चिटहैरा भूमि घोटाले के मास्टरमाइंड यशपाल तोमर के घर पर चला बुलडोजर

बड़ी खबर : चिटहैरा भूमि घोटाले के मास्टरमाइंड यशपाल तोमर के घर पर चला बुलडोजर

चिटहैरा भूमि घोटाले के मास्टरमाइंड यशपाल तोमर के घर पर चला बुलडोजर

Tricity Today | यशपाल तोमर के घर पर चला बुलडोजर

चिटहैरा भूमि घोटाले के मास्टरमाइंड यशपाल तोमर के घर पर चला बुलडोजर Greater Noida/Baghpat News : चिटहैरा भूमि घोटाले में लगातार कार्यवाही का दौर जारी है। अब रविवार की सुबह मेरठ और बागपत पुलिस ने संयुक्त अभियान के तहत इस भूमि घोटाले के मास्टरमाइंड और भूमाफिया यशपाल तोमर के घर पर बुलडोजर चलाया है। यशपाल तोमर की अवैध संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है। अपराधिक गतिविधियों के जरिए उसने दधनार्जन किया है। मेरठ पुलिस के एसपी आईपीएस विवेक यादव की अगुवाई में रविवार की सुबह भारी पुलिस फोर्स बागपत के बरवाला गांव में पहुंचा। वहां यशपाल तोमर के घर को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया है।

बागपत में हवेली बना रहा था यशपाल तोमर
आईपीएस विवेक यादव ने बताया, "यशपाल तोमर बरवाला गांव में करीब 4,000 वर्गमीटर जमीन पर एक हवेलीनुमा घर का निर्माण करवा रहा था। हमने जांच-पड़ताल की, जिसके आधार पर पता चला। आपराधिक गतिविधियों से हासिल पैसे से यह बड़ा घर बनाया जा रहा है। बरवाला गांव में उत्तराखंड एसटीएफ पहले ही उसकी संपत्ति को जब्त कर चुकी है। रविवार की सुबह अवैध धनार्जन करके बनाए जा रहे इस घर को ध्वस्त किया गया है। गांव में घोषणा की गई है। लोगों को बताया गया है कि यशपाल तोमर को उत्तराखंड, मेरठ और गौतमबुद्ध नगर में भूमाफिया घोषित कर दिया गया है। उसके खिलाफ दोनों राज्यों में गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा चुकी है। वह अभी जेल में बंद है।" एएसपी विवेक यादव ने आगे कहा, "हमने ग्रामीणों से अपील की हैकि यशपाल तोमर से भयाक्रांत होने की आवश्यकता नहीं है। उसके खिलाफ उपलब्ध दस्तावेज, साक्ष्य और जानकारियां हमें उपलब्ध करवा सकते हैं।"

27 नवंबर 2021 को ट्राईसिटी टुडे ने किया था पूरे मामले का खुलासा
करीब 4 दशक पहले चिटहेरा गांव में दलितों और भूमिहीनों के नाम पर पट्टे आवंटित किए गए। यह आवंटन पत्रावली रद्द कर दी गई थी। इसके बाद तहसील में रखे दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया। मतलब, किसी आवंटी को ग्राम पंचायत समिति ने आधा बीघा जमीन दी थी, दस्तावेजों में कटिंग और गड़बड़ियां करके उनके नाम कई-कई बीघा जमीन दर्ज कर दी गई। इसके बाद माफिया ने दूसरे जिलों से एससी और एसटी जातियों से ताल्लुक रखने वाले लोगों को चिटहेरा का मूल निवासी बताकर रजिस्ट्री और एग्रीमेंट करवाए। जब तक यह जमीन चिटहेरा गांव के दलितों के नाम थी, उन्हें तहसील प्रशासन ने संक्रमणीय भूमिधर घोषित नहीं किया। जैसे ही जमीन बाहरी लोगों के नाम दर्ज हुई, उन्हें संक्रमणीय भूमिधर घोषित कर दिया गया। ट्राईसिटी टुडे ने शीर्षक "बड़ा खुलासा : ग्रेटर नोएडा में अरबों की सरकारी जमीन माफिया ने हड़पी, किसानों को फर्जी मुकदमों में जेल भिजवाया, नोएडा एसटीएफ ने जांच शुरू की" से पहला समाचार प्रकाशित किया था।

13 मई 2022 को दादरी में 153 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी कुर्क
13 मई 2022 की सुबह मेरठ पुलिस के एएसपी विवेक यादव लाव-लश्कर के साथ दादरी पहुंचे और भूमाफिया यशपाल तोमर की 135 करोड़ रुपए की संपत्ति को कुर्क किया थी। यशपाल तोमर ने 18 पट्टों के भूखंड अपने नौकर कर्मवीर के नाम किए हुए थे। कर्मवीर के नाम 52 बीघा जमीन थी, जिसकी बाजार में कीमत करीब 31.51 करोड़ रुपए है। यशपाल तोमर ने अपने दूसरे नौकर कृष्णपाल के नाम 53 बीघा जमीन की थी। जिसकी कीमत आज के समय में 31.71 करोड़ रुपए है। इसके अलावा तीसरे नौकर के नाम 30 बीघा जमीन की हुई थी, जिसकी कीमत करीब 16 करोड़ रुपये है। 

18 अप्रैल 2022 को 153 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई
यशपाल तोमर के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई 18 अप्रैल 2022 को सबसे पहले हुई थी। 18 अप्रैल को उत्तराखंड एसटीएफ की टीम ने यशपाल तोमर की 153 करोड़ों रुपए की संपत्ति को जब्त किया था। उस दौरान उत्तराखंड एसटीएफ चिटहेरा गांव में भी पहुंची थी और यहां पर यशपाल तोमर की 63 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी को सीज किया था, जो जमीन 1.3736 हैक्टेयर है। उसी दिन उत्तराखंड एसटीएफ ने हरियाणा से लेकर दिल्ली, बागपत और ग्रेटर नोएडा में 153 करोड़ रुपए की संपत्ति को सीज किया था। जिसमें इसकी कई लग्जरी कार और समेत बुलेट प्रूफ गाड़ियां भी शामिल थीं। बागपत के बरवाला गांव और गाजियाबाद के लोनी में 16 करोड़ रुपए की संपत्ति को सील किया गया था। जो इसकी पत्नी अंजना तोमर के नाम थी। इसके अलावा हरिद्वार में 72 करोड़ रुपए की संपत्ति को सील किया गया था, यह प्रॉपर्टी यशपाल के साले अरुण कुमार के नाम पर थी। यशपाल तोमर के भाई के नाम पर बागपत में करीब 20 लाख रुपए से ज्यादा की संपत्ति थी, जिसे उत्तराखंड टीम ने 18 अप्रैल को सील किया था। इसके अलावा एक इनोवा कार, दो फॉर्च्यूनर कार और 5 बैंक खातों को सीज किया गया था।

25 अप्रैल 2022 को 1.18 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क हुई
उसके बाद 25 अप्रैल 2022 को गौतमबुद्ध नगर के चिटहेरा गांव में अरबों रुपये के भूमि घोटाले को अंजाम देने वाले भूमाफिया यशपाल तोमर के खिलाफ बागपत में बड़ी कार्यवाही हुई। बागपत पुलिस ने 25 अप्रैल को 1.18 करोड़ रुपए कीमत की संपत्ति को कुर्क किया था। जिसमें 18 बीघा कृषि भूमि, बरवाला गांव के दो आवासीय प्लॉट और मकान शामिल थे। यह डीएम हरिद्वार के आदेश पर पुलिस ने कार्यवाही की थी। यह कार्यवाही यशपाल तोमर के पैतृक गांव बरवाला में हुई थी।

5 मई 2022 को 11 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त
यशपाल तोमर के खिलाफ 5 मई को कार्रवाई हुई। बीते 5 मई 2022 को उत्तर प्रदेश शासन के आदेश पर यशपाल तोमर की लोनी रेल विहार कॉलोनी में करीब साढ़े 11 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की गई। इस समय भारी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौजूद रहे।

अरबों रुपए के घोटाले की पोल 'ट्राईसिटी टुडे' ने खोली
ग्रेटर नोएडा के चिटहेरा गांव में अरबों रुपए की सरकारी जमीन माफिया यशपाल तोमर ने हड़प ली है। 'ट्राईसिटी टुडे' की जांच में यह भी पता चला कि इस घोटाले में कई स्थानीय नेताओं के कनेक्शन जुड़े हुए हैं। जिनके दम पर सैकड़ों करोड़ रुपए का यह घोटाला किया गया है। दादरी तहसील में तैनात रहे कई प्रशासनिक अधिकारी भी इस घोटाले में शामिल हैं। इतना ही नहीं दलितों और किसानों के पट्टों से जुड़े तहसील के राजस्व रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर हेराफेरी करके यह पूरा खेल हुआ है। गांव के जिन लोगों ने इसका विरोध किया, उनके खिलाफ दूसरे राज्यों में फर्जी मुकदमे दर्ज करवाए गए और जेल भिजवा दिया गया। 'ट्राईसिटी टुडे' ने इस मामले को काफी गंभीरता से उठाया था। जिसके बाद ना ही केवल पुलिस बल्कि गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन, यूपी एसटीएफ, उत्तराखंड एसटीएफ से लेकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश हाईकमान तक हड़कंप मच गया था। जिसके बाद एक के बाद एक विभाग ने 'ट्राईसिटी टुडे' की खबर के आधार पर जांच शुरू कर दी थी।

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