तकनीकी खेती आज की आवश्यकता, कम लागत और उत्पादकता को बढ़ा सकते हैं किसान

गोरखपुर में योगी बोले- तकनीकी खेती आज की आवश्यकता, कम लागत और उत्पादकता को बढ़ा सकते हैं किसान

तकनीकी खेती आज की आवश्यकता, कम लागत और उत्पादकता को बढ़ा सकते हैं किसान

Tricity Today | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

तकनीकी खेती आज की आवश्यकता, कम लागत और उत्पादकता को बढ़ा सकते हैं किसान Gorakhpur : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गोरखपुर के महन्त दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित मण्डलीय रबी उत्पादकता समीक्षा गोष्ठी (गोरखपुर, बस्ती, आज़मगढ़ एवं देवीपाटन मण्डल) का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के अन्तर्गत लगभग 15 लाभार्थियों को सब्सिडी आदि के प्रमाण पत्र वितरित किए। इस मौके पर कृषि विभाग की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

“प्रदेश में 12 फीसदी भूमि”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश, देश की सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है। यहां पर खेती-किसानी आमदनी का एक प्रमुख जरिया रही है। देश और दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि एवं सबसे अच्छा जल संसाधन प्रदेश में मौजूद है। प्रदेश में 12 फीसदी भूमि है, लेकिन देश के खाद्यान्न उत्पादन का 20 फीसदी उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश करता है। रबी की फसल प्रदेश के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। गेहूं उत्पादन में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। रबी की अन्य फसलों में भी उत्तर प्रदेश की बड़ी भूमिका है।

कृषि क्षेत्र में जितना पोटेंशियल उत्तर प्रदेश में है उसे तिगुना बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए कुछ सावधानियों को ध्यान में रखना पड़ेगा, जैसे समय पर बीज बोना, अच्छी क्वालिटी का बीज हो तथा तकनीक का उपयोग किया जाए। इसके माध्यम से खेती-किसानी के कार्य को आगे बढ़ाएंगे तो कम लागत में उत्पादकता बढ़ाने में सफलता प्राप्त होगी।

“आमदनी को दुगुना करने का अभियान”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बार-बार इन्हीं चीजों पर ध्यान देने के लिए व्यापक पैमाने पर कार्यक्रम भी चलाये जाते है। किसानों की आमदनी को दुगुना करने का अभियान इसी का हिस्सा है। समय पर बीज, खाद, पानी तथा तकनीक, हर जनपद में कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि वैज्ञानिकों के साथ किसानों को जोड़ना यह सभी चीजों अगर एक साथ हों जायें और सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गयी योजनाओं-सुविधाओं से किसान अपनी आमदनी दोगुनी कर सकते हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के 4 मण्डलों-गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ तथा देवीपाटन मण्डल के प्रगतिशील किसानों को यहां रबी गोष्ठी में बुलाकर इस कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है।

“निशुल्क सिंचाई की सुविधा”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार देश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को जोड़ने का कार्य हुआ है। प्रदेश में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से विगत 5 वर्षाें में 21 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई की सुविधा प्रदान की गयी है। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना से देवीपाटन, बस्ती और गोरखपुर मण्डल कमिश्नरी क 9 जनपद जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अन्तर्गत सोलर पम्प के माध्यम से हर किसान अपने खेत में बिना बिजली व डीजल खर्च किए निशुल्क सिंचाई की सुविधा प्राप्त कर सकता है।

तकनीकी खेती आज की आवश्यकता : सीएम
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कृषकगण कृषि योजनाओं के बारे में जागरूक हों, क्योंकि तकनीकी खेती आज की आवश्यकता है। इसे दो प्रकार से कर सकते हैं-एक तो तकनीक जो एक परम्परागत रूप से कृषि वैज्ञानिकों के माध्यम से की जाती है और दूसरा प्राकृतिक खेती के माध्यम से जो जीरो बजट खेती है। गो-आधारित खेती है। इसके बहुत अच्छे परिणाम आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी जागरूकता हमें खेती की लागत को कम करने और उत्पादकता को बढ़ाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती है। उन्होंने कहा कि जानकारी और अनुभवों का साझा करने, आधुनिक जानकारियों और तकनीक का उपयोग करते हुए लागत को कम करने और उत्पादकता को बढ़ाने हमें मदद मिल सकती है।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना
योगी ने कहा कि जब देश-दुनिया कोरोना महामारी से त्रस्त व पस्त थी, तब कृषि सेक्टर ही अकेला ऐसा सेक्टर था, जहां पर अन्नदाता किसानों ने विपत्ति के समय दुनिया को निराश नहीं होने दिया। किसान लगातार मेहनत करते रहे। प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ के माध्यम से हर गरीब को निशुल्क राशन उपलब्ध करवाने का काम किया। अन्नदाता किसानों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिये एमएसपीका लाभ दिया गया। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया गया कि कोरोना जैसी महामारी के कारण अगर किसी के रोजगार व नौकरी पर असर पड़ा है, तो उसको भोजन के संकट का सामना न करना पड़े। इसके लिये निःशुल्क राशन की सुविधा उपलब्ध करायी गयी। देश के 80 करोड़ तथा उत्तर प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को निशुल्क राशन की सुविधा उपलब्ध करवाने का कार्य किया गया। लोक कल्याणकारी सरकार का यही कार्य होता है। कोरोना काल खण्ड में सरकार ने प्रदेश की 119 चीनी मिलों का संचालन सुनिश्चित कराया। प्रदेश सरकार विगत साढ़े पांच वर्षाें के दौरान किसानों को लगभग 01 लाख 80 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान कराने में सफल रही।

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