मुलाकात : श्रीचंद शर्मा, हरिसिंह ढिल्लों और उमेश द्विवेदी योगी आदित्यनाथ से मिले, शिक्षकों के इन मुद्दों पर हुई चर्चा

श्रीचंद शर्मा, हरिसिंह ढिल्लों और उमेश द्विवेदी योगी आदित्यनाथ से मिले, शिक्षकों के इन मुद्दों पर हुई चर्चा

Tricity Today | श्रीचंद शर्मा, हरिसिंह ढिल्लों और उमेश द्विवेदी योगी आदित्यनाथ से मिले

उत्तर प्रदेश में मेरठ, मुरादाबाद और लखनऊ की स्नातक-शिक्षक एमएलसी सीट से जीतकर विधान परिषद पहुंचे श्रीचंद शर्मा, हरि सिंह ढिल्लों और उमेश द्विवेदी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान तीनों विधान परिषद सदस्यों ने शिक्षकों और स्नातकों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की है। इस बारे में पंडित श्रीचंद शर्मा ने जानकारी दी है।

श्रीचंद शर्मा ने बताया कि हम तीनों लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने मुख्य रूप से आठ मांग रखी हैं। हमने मुख्यमंत्री को बताया है कि वित्तविहीन शिक्षकों की नियुक्ति में अंशकालिक शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। इसे हटाया जाना चाहिए। इनके लिए सेवा नियमावली बनाई जाए। शिक्षक भर्ती में वित्त विहीन विद्यालयों के अध्यापकों को अनुभव के आधार पर अतिरिक्त भारांक दिए जाने चाहिए। तदर्थ शिक्षक लंबे समय से राजकोष से वेतन प्राप्त कर रहे हैं। उन्हें मानवीय दृष्टिकोण से न्याय देते हुए विनियमित किया जाना चाहिए। इससे राजकोष पर कोई अतिरिक्त भार भी नहीं पड़ेगा। एडेड और राजकीय शिक्षकों के समान ही वित्तविहीन शिक्षक भी पूरे मनोयोग से शिक्षा व्यवस्था में पूर्ण योगदान कर रहे हैं। इन्हें भी सम्मानजनक जीवन व्यतीत करने के लिए आर्थिक पैकेज दिया जाना चाहिए।

श्रीचंद शर्मा ने आगे कहा, "हमने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरह ही प्राथमिक कक्षाओं को भी उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से जोड़ा जाए। इससे एकीकरण होगा और शिक्षा की गुणवत्ता बनाने में राज्य सरकार को मदद मिलेगी। कक्षा 9 से 12 की तरह कक्षा एक से 8 तक के छात्र-छात्राओं का ऑनलाइन पंजीकरण करवाया जाए। उत्तर प्रदेश के अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों को अनुदान पर लेकर उनमें कार्यरत अनुमोदित शिक्षकों को नियमित किया जाना चाहिए।" श्री चंद शर्मा ने बताया कि वर्तमान में लागू नई पेंशन प्रणाली की समीक्षा करके कटौती से अर्जित धन राशि को कर्मचारियों की सहमति से निवेश किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सेवानिवृत्त होने पर कर्मचारी किसी भी दशा में उसके अंतिम वेतन के 50% से कम नहीं होनी चाहिए। शर्मा ने बताया कि इन सभी मांगों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ विचार-विमर्श किया है। उन्होंने जल्दी ही इन मांगों पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।

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