शिलापट्ट पर नोएडा भी सही नहीं लिख पाए आयोजक, पत्थर से लेकर बैकड्रॉप स्क्रीन पर वर्तनी दोष

जेवर एयरपोर्ट शिलान्यास : शिलापट्ट पर नोएडा भी सही नहीं लिख पाए आयोजक, पत्थर से लेकर बैकड्रॉप स्क्रीन पर वर्तनी दोष

शिलापट्ट पर नोएडा भी सही नहीं लिख पाए आयोजक, पत्थर से लेकर बैकड्रॉप स्क्रीन पर वर्तनी दोष

Social Media | फोटो सोशल मीडिया पर वायरल

शिलापट्ट पर नोएडा भी सही नहीं लिख पाए आयोजक, पत्थर से लेकर बैकड्रॉप स्क्रीन पर वर्तनी दोष Jewar Airport News : गुरुवार की दोपहर जेवर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) का शिलान्यास किया है। इस दौरान शिलान्यास के पत्थर और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में लगी बैकड्रॉप स्क्रीन पर वर्तनी दोष देखने को मिला। खास बात यह रही कि नोएडा शहर का नाम ही आयोजक सही ढंग से नहीं लिख पाए। अब शिलान्यास पट और बैकड्रॉप स्क्रीन के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

शिलान्यास पट पर नोएडा को नॉएडा लिखा गया है
कार्यक्रम के शिलान्यास पट पर नोएडा को नॉएडा लिखा गया है। सवाल ये उठता है कि पिछले 15 दिनों से जिला प्रशासन के अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के तमाम अधिकारी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रहे थे। खुद नोएडा अथॉरिटी की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋतु माहेश्वरी ने भी कार्यक्रम स्थल का दौरा किया था। इस वर्तनी दोष को लेकर शहर के लोग सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसके फोटो भी ट्विटर और फेसबुक पर शेयर किए जा रहे हैं।

शिलापट्ट पर पीएम और सीएम समेत केवल 6 नाम हैं
जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास करने के लिए लगाए गए शिलापट्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत केवल 6 नेताओं के नाम हैं। पीएम और सीएम के अलावा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उत्तर प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल नंदी, गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ.महेश शर्मा और जेवर के स्थानीय विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह के नाम लिखे गए हैं।

पीएम जब भाषण दे रहे थे तो वकीलों ने बैनर दिखाया
जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाषण दे रहे थे तो उसी दौरान भीड़ के बीच से कई वकील खड़े हुए और नारेबाजी करने लगे। हाथ में बैनर लेकर प्रधानमंत्री को दिखाया गया। सफेद रंग के बैनर पर लाल इबारत लिखी थी। बरबस भीड़ के बीच हंगामा देखकर तमाम लोग उस ओर देखने लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान भी उस तरफ गया। मंच पर बैठे तमाम नेताओं ने यह प्रदर्शन देखा। आपको बता दें कि आगरा के वकीलों ने हाईकोर्ट की बेंच वेस्ट यूपी में स्थापित करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। जिसके चलते जनसभा स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई थी। इसके बावजूद वकील विरोध जाहिर करने में सफल हो गए।

कई दशक से चल रहा है वकीलों का आंदोलन
इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थापित करने की मांग को लेकर 22 जिलों के वकीलों का आंदोलन कई दशकों से चल रहा है। यहां के वकील मेरठ से आगरा में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। जिस पर तमाम राजनीतिक दलों और सरकारें आश्वासन देती रही हैं, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इसी बात को लेकर पश्चिम उत्तर प्रदेश के वकील हर सप्ताह 2 दिन कार्य स्थगन रखते हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में शुक्रवार और शनिवार को कामकाज नहीं होता है। करीब 20 वर्षों से यह आंदोलन चल रहा है।

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