जेवर एयरपोर्ट के लिए स्टेट बैंक ने 3725 करोड़ रुपये मंजूर किए, बहुत जल्दी शुरू होगा निर्माण

BIG BREAKING : जेवर एयरपोर्ट के लिए स्टेट बैंक ने 3725 करोड़ रुपये मंजूर किए, बहुत जल्दी शुरू होगा निर्माण

जेवर एयरपोर्ट के लिए स्टेट बैंक ने 3725 करोड़ रुपये मंजूर किए, बहुत जल्दी शुरू होगा निर्माण

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जेवर एयरपोर्ट के लिए स्टेट बैंक ने 3725 करोड़ रुपये मंजूर किए, बहुत जल्दी शुरू होगा निर्माण Jewar Airport : जेवर में प्रस्तावित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) को लेकर बड़ी खबर आई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of Iindia) ने इस प्रोजेक्ट के लिए 3725 करोड रुपए की मंजूरी दे दी है। परियोजना पर काम कर रही कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAL) में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से यह पैसा मांगा था। अब बहुत जल्द जेवर एयरपोर्ट का निर्माण शुरू हो जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 10 से 15 दिनों में शिलान्यास करवा दिया जाएगा।

यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (Yamuna International Airport Private Limited) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री क्रिस्टोफ श्नेलमैन (CEO Christoph Schnellmann) ने कहा, “हमें नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास के लिए देश के सबसे बड़े स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ साझेदारी करके बेहद खुशी हो रही है। बैंक ने 3725 करोड़ का संपूर्ण कर्ज 20 वर्षों की डोर-टू-डोर अवधि पर उपलब्ध कराया है। हम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने के लिए एसबीआई के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हैं। यह परियोजना न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।"

बताते चलें कि नोएडा एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश और भारत सरकार के साथ साझेदारी में विकसित किया जा रहा है। सीईओ ने आगे कहा, "उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रोजेक्ट के पूरी प्रक्रिया के दौरान लगातार सकारात्मक समर्थन दिया है। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण रहा है। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) एयरपोर्ट के निर्माण कार्य को यथाशीघ्र शुरू कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें उत्तर प्रदेश सरकार की विस्थापन और पुनर्वास प्रक्रिया के पूरा होने का इंतजार है। इस दिशा में राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। यह पूरा होते ही हवाई अड्डे के निर्माण की शुरुआत होगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट न सिर्फ यूपी की प्रगति के लिहाज से खाल होगा, बल्कि भारत में हवाई सेवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इससे भारत में हवाई यात्रा को गति मिलेगी।"

ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी, Zurich AG की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। यह YIAPL की मुख्य शेयरधारक है और नोएडा इंटरनेशनल एयरोर्ट के विकास में 2005 करोड़ का निवेश कर रही है। कंपनी का लक्ष्य सिर्फ निवेश नहीं है। बल्कि महत्वपूर्ण प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के साथ स्थापित बेंचमार्क, गुणवत्ता और नवाचारों के आधार पर भारत में एक विश्वस्तरीय हवाई अड्डा ऑपरेटर के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत करना है। यह निवेश भारत की विकास गाथा में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल के दृढ़ विश्वास, ढांचागत विकास और रोजगार के अवसर पैदा करने में कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी
ज्यूरिख एजी दुनिया की सबसे भरोसेमंद एयरपोर्ट निर्माता कंपनियों में से एक है। कंपनी में 1,500 से अधिक कर्मचारी कार्य करते हैं। ज्यूरिख हवाई अड्डा दुनिया के लिए स्विट्जरलैंड का प्रवेश द्वार है। 2019 में 31 मिलियन से अधिक लोगों ने ज्यूरिख हवाई अड्डे से यात्रा की। इससे यह क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र बन गया। करीब 27,000 लोगों को रोजगार देने वाली लगभग 280 कंपनियों के साथ ज्यूरिख हवाई अड्डा इस क्षेत्र के लिए एक प्रमुख आर्थिक केंद्र है।

यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड
YIAPL ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की 100% सहायक कंपनी है। इसे ग्रीनफील्ड नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को विकसित करने के लिए सहायक के तौर पर गठित किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NIA) को विकसित करने के लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) के साथ रियायत समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी उत्तर प्रदेश सरकार, न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण के साथ मिलकर सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजना को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।

दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया जाएगा। अभी तक नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 5,000 हेक्टेयर में बनाया जाना था। इसका क्षेत्रफल बढ़ाकर 5,845 हेक्टेयर कर दिया गया है। अब मेंटेनेंस रिपेयर एंड ओवरहालिंग हब (MRO Hub) भी एयरपोर्ट परिसर में ही विकसित किया जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने सेक्टर-30 और सेक्टर-31 की 845 हेक्टेयर जमीन भी एयरपोर्ट में समाहित कर दी है। यह बदलाव प्राधिकरण के मास्टर प्लान 2041 में भी किया जा रहा है। इन दोनों सेक्टरों की जमीन पर एमआरओ हब का विकास किया जाना है। इसके साथ ही अब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का क्षेत्रफल बढ़कर 5,845 हेक्टेयर हो गया है। इसके साथ ही यह दुनिया में पांचवें की बजाय चौथा सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा।

 

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