सहारनपुर देहात सीट पर सरकार से ज्यादा विपक्ष का विरोध, VIDEO

कौन जीतेगा यूपी : सहारनपुर देहात सीट पर सरकार से ज्यादा विपक्ष का विरोध, VIDEO

सहारनपुर देहात सीट पर सरकार से ज्यादा विपक्ष का विरोध, VIDEO

Tricity Today | कौन जीतेगा यूपी

सहारनपुर देहात सीट पर सरकार से ज्यादा विपक्ष का विरोध, VIDEO कौन जीतेगा यूपी : हम वेस्ट यूपी के 14 जिलों में 70 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वोटरों से बस एक सवाल है, कौन जीतेगा यूपी? यह सिलसिला लगातार जारी है और अब हम आपको सहारनपुर देहात विधानसभा क्षेत्र में लेकर चलते हैं। इस सीट पर फिलहाल कांग्रेस का कब्जा है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में सहारनपुर ऐसा इकलौता जिला है, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 2 सीटों पर जीत हासिल की थी। देहात सीट से कांग्रेस के विधायक मसूद अख्तर हैं। आपको यह भी बता दें यह सीट आजादी के बाद ही अस्तित्व में आ गई थी और वर्ष 2008 में हुए परिसीमन में भी इसे बरकरार रखा गया।



सहारनपुर जिले के कई दिग्गज नेता, मसलन मंजूर उल नबी, ब्रह्मदत्त मेयर, अब्दुल खालिक, सरदार कुलतर सिंह, वीरेंद्र सिंह और लालकृष्ण गांधी जैसे नेता यहां से लखनऊ विधानसभा में पहुंचते रहे। अगर आप गौर फरमाएंगे तो सहज रूप से अंदाजा लगा पाएंगे कि इस सीट ने हिंदू, मुस्लिम और सिख जनप्रतिनिधि दिए हैं।

इस सीट से और भी कई दिलचस्प तथ्य जुड़े हुए हैं। मसलन, आजादी के बाद वर्ष 1962 में हुए तीसरे ही विधानसभा चुनाव में यहां कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था और ब्रह्मदत्त मेयर निर्दलीय चुनाव जीत है थे। इसके बाद जनसंघ, जनता पार्टी, जनता दल, समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी इस सीट पर काबिज रहे। वर्ष 1985 के बाद पिछले चुनाव यानी 2017 में 32 साल बाद कांग्रेस ने इस सीट पर वापसी की है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मसूद अख्तर ने बहुजन समाज पार्टी के जगपाल सिंह को करीब 6 फ़ीसदी मतों से पराजित किया था।

पिछली बार इस सीट पर मतदाताओं की संख्या 3,17,413 थी। मतदान में 2,37,475 यानी 74.82 फ़ीसदी वोटरों ने हिस्सा लिया था। यह सीट कांग्रेस ने बहुजन समाज पार्टी से छीनी थी। मसूद अख्तर को 87,689 मत मिले थे। जबकि बसपा प्रत्याशी जगपाल सिंह को 75,365 मत मिले थे। खास बात यह थी कि सहारनपुर जिले में यह अकेली विधानसभा सीट है, जहां पिछले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी तीसरे नंबर पर रही थी। भाजपा के मनोज चौधरी को केवल 58,752 वोट मिले थे।

सहारनपुर देहात सीट पर आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बात करें तो भारतीय जनता पार्टी के लिए राह आसान नहीं रहेगी। दरअसल, इस सीट पर मुख्य रूप से दलित और अल्पसंख्यक वोटों का दबदबा है। इस बार समाजवादी पार्टी की तरफ अल्पसंख्यक वोटरों का अच्छा खासा रुझान नजर आ रहा है। लिहाजा, समाजवादी पार्टी मजबूती के साथ इस सीट पर उभरेगी। दूसरी ओर इमरान मसूद और मसूद अख्तर की जुगलबंदी भी अल्पसंख्यक मतदाताओं को आकर्षित करेगी। कुल मिलाकर कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच इस सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिल सकता है। अगर संभावित उम्मीदवारों की बात करें तो मौजूदा विधायक के अलावा अभी किसी भी पार्टी से दावेदार का नाम साफ तौर पर सामने नहीं आया है। कल हम आपको एक और सीट की जनता और उसके मुद्दों से रूबरू करवाएंगे।

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