जून के आखिर तक विस्थापित होंगे नोएडा एयरपोर्ट से जुड़े सभी परिवार, 10 अफसरों की टीम संभाल रही जिम्मेदारी

बड़ी खबर : जून के आखिर तक विस्थापित होंगे नोएडा एयरपोर्ट से जुड़े सभी परिवार, 10 अफसरों की टीम संभाल रही जिम्मेदारी

जून के आखिर तक विस्थापित होंगे नोएडा एयरपोर्ट से जुड़े सभी परिवार, 10 अफसरों की टीम संभाल रही जिम्मेदारी

Tricity Today | विस्थापन की फोटो

जून के आखिर तक विस्थापित होंगे नोएडा एयरपोर्ट से जुड़े सभी परिवार, 10 अफसरों की टीम संभाल रही जिम्मेदारी नोएडा ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) के निर्माण के लिए प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी साल अगस्त में इसका शिलान्यास किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिलान्यास करने जेवर खुद आएंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इसको देखते हुए प्रशासन ने अधिग्रहित जमीन में बसे गांव के लोगों को विस्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी की है। जिला प्रशासन का कहना है कि 7 गांव के 3000 किसानों को जून के आखिर तक विस्थापित करा दिया जाएगा। 1000 परिवारों ने अब तक मकान खाली कर दिए हैं, या आजकल में करने वाले हैं। मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह भी आज जेवर एयरपोर्ट की साइट का दौरा करने पहुंचे थे। साथ ही उन्होंने जमीन देने वाले किसानों से मुलाकात की। 

जेवर से विधायक धीरेंद्र सिंह भी लगातार अफसरों और विस्थापित होने वाले किसानों से संपर्क साधे हुए हैं। एयरपोर्ट के प्रभारी रजनीकांत मिश्र ने बताया कि, “विस्थापन की प्रक्रिया आखिरी चरण में चल रही है। अब सिर्फ कुछ किसानों को ही मुआवजा, विस्थापन राशि या नौकरी के बदले मिलने वाली रकम बाकी रह गई है। बाकी सभी की समस्याओं का समाधान कर दिया गया है। हमारा पूरा प्रयास है कि इस महीने के अंतिम तक सभी 3000 किसानों को विस्थापित करा दिया जाए।” रिकॉर्ड के मुताबिक अब तक 800 से अधिक परिवार मकान खाली कर चुके हैं। अन्य 200 परिवार खाली करने वाले हैं। 

10 अफसरों की टीम संभाल रही जिम्मेदारी
हालांकि कुछ परिवारों में निजी कार्य, शादियां या दूसरे समारोह की वजह से कुछ देरी हो रही है। लेकिन ऐसे अवसर बीतते ही ये परिवार भी विस्थापित करा दिए जाएंगे। एयरपोर्ट प्रभारी मिश्र ने बताया कि जिलाधिकारी सुहास एलवाई (DM Suhas LY IAS) के आदेश पर 8 एसडीएम और दो तहसीलदार की टीम बनाई गई है। ये इन 7 गांव के किसानों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। विस्थापन प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सभी अफसर संबंधित गांव में जाकर निवासियों से संपर्क कर रहे हैं। इस वक्त एयरपोर्ट के दायरे में आने वाले नगला फूल खां, नगला गनेशी, नगला शरीफ, दयानतपुर खेड़ा, किशोरपुर व रोही गांव में विस्थापन की प्रक्रिया चल रही है।



नगला गनेशी पर ज्यादा ध्यान
प्रशासनिक अफसरों का ज्यादा ध्यान नगला गनेशी के परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर विस्थापित कराने पर है। दरइसल नगला गनेशी गांव हवाई पट्टी के बीच में स्थित है। माना जा रहा है कि अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जेवर एयरपोर्ट के शिलान्यास के मौके पर इसी गांव की जद में पहुंचेगे। उत्तर प्रदेश सरकार, यमुना अथॉरिटी और गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गए हैं। इसलिए पहले यहां के निवासियों का विस्थापन बेहद अहम हो जाता है। 

मंडलायुक्त ने किया दौरा
बुधवार की दोपहर में मेरठ के मंडल आयुक्त सुरेंद्र सिंह ने पहले जेवर एयरपोर्ट की साइट का दौरा किया। किसानों से मुलाकात की। टाउनशिप का मौके पर जाकर जायजा लिया। जेवर का दौरा करने के बाद मंडलायुक्त ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के बोर्ड रूम में सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह और डीएम सुहास एलवाई समेत तमाम जिम्मेदार अफसरों के साथ बैठक की बैठक की। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जेवर क्षेत्र के रोही, नगला छीतर, नगला शरीफ खान, दयानतपुर खेड़ा, किशोरपुर और नंगला गणेशी गांवों की 1,350 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इन गांवों के किसानों को 48 हेक्टेयर क्षेत्रफल की टाउनशिप में शिफ्ट किया जा रहा है।

 

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