योगी से मिले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, सुलझ सकते है दोनों राज्यों के बीच 20 वर्ष से लंबित संपत्ति विवाद

Uttar Pradesh : योगी से मिले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, सुलझ सकते है दोनों राज्यों के बीच 20 वर्ष से लंबित संपत्ति विवाद

योगी से मिले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, सुलझ सकते है दोनों राज्यों के बीच 20 वर्ष से लंबित संपत्ति विवाद

Social Media | Pushkar Singh Dhami meets Yogi Adityanath

योगी से मिले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, सुलझ सकते है दोनों राज्यों के बीच 20 वर्ष से लंबित संपत्ति विवाद Uttar Pradesh : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने दो दिवसीय लखनऊ दौरे पर आज उत्तर प्रदेश के मुख्यामंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच दोनों राज्यों के, लम्बे समय से चले आ रहे सम्पति विवाद पे चर्चा होना संभव है। 

उत्तराखंड राज्य बनने के 20 वर्ष बाद भी यूपी ने अभी तक कई सम्पत्तियाँ उत्तराखंड को हस्तांतरित नहीं की है। इसी विवाद के निपटारे को लेकर पुष्कर सिंह धामी का यह दौरा एहम माना जा रहा है। आज की बैठक में सीएम धामी सिंचाई, ऊर्जा, परिवहन, कृषि, आवास विकास, खाद्य और नागरिक आपूर्ति, वन और कृषि विभागों के लंबित मुद्दों पर चर्चा कर सकते है। वहीं सीएम धामी के साथ कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, मुख्य सचिव एसएस संधू और सचिव पुनर्गठन रंजीत सिन्हा भी लखनऊ पहुंच चुके हैं।  

वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से ही भी संपत्ति के बंटवारे का मामला अभी तक सुलझा नहीं सका है।  इस संबंध में आखिरी बैठक अगस्त 2019 में हुई थी, हालांकि इस बैठक में कई मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन ज्यादातर मुद्दों में सहमति नहीं बन पाई। जिस कारण एक बार फिर संपत्ति उत्तराखंड को हस्तांतरित नहीं की जा सकी।

सिंचाई विभाग के अंतर्गत हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और चंपावत में आने वाली करीब 1315 हेक्टेयर जमीन पर दोनों राज्यों के बीच फैसला होना है।  इसके साथ ही उत्तराखंड को 351 भवनों को स्थानांतरित करने आज दोनों राज्यों के बीच बातचीत हो सकती है।  जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश ने अभी तक उत्तराखंड को हरिद्वार में सिंचाई के लिए गंगानहर से 665 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने की मंजूरी नहीं दी है।  

इसके अल्वा, ऊर्जा निगम ने मनेरी-भाली जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम से 420 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था। पर उस समय इसका  इसका उपयोग अन्य कार्यों के लिए किया गया, अब यह राशि उत्तर प्रदेश को उत्तराखंड को लोटनी है। रामगंगा बांध, शारदा नहर, खटीमा पावर हाउस, मोहम्मदपुर पावर हाउस में बिजली उत्पादन में आ रही समस्याओं समेत ऐसे ही और कई एहम मुद्दों पे चर्चा होनी है।  

अगर इस बार दोनों राज्यों के बीच सहमति बन जाती है तो न केवल लम्बे समय से चला आ रहा विवाद ख़तम होगा।  बल्की दोनों राज्यों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। 
 

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