जेवर एयरपोर्ट के पास बसेगा नया ग्रीन शहर, एरो सिटी की तर्ज पर होगा विकास, जानिए क्या होगी खासियत

BIG NEWS : जेवर एयरपोर्ट के पास बसेगा नया ग्रीन शहर, एरो सिटी की तर्ज पर होगा विकास, जानिए क्या होगी खासियत

जेवर एयरपोर्ट के पास बसेगा नया ग्रीन शहर, एरो सिटी की तर्ज पर होगा विकास, जानिए क्या होगी खासियत

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जेवर एयरपोर्ट के पास बसेगा नया ग्रीन शहर, एरो सिटी की तर्ज पर होगा विकास, जानिए क्या होगी खासियत Jewar Airport Update : गुरुग्राम की एयरो सिटी की तरह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के पास भी 1500 एकड़ में एक नया शहर बसाया जाएगा। हरित शहर की थीम पर इस शहर को मूर्त रूप दिया जाएगा। इस शहर में आवास, दफ्तर, बाजार, स्कूल, अस्पताल आदि का प्रावधान किया जाएगा ताकि लोगों को इसी शहर के अंदर सारी सुविधाएं मिल सकें। यमुना प्राधिकरण विशेषज्ञ एजेंसी से इसकी डीपीआर बनवा रहा है।

जेवर एयरपोर्ट का काम शुरू हो गया है। यहां पर साफ-सफाई और समतलीकरण का काम संबंधित एजेंसी कर रही है। इस इलाके में अब विकास कार्यों को और गति मिलेगी। यमुना प्राधिकरण सिटी साइट डेवलपमेंट के तहत एयरपोर्ट के पास एक नया शहर बसाएगा। प्रारम्भिक योजना के मुताबिक इस शहर को 1500 एकड़ में बसाने की तैयारी है। गुरुग्राम में बने एयरोसिटी की तरह इस शहर को विकसित किया जाएगा। इस शहर में हर आधुनिक सुविधा का इंतजाम किया जाएगा। इसके लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएंगे।

ग्रीन शहर के रूप में विकास होगा
इस शहर में कम से कम कार्बन का उत्सर्जन हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। इसे ग्रीन सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पर सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होगा। यानी शहर में बिजली का प्रयोग सौर ऊर्जा से ही किया जाएगा। यहां पर सीएनजी और इलेक्ट्रिकल वाहनों को चलने की इजाजत दी जा सकती है। ऐसी योजना है कि यहां डीजल- पेट्रोल के वाहनों को चलाने की इजाजत नहीं मिलेगी।

आवास-दफ्तर सब एक जगह होगा
इस शहर में सभी जरूरतों को पूरा किया जाएगा। यहां रहने वाले व्यक्ति को किसी भी सुविधा के लिए बाहर जाना नहीं पड़ेगा। मसलन यहां पर आवास, दफ्तर, व्यवसाय, स्कूल, अस्पताल आदि  सभी चीजों का इंतजाम किया जाएगा। इस तरह की व्यवस्था होगी कि लोग साइकिल से ही अपने सारे काम कर सकेंगे। उन्हें वाहनों का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

विशेषज्ञ कंपनी खींच रही है शहर का खाका
इस शहर का खाका खींचने के लिए यमुना प्राधिकरण ने विशेषज्ञ कंपनी मार्स को जिम्मा सौंपा है। यह कंपनी इस शहर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर रही है। यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही डीपीआर बन जाएगी। डीपीआर बनने के बाद इस शहर को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अफसरों का कहना है कि इस शहर में नवीनतम तकनीक और सुविधाएं लोगों को मिलेंगी।

इन शहरों पर भी चल रहा है काम
टप्पल-बाजना नगरीय केंद्र को 11104 हेक्टेयर में विकसित किया जाएगा। इसे लॉजिस्टिक पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। कुल क्षेत्र का 16.2 प्रतिशत औद्योगिक भू उपयोग होगा। जबकि 14.5 प्रतिशत क्षेत्र मिश्रित भू उपयोग होगा। इसकी डीपीआर बनवाई जा रही है। विशेषज्ञ कंपनी डिलाइट इस पर काम कर रही है। डीपीआर का प्रजेंटेशन हो गया है।

यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे राया नगरीय केंद्र 9336 हेक्टेयर में विकसित किया जाएगा। यह हेरिटेज सिटी होगी। कुल क्षेत्र का 20.1 प्रतिशत औद्योगिक भू उपयोग होगा। इसमें 2.5 प्रतिशत मिश्रित भू उपयोग होगा। इसमें पर्यटन के लिए भी जगह तय गई है। सीबीआरई कंपनी इसकी डीपीआर बना रही है। जल्द ही डीपीआर बन जाएगी।

यमुना प्राधिकरण की एक्सप्रेसवे के किनारे आगरा जिले में 12 हजार हेक्टेयर में एक और औद्योगिक सिटी बसाने की योजना है। लेकिन यह सबसे अंतिम चरण में बसाया जाएगा। अभी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

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