गन्ना मूल्य भुगतान में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बनाया रिकॉर्ड, अब इन चीनी मिलों पर कार्रवाई की तैयारी

बड़ी खबर: गन्ना मूल्य भुगतान में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बनाया रिकॉर्ड, अब इन चीनी मिलों पर कार्रवाई की तैयारी

गन्ना मूल्य भुगतान में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बनाया रिकॉर्ड, अब इन चीनी मिलों पर कार्रवाई की तैयारी

Tricity Today | समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

गन्ना मूल्य भुगतान में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बनाया रिकॉर्ड, अब इन चीनी मिलों पर कार्रवाई की तैयारी
  • वर्तमान सरकार अब तक 1 लाख 42 हजार 650 करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का भुगतान कर चुकी है
  • 45 लाख गन्ना किसानों को मिला भुगतान
  • पेराई सत्र 2020-2021 में प्रदेश में कुल 120 चीनी मिलों का संचालन हुआ
Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने बकाये गन्ना मूल्य का भुगतान अविलम्ब कराए जाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि डिफॉल्टर चीनी मिलों से गन्ना किसानों के बकाया मूल्य का तत्काल भुगतान कराया जाए। गन्ना किसानों के हितों की अनदेखी करने वाली चीनी मिलों के प्रबन्धन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। राज्य सरकार गन्ना किसानों के हित में हर सम्भव कदम उठा रही है। शनिवार, 11 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सरकारी आवास पर गन्ना किसानों के भुगतान के सम्बन्ध में समीक्षा कर रहे थे। उस दौरान उन्होंने ये बातें कहीं।

45 लाख गन्ना किसानों का हुआ भुगतान
सीएम आदित्यनाथ ने कहा, वर्तमान सरकार अब तक 1 लाख 42 हजार 650 करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का भुगतान 45 लाख गन्ना किसानों को कर चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना काल में भी चीनी मिलें चलती रहीं। साथ ही रमाला, मुण्डेरवा व पिपराइच में नई चीनी मिलों की स्थापना की गई। खाण्डसारी उद्योग में लाइसेंस की व्यवस्था को समाप्त किया गया। समीक्षा बैठक के दौरान अफसरों ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को बताया कि पेराई सत्र 2020-2021 में प्रदेश में कुल 120 चीनी मिलों का संचालन हुआ। इनसे की गई गन्ना खरीद 1,028 लाख टन के सापेक्ष 33,025 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य देय हुआ। इस लक्ष्य के सापेक्ष चीनी मिल 27,750 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर चुके हैं। 

पिछले 50 वर्ष में सबसे तेज भुगतान
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में गन्ना किसानों को तेजी से भुगतान हुआ है। राज्य में पिछले 50 वर्षों में अब तक का सबसे अधिक गन्ना मूल्य का रिकॉर्ड भुगतान तेजी के साथ किसानों को किया गया है। जबकि चीनी की संस्थागत खरीद व प्राप्ति में कमी आयी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से गन्ना किसानों के लिए उठाए गए कदमों के कारण यह रिकॉर्ड भुगतान किया जाना सम्भव हो सका है। इसके अतिरिक्त शीरा, एथेनॉल, बगास तथा प्रेसमड के कारण भी यह भुगतान करने में सहायता मिली है। प्रदेश में शीरा या गन्ने का रस से निर्मित एथेनॉल के उत्पादन और विक्रय होने से सैनिटाइजर का निर्माण व्यापक स्तर पर हुआ। इससे भी गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी आयी।

53 मिलों ने दिया पैसा
अफसरों ने बताया कि कुल 53 चीनी मिलों ने पेराई सत्र 2020-2021 का शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया है। 67 चीनी मिलों का आंशिक गन्ना मूल्य भुगतान लम्बित है। इनमें से अधिकतर चीनी मिलों के पास सीसीएल नहीं है। यह मिलें चीनी तथा अन्य उत्पादों की बिक्री से प्राप्त धनराशि से गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। वर्तमान सरकार ने एस्क्रो एकाउण्ट खोला। जिसे चीनी मिल प्रतिनिधि और जिला गन्ना अधिकारी, वरिष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक संयुक्त रूप से संचालित करते हैं। इस एकाउण्ट की 85 प्रतिशत धनराशि किसानों के भुगतान के लिए सुनिश्चित की गयी है। इससे गन्ना किसानों का भुगतान आसानी से हो रहा है।

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