गोंडा हनीट्रैप अपहरण केस : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसटीएफ और पुलिस टीम को दो लाख रुपये का इनाम दिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसटीएफ और पुलिस टीम को दो लाख रुपये का इनाम दिया

Google Image | गोंडा हनीट्रैप अपहरण केस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा अपहरण कांड सुलझाने वाली एसटीएफ और पुलिस टीम को 2 लाख का इनाम देने की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स एसटीएफ और गोंडा पुलिस ने शुक्रवार को एक बड़े अपहरण मामले का खुलासा किया था। अपहरणकर्ताओं ने अगवा मेडिकल छात्र के पिता से 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। 18 जनवरी को गोंडा से अगवा किए गए मेडिकल छात्र को गुरुवार की रात नोएडा में एक मुठभेड़ के दौरान बरामद किया गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस और एसटीएफ ने तीन अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। उनके दो अन्य साथी संतकबीर नगर से गिरफ्तार किए गए हैं। 

गोंडा के पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गत 18 जनवरी को अगवा किए गए मेडिकल छात्र गौरव हालदार को गोंडा पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त अभियान के तहत गुरुवार को देर रात नोएडा के एक्सप्रेसवे थाना क्षेत्र में एक मुठभेड़ के बाद मुक्त करा लिया। इस दौरान पुलिस और एसटीएफ ने तीन अपहरणकर्ताओं डॉक्टर अभिषेक सिंह, नितेश और मोहित सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से एक पिस्टल, चार कारतूस, एक कार और नशे के इंजेक्शन बरामद किये हैं। इस बीच, गिरोह के दो अन्य सदस्यों को संत कबीर नगर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस कुछ अन्य की तलाश कर रही है।

बताते चलें कि बहराइच जिले के पयागपुर थाना क्षेत्र के काशीजोत के सत्संग नगर कॉलोनी के रहने वाले डॉक्टर निखिल हालदार का बेटा गौरव गोंडा के एससीपीएम कॉलेज में बीएएमएस प्रथम वर्ष का छात्र है। गौरव कॉलेज के हॉस्टल में रहता है और अचानक 18 जनवरी की शाम तकरीबन चार बजे कॉलेज से लापता हो गया था। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने डॉ निखिल के मोबाइल फोन पर 19 जनवरी को गौरव की रिहाई के लिए 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। 
   
पूछताछ मे अभियुक्त डॉक्टर अभिषेक सिंह ने बताया कि वह इस पूरे अपहरण काण्ड का मास्टरमाइंड है। वह दिल्ली के नजफगढ़ स्थित रालो अस्पताल में काम करता है और इसी अस्पताल में डॉ प्रीति मेहरा भी काम करती हैं। उसने प्रीति के जरिए गौरव को कॉल करना शुरू किया। दो-तीन दिन में गौरव उनसे गोंडा में किसी स्थान पर मिलने के लिए राजी हो गया। 

अभिषेक 18 जनवरी की सुबह दिल्ली से अपने साथियों रोहित, मोहित सिह, नीतेश और डॉक्टर प्रीति मेहरा के साथ कार से लखनऊ पहुंचा। यहां से रोहित कार से उतरकर बस से गोरखपुर चला गया। अन्य चारों लोग दोपहर में गोंडा पहुंचे। फिर प्रीति ने एक राहगीर के मोबाइल से फोन करके गौरव को बुला लिया। आरोपियों ने गौरव को जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद अभिषेक सिंह ने गौरव को नशे का इंजेक्शन दिया और उसे दिल्ली ले गए।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने गौरव हालदार को दिल्ली में डाक्टर अभिषेक सिंह के फ्लैट में रखा था। आरोपी उसे हर थोड़े वक्त पर नशे का इंजेक्शन देते रहे। नितेश और रोहित ने गौरव के परिजन से कॉल करके 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर के थाना एक्सप्रेस-वे में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस सफलता से खुश हो कर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने पुलिस टीम को दो लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। देवीपाटन परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक राकेश सिंह ने भी पुलिस टीम को बधाई दी है।

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