले पुष्प से अभिषेक करें।
  11. कुंभ राशि : कुंभ राशि के स्वामी भी शनि देव हैं इसलिए इस राशि के व्यक्ति भी मकर राशि की तरह 'ॐ नमः शिवाय' का जप करें, जप के समय केदारनाथ जी का ध्यान करें, कच्चा दूध, सरसों का तेल, तिल का तेल, नीले पुष्प शिव जी के लिए चढाएं।
  12. मीन राशि : ॐ तत्पुरूषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रूद्र प्रचोदयात।। इस मंत्र का जितना अधिक हो सके जप करें, गन्ने का रस, शहद, बादाम, बेलपत्र, पीले पुष्प, पीले फल शिव जी के लिए चढाएं।

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