15 दिनों में तैयार होगी मेडिकल डिवाइस पार्क की डीपीआर, उत्तर भारत का इकलौता पार्क होगा

यमुना सिटी : 15 दिनों में तैयार होगी मेडिकल डिवाइस पार्क की डीपीआर, उत्तर भारत का इकलौता पार्क होगा

15 दिनों में तैयार होगी मेडिकल डिवाइस पार्क की डीपीआर, उत्तर भारत का इकलौता पार्क होगा

Tricity Today | Dr. Arunveer Singh (CEO Yamuna Authority)

15 दिनों में तैयार होगी मेडिकल डिवाइस पार्क की डीपीआर, उत्तर भारत का इकलौता पार्क होगा Yamuna City : गौतमबुद्ध नगर जिले के लिए अच्छी खबर है। यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) किनारे बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क (Medical Device Park) की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट गले 15 दिन में तैयार हो जाएगी। बुधवार को इसको लेकर एक बैठक भी हुई है। यमुना सिटी में बनने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क की डीपीआर अर्नेस्ट एंड यंग कंपनी तैयार कर रही है। आगामी 15 दिनों में डीपीआर तैयार कर नवंबर में इसे केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा, ताकि आगे की कार्रवाई शुरू हो सके। इस बात की जानकारी यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह ने दी है।

अधिकारियों के साथ हुई सीईओ की बैठक
मेडिकल उपकरण में आत्मनिर्भर बनने के लिए केंद्र सरकार ने मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने के लिए योजना शुरू की है। इसके लिए राज्यों से आवेदन मांगे गए थे। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में मेडिकल के पार्क बनाने की अनुमति दे दी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने के लिए कहा है। बुधवार को डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्युटिकल मिनिस्ट्री ऑफ केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स की सचिव एस अपर्णा ने इसको लेकर बैठक की है। इसमें यमुना प्राधिकरण के अफसरों ने भी हिस्सा लिया। 

350 एकड़ क्षेत्रफल और दो चरणों में विकास होगा
यमुना प्राधिकरण ने बताया कि नवंबर वह केंद्र सरकार को डीपीआर भेज देंगे। ताकि आगे की प्रक्रिया शुरू हो सके। मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए पहले कलाम इंटिट्यूट हैदराबाद से डीपीआर बनवाई गई थी, लेकिन अब दोबारा अर्नेस्ट एंड यंग कंपनी से इसकी डीपीआर बनवाई जा रही है। यमुना प्राधिकरण सेक्टर-28 में मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित करेगा। इसके लिए 300 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है। पहले चरण में 100 एकड़ में योजना लाई जाएगी। इसमें 1000 वर्ग मीटर से 10 हजार वर्ग मीटर तक के भूखंड शामिल होंगे। इसमें फ्लैटेड फैक्ट्री भी शाामिल हैं। सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसके लिए योजना निकाली जाएगी। पात्रता रखने वाली कंपनियों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे।

केंद्र और राज्य कई तरह की सब्सिडी देंगे
मेडिकल डिवाइस पार्क में आने वाली कंपनियों को केंद्र और राज्य सरकार कई तरह की सब्सिडी देंगी। इनमें शुरुआती 10 वर्षों तक जीएसटी में छूट दी जाएगी। बिजली आपूर्ति की दरें बेहद सस्ती रखी गई हैं। मेंटेनेंस चार्जेस नहीं लिए जाएंगे। जमीन का लीज रेंट शुरुआती 5 वर्षों के लिए बेहद सस्ता रखा गया है। इसके बाद भी दरों में मामूली इजाफा किया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 100 करोड रुपए की सहयोग राशि केंद्र सरकार की ओर से मिलेगी। इस प्रोजेक्ट से दो तरह के फायदे ग्रेटर नोएडा को मिलेंगे। पहला फायदा यह होगा कि यहां करीब 20,000 करोड रुपए का निवेश होगा। दूसरा फायदा यह मिलेगा कि स्थानीय युवकों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेंगे।

89 भूखण्ड होंगे
प्राधिकरण सेक्टर-28 में 350 एकड क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित करेगा। शासन ने मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए यमुना प्राधिकरण को अधिकृत कर दिया है। इसमें 1,000 वर्ग मीटर, 2,500, 4,000 और 10,000 वर्गमीटर के लगभग 89 भूखण्ड होंगे। इसके अलावा पार्क और कमर्शियल क्षेत्र भी होगा।

उत्तर भारत का इकलौता पार्क होगा
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित होने वाला यह मेडिकल डिवाइस पर उत्तर भारत का इकलौता पार्क होगा। अभी तक उत्तर भारत में इस तरह के पार्क को विकसित नहीं किया गया है। इस पार्क में सभी आधुनिक सुविधाएं दी जाएं, इसके लिए बीते जनवरी में यमुना प्राधिकरण के अफसरों ने विशाखापत्तनम में मेडीकल डिवाइस पार्क का दौरा किया था। उस पार्क में जो जो खामी रह गई है, उनको भी यहां पर दुरुस्त कर दिया जाएगा।

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