फैसला : नोएडा हवाईअड्डे से प्रभावित इन वन्य जीवों का संरक्षण करेगा यमुना प्राधिकरण, देश की सबसे बड़ी संस्था को सौंपी जिम्मेदारी

नोएडा हवाईअड्डे से प्रभावित इन वन्य जीवों का संरक्षण करेगा यमुना प्राधिकरण, देश की सबसे बड़ी संस्था को सौंपी जिम्मेदारी

Google Image | प्रतीकात्मक फोटो

यमुना विकास प्राधिकरण ने नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे व उसके आसपास के वन्य जीवों और धनौरी पक्षी विहार को सहेजने का निर्णय लिया है। यह जिम्मेदारी देश की सबसे बड़ी संस्था को सौंपी गई है। यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर अरुणवीर सिंह ने सोमवार को ऑनलाइन बैठक में 'वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ़ इण्डिया को इस संबंध में एक विस्तृत योजना तैयार करने के लिए कहा है।

उन्होंने बताया कि यमुना विकास प्राधिकरण ने नोएडा हवाईअड्डे के 10 किलोमीटर की परिधि में आने वाले वन्य जीव-जंतुओं और धनौरी वेटलैंड (आर्द्रभूमि) के संरक्षण के लिए योजना बनाने की जिम्मेदारी दिसंबर 2019 में 'वाइल्डलाइफ संस्था को सौंपी थी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में संस्था ने प्राथमिक रिपोर्ट तैयार कर ली है और सोमवार को इस पर ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। उन्होंने बताया कि संस्था से कहा गया है कि नोएडा हवाईअड्डे की परिधि से बाहर भी वन्य जीवों को संरक्षित करने और सिर्फ निर्माण की अवधि तक ही नहीं बल्कि उसके बाद भी उनको सहेजने के संबंध में योजना तैयार की जाए। ताकि हवाईअड्डे के विस्तार के समय दोबारा इसका अध्ययन करने की जरूरत न पड़े।

उन्होंने बताया कि संस्था ने पहली रिपोर्ट इसी सप्ताह प्रस्तुत करने की बात कही है, जबकि नोएडा हवाईअड्डे की परिधि के बाहर करीब 20 किलोमीटर तक में वन्य जीवों के संरक्षण की योजना की रिपोर्ट बाद में पेश करेगी। सीईओ ने बताया कि वाइल्डलाइफ संस्था के अनुसार क्षेत्र में काले हिरण और सारस हैं। उन्होंने बताया कि इनकी सटीक संख्या की जानकारी रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएगी, लेकिन 250 काले हिरण का आकलन किया गया है। वहीं, सारस की संख्या 170 से अधिक बताई जा रही है।

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