Jewar Airport: यमुना प्राधिकरण 3,627 किसान परिवारों को देगा नया ठिकाना, एयरपोर्ट प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार

यमुना प्राधिकरण 3,627 किसान परिवारों को देगा नया ठिकाना, एयरपोर्ट प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार

Tricity Today | Yogi Adityanath

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली हवाई उड़ान 2023 में भरी जायेगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई और यमुना प्राधिकरण के सीईओं अरूणवीर सिंह को आदेश दिया है कि जेवर एयरपोर्ट की कोई भी फाइल नहीं रूकनी चाहिए। जिसके बाद जेवर एयरपोर्ट का काम काफी तेजी से चल रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट में 3,627 किसान परिवारों नया ठिकाना दिया जायेगा। 

3,627 किसानों को मिलेगा नया ठिकाना
नोएडा एयरपोर्ट के लिए विकास के लिए कुल 3627 किसानों को जेवर बांगर में बसाया जाना है। एयरपोर्ट के पहले रनवे के निर्माण में पहले चरण में सिर्फ 238 किसानों को विस्थापित किया जाना है। इन सभी के लिए जेवर बांगर में 240 फ्लैट तैयार किए गए हैं। प्राधिकरण आज 6 मार्च को किसानों को उनका कब्जा दे रहे है। गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी और यीडा के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया बुधवार को मौके का जायजा लेने पहुंचे थे।

नोएडा एयरपोर्ट का दूसरा चरण 1,310 हेक्टेयर जमीन में बनेगा
नोएडा एयरपोर्ट का दूसरा चरण 1,310 हेक्टेयर जमीन में बनेगा। इसके लिए जमीन देने वाले छह गांवों के किसानों को 2,890 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाएगा। गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई की तरफ से प्रस्ताव बनाकर नागरिक उड्डयन विभाग को भेज दिया गया है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। मिली जानकारी के मुताबिक नोएडा एयरपोर्ट के पहले चरण का काम जल्द शुरू होने जा रहा है।

आधुनिक सुविधाएं विकसित की
यमुना प्राधिकरण का दावा है कि पूरे प्रदेश में किसी एक विधानसभा में इतनी तेजी और पारदर्शी तरीके से विकास कार्य नहीं हुआ है, जितना जेवर क्षेत्र के इन 96 गांवों में हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि गांव को एक्सप्रेसवे और मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए शानदार सड़कें बनाई गई हैं। पानी की निकासी के लिए बेहतरीन सीवरेज सिस्टम विकसित किया गया है।

अप्रैल में शिलान्यास हो सकता है 
किसानों की अधिग्रहीत भूमि के मुताबिक ही उन्हें नए प्लॉट दिए जाएंगे। इन प्रभावित काश्तकारों को प्लॉट देने के साथ ही नोएडा एयरपोर्ट के पहले रनवे के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़े मसले खत्म हो जाएंगे। इसीलिए अप्रैल में इसके शिलान्यास की तैयारी की जा रही है। प्राधिकरण के एक अधिकारी के मुताबिक, शिलान्यास की तिथि तय करने से पहले किसानों को आबादी का प्लॉट देकर किसी तरह का विवाद खत्म करना था। मगर अब यह इंतजार खत्म हो रहा था। 6 मार्च के बाद किसी भी दिन शिलान्यास की तिथि का एलान किया सकता है।

टाउनशिप में 31 मई, 2021 तक सारे विकास कार्य पूरे होंगे
अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने परियोजना के प्रभावित परिवारों को बसाने के लिए चल रही कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। डॉ.अरुणवीर सिंह ने बताया कि प्रभावित परिवारों को जेवर बांगर में बनाई जा रही सुविधा सम्पन्न टाउनशिप में बसाया जाना है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विकास कार्य पहली दिसंबर से शुरू कर दिए जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि 31 मई तक इन कामों को पूरा कर लिया जाएगा। इनकी निगरानी के लिए हर महीने अलग से एक बैठक भी होगी।

इन गांवों के परिवार भी होंगे शिफ्ट
सर्वे के मुताबिक, किशोरपुर के 46 परिवार शिफ्ट किए जाने हैं। नगरा शरीफ के 553, नगरा छीतर के 692 व दयानतपुर खेड़ा के 223 परिवार विस्थापित होंगे। ये सभी दयानतपुर गांव के मजरे हैं। इसके अलावा रोही गांव के मजरे नगला गणेशी, नगला फूल खां व रोही के परिवार विस्थापित होंगे। इनमें 1146 परिवार हैं। इन परिवारों को करीब 45 एकड़ के भूखंड दिए जाएंगे। यमुना प्राधिकरण इन परिवारों को बसाने के लिए भूखंड विकसित करेगा। किशोरपुर गांव के परिवारों को बसाने के लिए भूखंड विकसित करने के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं।

ये सुविधाएं दी जाएंगी
जेवर बांगर में इन परिवारों को बसाया जाएगा। यहां पर सेक्टरों की तर्ज पर सुविधाएं दी जाएंगी। सड़क, नाली, सीवर लाइन, सामुदायिक केंद्र, स्कूल, अस्पताल आदि बनाए जाएंगे।  यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया, जेवर एयरपोर्ट परियोजना के परिवारों को बसाने के लिए यमुना प्राधिकरण भूखंड विकसित करेगा। किशोरपुर गांव के लिए भूखंड विकसित करने के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं।

जेवर एयरपोर्ट से कब कितने यात्री उड़ान भरेंगे
पहले चरण में 2023 में उड़ान शुरू करने का लक्ष्य है। पहले चरण में 15 मिलियन यात्री आएंगे। तीसरा रनवे वर्ष 2042 में शुरू होगा। जिसके बाद यहां से सालाना 44.10 मिलियन यात्री प्रति वर्ष आवागमन करेंगे। चौथा रनवे वर्ष 2049 में शुरू होगा। तब हर साल 51.14 मिलियन यात्री उड़ान भरेंगे।

प्रथम चरण में पहले रनवे से जुड़े किसानों को प्लॉट दिया जा रहा है। इसमें कुल 238 किसान शामिल हैं। इन सभी को 6 मार्च को घर बनाने के लिए भूखंड मिल जाएगा। प्राधिकरण की कोशिश है कि इसी साल अप्रैल के अंत तक सभी 3627 प्रभावित किसानों को प्लॉट का कब्जा मिल जाए।
- डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड

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