भाजपा विधायक संगीत सोम को मिली बड़ी राहत, सबूत नहीं मिलने पर एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में मंजूर

मुजफ्फरनगर दंगा: भाजपा विधायक संगीत सोम को मिली बड़ी राहत, सबूत नहीं मिलने पर एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में मंजूर

भाजपा विधायक संगीत सोम को मिली बड़ी राहत, सबूत नहीं मिलने पर एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में मंजूर

Google Image | भाजपा विधायक संगीत सोम को बड़ी राहत मिली है

भाजपा विधायक संगीत सोम को मिली बड़ी राहत, सबूत नहीं मिलने पर एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट में मंजूर
  • साल 2013 में मुजफ्फरनगर में दंगों में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी
  • 40,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए
  • केस की सुनवाई के दौरान मुख्य शिकायतकर्ता की मौत हो गई थी

 

मुजफ्फरनगर की एक विशेष अदालत ने साल 2013 में सांप्रदायिक दंगे से पहले सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो अपलोड करने के मामले में भाजपा विधायक संगीत सोम को राहत दे दी है। अदालत ने विधायक के खिलाफ चल रहे मुकदमें में उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) की 'क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार ली है। इस केस की सुनवाई के दौरान मुख्य शिकायतकर्ता की मौत हो गई थी।

क्लोजर रिपोर्ट पर आपत्ति नहीं दाखिल हुई
विशेष न्यायाधीश राम सुध सिंह ने सोमवार को इस मामले में आदेश जारी किया था। उन्होंने एसआईटी की ‘क्लोजर रिपोर्ट’ स्वीकार करते हुए कहा कि मामले में शिकायतकर्ता निरीक्षक सुबोध कुमार की मौत हो गयी। साथ ही क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ आपत्ति नहीं दाखिल की गयी है। अभियोजन के मुताबिक, एसआईटी ने अदालत में एक क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर कहा कि सरधना के विधायक संगीत सोम के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला। 

कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज था
अभियोजन पक्ष ने कहा कि जांच के दौरान एसआईटी ने सीबीआई के माध्यम से अमेरिका में स्थित फेसबुक मुख्यालय से सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो अपलोड करने वाले लोगों के विवरण मांगे थे। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा - 420 (जालसाजी), 153 ए (समूहों के बीच रंजिश फैलाने) और 120 बी (आपराधिक साजिश) तथा सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 66 के तहत संगीत सोम और करीब 200 अन्य लोगों के खिलाफ फेसबुक पर अपलोड वीडियो को लाइक करने के लिए 2 सितंबर, 2013 को मामला दर्ज किया था।

40 हजार लोग विस्थापित हुए थे
इन सभी पर दो युवकों की हत्या से जुड़े वीडियो को प्रसारित करने का आरोप लगा था। दरअसल इस वीडियो के बाद मुजफ्फरनगर तथा सटे जिलों में सांप्रदायिक तनाव फैला था। छानबीन के दौरान पाया गया कि वीडियो पुराना था और यह अफगानिस्तान या पाकिस्तान का था। साल 2013 में मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाके में दंगों में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। दंगों के बाद 40,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए।

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