5,600 किसानों ने दी भूमि अधिग्रहण को मंजूरी, खुशियों भरी रही किसानों की दीवाली

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट : 5,600 किसानों ने दी भूमि अधिग्रहण को मंजूरी, खुशियों भरी रही किसानों की दीवाली

5,600 किसानों ने दी भूमि अधिग्रहण को मंजूरी, खुशियों भरी रही किसानों की दीवाली

Tricity Today | किसानों के साथ धीरेन्द्र सिंह

5,600 किसानों ने दी भूमि अधिग्रहण को मंजूरी, खुशियों भरी रही किसानों की दीवाली Greater Noida : जेवर में बन रहे नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (Noida International Airport) के दूसरे चरण से प्रभावित ग्रामों के 5,600 किसान अब तक अपनी जमीनों के अधिग्रहण के लिए सहमति दे चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद किसान जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में लगातार सहमति दे रहे हैं। नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण का मार्ग आसान कर रहे हैं। मंगलवार को द्वितीय चरण के प्रभावित ग्राम रन्हेरा के कई दर्जन किसानों ने विधायक धीरेंद्र सिंह से रबूपुरा में स्थित उनके कैंप कार्यालय पर मुलाकात की। इस दौरान इलाके में दिवाली पर खासा उत्साह देखने के लिए मिला।

विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा, "जेवर क्षेत्र के किसान दीपोत्सव के महापर्व दीपावली पर भी अपनी जमीनों की सहमति दे रहे हैं। जेवर, उत्तर प्रदेश और देश के विकास में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर रहे हैं। मैं सभी किसान भाइयों का ऋणी हूं, जिन्होंने जेवर को विकसित क्षेत्र बनाने के लिए जो संकल्प लिया था, वह पूर्णता की ओर है।" जेवर एयरपोर्ट के लिए ग्राम दयानतपुर के 100 फीसदी किसान अपनी जमीनों की सहमति दे चुके हैं। आपको बता दें कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए दूसरे चरण में 7,214 किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें से अब तक 5,600 किसान भूमि अधिग्रहण के लिए सहमति दे चुके हैं। अब केवल 1,614 किसानों को अपनी सहमति देनी है। नए कानून के तहत जरूरी 70 फ़ीसदी सहमति का आंकड़ा पिछले सप्ताह पूरा हो चुका है।

योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का डंका पूरी दुनिया में बजा
इस मौके पर धीरेंद्र सिंह ने किसानों से कहा, "जेवर के किसानों का यह योगदान अविस्मरणीय हैं। किसानों के द्वारा दी गई सहमति, विकास के उस मार्ग को प्रशस्त करने का काम करेंगी। जिसका इंतजार आजादी के 70 वर्ष बाद देखने को मिल रहा है। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है और उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन गया है।"

लखनऊ में प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ से 12 अक्टूबर 2022 को विधायक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में मिलने के बाद जेवर के किसानों ने अपनी जमीनों की सहमति देनी प्रारंभ कर दी। आपको बता दें कि नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम-2013 के मुताबिक किसी भी सरकारी परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए 70 फ़ीसदी किसानों की सहमति मिलना जरूरी है। इसी तरह प्राइवेट प्रोजेक्ट के लिए 80 फीसदी किसानों की सहमति आवश्यक होती है।

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