जेवर एयरपोर्ट : स्थानीय पहचान, पर्यावरण, प्रकृति और संस्कृति का प्रतीक बनेगा, जानिए पूरी योजना

स्थानीय पहचान, पर्यावरण, प्रकृति और संस्कृति का प्रतीक बनेगा, जानिए पूरी योजना

Google Image | प्रतीकात्मक फोटो

जेवर में प्रस्तावित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोगो इलाके की पहचान समेटे हुए है। उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी सारस है। जिस इलाके में एयरपोर्ट बन रहा है, वहां भी सारस बहुतायत में हैं। यही कारण है कि एयरपोर्ट के लोगो को सारस की शक्ल दी गई है। एयरपोर्ट परियोजना के 10 किलोमीटर के दायरे में हुए सर्वे में 176 सारस पाए गए हैं। वन्य जीव संस्थान देहरादून इनके संरक्षण की योजना बना रहा है। उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक यह रिपोर्ट आ जाएगी।

लखनऊ में गुरुवार को हुई बैठक में एयरपोर्ट के नाम और लोगो पर मुहर लग गई है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के लोगो को सारस की शक्ल दी गई है। सारस पक्षी लंबी उड़ान भरता है। साथ ही जिस इलाके में एयरपोर्ट बन रहा है, वहां भी सारस रहते हैं। लोगो बनाते समय इसी परिकल्पना को केंद्र में रखा गया है। एयरपोर्ट परियोजना में आने वाले वन्य जीवों का संरक्षण किया जाना है। इसके लिए वन्य जीव संस्थान देहरादून से अध्ययन करवाया जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) ने इस इलाके के वन्य जीवों के सरंक्षण के लिए वन्य जीव संस्थान देहरादून को चुना है। उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक इसकी रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद वन्य जीवों के संरक्षण पर काम शुरू होगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर का लोगो फाइनल हो गया है। लोगो में सारस है। इस इलाके में भी सारस हैं। इनका संरक्षण किया जाएगा।
डॉ.अरुणवीर सिंह, सीईओ नियाल

  1. 21 जगह मिले हैं सारस : वन्य जीवों के संरक्षण के लिए हाल ही में एयरपोर्ट परियोजना के 10 किलोमीटर के एरिया में सर्वे हुआ है। सर्वे बताता है कि इस क्षेत्र में 176 सारस मिली हैं। ये सारस 21 जगहों पर मिले हैं। सबसे अधिक एक जगह पर 11 सारस मिले हैं। खास बात यह है कि 94 प्रतिशत सारस एयरपोर्ट परियोजना की साइट से बाहर मिले हैं। 
  2. 258 काले हिरण परियोजना क्षेत्र में हैं : परियोजना के 10 किलोमीटर रेंज में हुए सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि यहां पर काले हिरण भी हैं। सर्वे में 258 काले हिरण मिले हैं। काले हिरणों का भी सरंक्षण किया जाना है। रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। यह इलाका वन्य जीवों से समृद्ध है। इसके चलते इनका संरक्षण वैज्ञानिक ढंग से किया जाना चाहिए।
  3. धनौरी वेटलैंड और विकसित की जाए : इस इलाके में धनौरी वेटलैंड भी है। हालांकि यह वेटलैंड 10 किलोमीटर की रेंज से बाहर है। लेकिन यहां पर भी सारस खूब हैं। सर्वे रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि इस वेटलैंड को वाइल्ड लाइफ साइट के रूप में विकसित किया जाए ताकि यहां पर भी वन्य जीवों का संरक्षण हो सके।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के लोगो में सारस को जगह दी गई है। इससे राज्य पक्षी के संरक्षण की मुहिम रंग लाएगी। सारस के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता भी आएगी। 
विक्रांत तोगड़, पर्यावरणविद

ज्युरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल और यूपी सरकार ने जेवर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम और लोगो का अनावरण कर दिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में गुरुवार नाम और लोगो को अंतिम रूप दिया गया है।

जेवर एयरपोर्ट परियोजना की जद में आने वाले वन्य जीवों का संरक्षण होगा। इसके लिए वन्य जीव संस्थान देहरादून इसकी रिपोर्ट बना रहा है। 
पीके श्रीवास्तव, डीएफओ

पिछले साल नवम्बर में ज़्युरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी ने 40 सालों की अवधि के लिए ग्रेटर नोएडा में एयरपोर्ट के निर्माण और संचालन का अनुबंध हासिल किया है। जिसके तहत पहले चरण में निर्माण शामिल है। ज्युरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को इसी साल मई में जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के लिए केन्द्रीय गृह मंत्रालय से सुरक्षा अनुमोदन प्राप्त हुआ था। पिछले सप्ताह नोर्डिक, ग्रिमशॉ, हैप्टिक और एसटीयूपी को एयरपोर्ट के डिज़ाइन के लिए आर्किटेक्ट टीम के रूप में चुना गया था।

फ्लुगाफेन ज़्यूरिख एजी एक सूचीबद्ध कंपनी है, जो स्विस कॉन्फेडरेशन के विविधीकृत व्यवसाय और लाईसेंसी के रूप में ज़्यूरिख एयरपोर्ट का संचालन करती है। कंपनी ने 1700 कर्मचारियों के कार्यबल के साथ वर्ष 2019 में 1210.1 मिलियन सीएचएफ का टर्नओवर निर्मित किया है। इसके 33.3 प्रतिशत शेयर कैंटन के पास और 5 प्रतिशत शेयर ज़्यूरिख शहर के पास हैं। ज़्यूरिख एयरपोर्ट दुनिया के लिए स्विट्जरलैंड का द्वार है। 2019 में इस एयरपोर्ट से होकर 31 मिलियन से ज्यादा लोगों ने आवागमन किया। यह इस क्षेत्र का न केवल सबसे महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र है। लगभग 27,000 लोगों को रोजगार देने वाली 280 कंपनियों के साथ इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का मुख्य चालक ज़्यूरिख एयरपोर्ट है।

हमें खुशी है कि हम जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आधिकारिक नाम की घोषणा करने जा रहे हैं। यह प्रतीक चिन्ह सही मायनों में भारत के अग्रणी एयरपोर्ट के निर्माण को दर्शाता हैं। जो प्रभाविता, तकनीक और पर्यावरण के अनुकूल बुनियादी संरचना का संयोजन है। मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश का प्रतीक है। हम उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति आभारी हैं, जिन्होंने इस प्रक्रिया को अपना समर्थन दिया है।
क्रिस्टोफ शनेलमैन, चीफ़ एक्ज़क्टिव ऑफिसर, यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड

एयरपोर्ट के लोगो की खासियत इस तरह होंगी

  1. ब्राण्ड के लोगो में यूपी के राज्य पक्षी सारस (क्रेन) को दर्शाया गया है। यह प्रतीक चिन्ह सही मायनों में भारत के अग्रणी एयरपोर्ट के निर्माण को दर्शाता है।
  2. नीले-हरे रंग में एक समान अभिकेन्द्रित होती रेखाओं से यह प्रतीक बनाया गया है। यह प्रतीक जहां एक ओर तकनीक और कनेक्टिविटी का प्रतीक है। वहीं, दूसरी और पर्यावरण के प्रति सजग दृष्टिकोण को भी दर्शाता है।
  3. ऊपर की ओर गति सकारात्मकता और उत्थान का अनुभव देती है। यह लोगो तकनीक और भावनाओं के साथ आधुनिकीकरण व भव्यता का उत्कृष्ट संयोजन है।
  4. यह लोगो गुणवत्ता, प्रभाविता और तकनीक की दृष्टि से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भारत के अग्रणी एयरपोर्ट बनाने के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
  5. सतत आधारिक संरचना और संचालन के लिए रोल मॉडल की भूमिका निभाएगा। सभी वर्गों के उपभोक्ताओं को उत्कृष्ट अनुभव प्रदान करेगा।

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