मानव तस्करी रोकने के लिए बनी रणनीति, भारत-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों में चलेगा अभियान

तैयारी: मानव तस्करी रोकने के लिए बनी रणनीति, भारत-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों में चलेगा अभियान

मानव तस्करी रोकने के लिए बनी रणनीति, भारत-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों में चलेगा अभियान

Tricity Today | महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन (1090) करेगी मदद

मानव तस्करी रोकने के लिए बनी रणनीति, भारत-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों में चलेगा अभियान Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में मानव तस्करी रोकने के लिए महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन (1090) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) मिलकर काम करेंगे। दोनों संगठन एक दूसरे से समन्वय बनाकर इस अपराध से निपटेंगे। इसमें तैनात कर्मचारियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण भी दिलाया जायेगा। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के सभागार में मंगलवार को दो दिवसीय कार्यशाला के समापन अवसर पर यह निर्णय लिया गया। इस कार्यालय में इस तस्करी को रोकने के लिये कई बिन्दुओं पर चर्चा की गई। 


मानव तस्करी रोकने पर हुई चर्चा
कार्यशाला में मुख्य अतिथि एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने यूपी पुलिस और एसएसबी के जवानों का उत्साह बढ़ाया और मानव तस्करी रोकने के लिये महकमे को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशाला से जवानों की कार्यक्षमता बढ़ती है। लिहाजा ऐसे आयोजन होते रहने चाहिये। इस कार्यशाला में महिलाओं व बच्चों पर इसके प्रभाव व रोकथाम पर चर्चा के अलावा नेपाल सीमा पर होने वाली गतिविधियों के बारे में भी बात हुई। 

कई अफसर रहे मौजूद
इस कार्यशाला में भारत-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों पीलीभीत, लखीमपुर, बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती और महाराजगंज के 45 अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया। इसमें विशेषज्ञ के तौर पर सुप्रीम कोर्ट के वकील रविकांत और गोवा की अर्ज संस्था के संस्थापक अरुण पाण्डेय मौजूद रहे। इसके अलावा एडीजी 1090 नीरा रावत, आईजी एसएसबी रत्न संजय, डीआईजी रविशंकर छवि, एसपी 1090 अंलकृता सिंह, एएसपी वीरेन्द्र कुमार, नीति द्विवेदी समेत कई अफसर मौजूद रहे।

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