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सुथियाना मंदिर में हुआ श्रीमद देवी भागवत महापुराण का समापन, हुआ विशाल हवन का आयोजन

Mayank Tawer

ग्रेटर नोएडा के सुथियाना ग्राम में स्थित मां भगवती मणिपुर वाषणी मंदिर में हर वर्ष की भांति श्रीमद देवी भागवत महापुराण का विशाल आयोजन 18 मार्च से किया गया, जिसका आज सप्तमं के दिन समापन किया गया। स्वामी शिववन जी महाराज जी ने बताया कि वेसे तो श्रीमद देवी भागवत महापुराण का समापन अष्टम के दिन होता है लेकिन इस बार अष्टम और नवमी एक ही दिन होने के कारण भागवत महापुराण का समापन सप्तम के दिन किया गया।

मां भगवती मणिपुर वाषणी मंदिर में हर वर्ष की भांति श्रीमद देवी भागवत महापुराण का विशाल आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड का मेला देखने को मिला। मंदिर में पूरे नवरात्रों में देश विदेश से लोग श्रीमद देवी भागवत महापुराण का श्रवण करने आते हैं। 

मंदिर के संचालक 1008 स्वामी शिववन जी महाराज ने प्रथम संर्दभ में बताया कि आज सप्तमं नवरात्री के दिन मां कालरात्रि के चरित्र का वर्णन किया। उन्होनेें बताया कि जो मां कालरात्रि की पूजा पूरे तन मन से करता है उससे हमेशा भूत प्रेत, दुख और बुरे विचार आदि बुराईओं से हमेशा दूर रखती है, वेसै तो इनका रूप अत्यंत डरावना होता है लेकिन अपने भक्तों और बच्चों को हमेशा सुख प्रदान करती हैं, इसलिए इनका नाम शुभकारी भी हैं।

स्वामी शिववन जी महाराज जी ने दूसरे संर्दभ में बताया कि जो श्रद्धालुओं श्रीमद देवी भागवत महापुराण का श्रृवण अच्छे मन से करते है वो हमेश बुराइओं से दूर रहते हैं। उन्होनें बताया कि हम भारतीय है, हमें अपने भारतीय होने पर गर्व है, इतिहास गवाह है जब जब हमारे देश में में किसी धर्म या मातृभूमि की बात आती है तब तब किसी ने इस मातृभूमि पर जन्म लेकर देश, धर्म और पुराणों की रक्षा की हैं।

उन्होंने ने तीसरे संर्दभ में बताया कि हमें किसी गरीब, पिडित व्यक्ति मां बाप और गुरू को सताना नही चाहिए क्योकि अगर इनमें से किसी का भी आपको श्रृाप दे दिया तो वो अवश्य लगता हैै। क्योकि एक युग में किसी युवक ने एक वेदवती नामक देवी को सताया था। उस देवी के श्रृाप से वो अगले जन्म में उस युवक की मौत उस देवी के कारण ही हुई क्योकि वो देवी अगले जन्म में सीता और वो युवक रावण बना था। वेद और पुराण गवाह है जब कोई व्यक्ति पाप और गलत कार्य करता हैं तो उस व्यक्ति वो इस मातृभूमि पर ही आकर अपने कर्म भोगने पडतें हैं इसलिए मनुष्य को कभी भी कोई गलत कार्य नही करना चाहिए। हमेशा नारी का सम्मान करना चाहिए, क्योकि प्रत्येक नारी में देवी का वास होता हैं।

श्रीमद देवी भागवत महापुराण के समापन के बाद एक विशाल हवन का आयोजन किया गया जिसमें दूर दूर से लोग आये थें, इसपर हवन के आचार्य सुनील पंडित जी ने बताया कि यह हवन मंदिर, गांव और सम्पूर्ण क्षेत्र की सुख शांति के लिए किया जाता है इसी कारण इस हवन में क्षेत्र के बहुत से लोग हिस्सा लेते हैं। उन्होने बताया कि हवन करने से दुख और पापों का ही नही बल्कि पर्यावरण में मौजूद दूषित हवा का भी नाश होता हैं।

ललित वन और सतेद्र वन पूजारी जी ने बताया कि नवरात्री हमें नारी शक्ति से रूबरू करती हैं। जिस प्रकार जब जब हमारे मनुष्य और देवताओं के उपर राक्षसों ने वार किया है तब तब नारी शक्ति ने अलग अलग रूप में इस मातृभूमि की हैं। इसलिए हमें हमेशा नारी का सम्मान करना चाहिए।

आज के धार्मिक आयोजन में ललित वन जी महाराज, रामकुमार अवाना, दयाचंद प्रजापति, नरेंदर कश्यप, मलखान कश्यप, सतपाल कश्यप, सूरज चपराना, पप्पू कश्यप, मस्तराम, ईश्वर पंडित, नरेश नागर, बबली, रामवीर प्रजापति, पवन भाटी, दिनेश शर्मा, राकेश शर्मा, गजबसिंह भाटी, रघुराज वर्मा भुवन शर्मा, अज्जू नागर, पूजा भट्ट, क्षमा शर्मा, मंजू प्रजापति, उमा कश्यप, प्रियंका प्रजापित आदि सैकडों श्रद्धालु लोग मौजूद थे।