BIG BREAKING: यमुना प्राधिकरण ने फिल्म सिटी का डीपीआर शासन को भेजा, तीन चरण में होगा विकास, जानें पूरी योजना

यमुना प्राधिकरण ने फिल्म सिटी का डीपीआर शासन को भेजा, तीन चरण में होगा विकास, जानें पूरी योजना

Tricity Today | तीन चरण में होगा विकास

यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण ने फिल्म सिटी का ड्राफ्ट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) मंगलवार को शासन को भेज दी है। इसमें सुझाए तीन चरण में फिल्म सिटी को विकसित किया जाएगा। पहले फेज की शुरुआत इसी साल होगी और यह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ 2024 तक पूरा होगा। फिल्म सिटी की विकास प्रक्रिया को तीसरे चरण में 2028 तक पूरा कर लिया जाएगा। डीपीआर में फिल्म सिटी में तीन फिल्म इंस्ट्टीट्यूट बनाने का भी प्रावधान किया गया है। दूसरा फेज 2026 तक पूरा होगा। साल 2028 में तीसरे चरण के पूरा होने तक इसे पूूरी तरह विकसित कर दिया जाएगा।

सीबीआरई (कोल्डवेल बैंकर्स रिचर्ड एलिस) साउथ एशिया प्रा. लि. सोमवार को फिल्म सिटी का ड्राफ्ट डीपीआर यमुना प्राधिकरण को सौंप दिया था। अथॉरिटी ने इसे मंजूरी के लिए शासन को भेज दिया है। इसके तहत फिल्म सिटी को व्यवस्थित और विश्वस्तरीय बनाने के लिए क्रमिक विकास पर बल दिया गया है। पहले चरण में 230 एकड़, दूसरे चरण में 285 एकड़ और तीसरे चरण में 345 एकड़ में फिल्म सिटी को बसाने की प्रस्तावना को मूर्त रूप दिया जाएगा। अब इस पर आखिरी फैसला शासन को लेना है। एक्सपर्ट का मानना है कि प्रशासन इस डीपीआर को मंजूरी दे देगा। इसके बाद इसी साल से फिल्म सिटी विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 

पहले चरण में प्रस्तावित कार्य
सीबीआरआई कंपनी ने बतौर सलाहकार यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को विचार पत्र दिया है। उसके मुताबिक पहले चरण में 12 क्षेत्रों पर खास फोकस किया जाएगा। इसमें स्टेट ऑफ आर्ट स्टूडियो, आउटडोर सेट और शूटिंग विलेज शामिल हैं। पोस्ट प्रोडक्शन के क्षेत्र में वीएफएक्स स्टूडियो बनाए जाएंगे। एडटिंग स्टूडियो होंगे। म्यूजिक डबिंग स्टूडियो भी विश्वस्तरीय होंगे। फिल्म प्रीमियर और फिल्म फेस्टीवल के लिए विशेष आयोजन स्थल होंगे। फिल्म अकादमी भी इस परिसर में अलग से बनेगी।

अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी
सके अलावा फ़िल्म सिटी में पंचतारा होटल, डारमेट्री, रिटेल शॉप, रेस्टोरेंट और मनोरंजन पार्क भी बनेंगे। इसके अलावा फिल्म निर्माण से जुड़ी वस्तुओं और उनका इतिहास संजोता म्यूजियम भी स्थापित किया जाएगा। सलाहकार कंपनी का अथॉरिटी के साथ एमओयू हो चुका है। कम्पनी अगले महीने अपनी विस्तृत कार्य योजना रिपोर्ट पेश करेगी। इसमें फंड कैसे एकत्र किया जाए, इस बिंदु से लेकर इसके मॉडल जैसे मुद्दों पर अपनी सलाह देगी। अभी यह तय होना है कि सरकार इसके निर्माण का खर्च उठाएगी या फिर पीपीपी मॉडल पर इसे विकसित किया जाए। इंटरनेशनल कंसलटेंट कंपनी मुंबई, हैदराबाद, चैन्नई और विदेशों के तमाम फिल्म स्टूडियो संचालकों से बात कर रही है। फिल्म सिटी को लेकर दुनिया भर में चल रही बेस्ट प्रैक्टिसेस के बारे में बताया जाएगा।

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