इंतजारः मुख्तार अंसारी को यूपी लाने के मामले में सुनवाई पूरी, जल्द फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट

मुख्तार अंसारी को यूपी लाने के मामले में सुनवाई पूरी, जल्द फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट

Tricity Today | मुख्तार अंसारी

गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को यूपी की बांदा जेल शिफ्ट करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को भी सुनवाई हुई। अंसारी के वकीलों ने कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार को उन्हें रूपनगर जेल से बांदा जेल में स्थानांतरित करने की मांग का कोई मौलिक अधिकार नहीं है। दो न्यायाधीशों की खंडपीठ इस पर फैसला सुनाएगी। यूपी सरकार ने शीर्ष अदालत से पंजाब सरकार और रूपनगर जेल प्रबंधन को निर्देश देने की मांग की थी। 

इसमें कहा गया था कि मऊ के विधायक मुख्तार अंसारी को जल्द से जल्द जिला जेल बांदा को में शिफ्ट किया जाए। न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति आरएस रेड्डी की पीठ ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश सरकार और अंसारी की याचिका पर जल्द फैसला सुनाएगी। अंसारी ने अपने खिलाफ मामलों को उत्तर प्रदेश के बाहर स्थानांतरित करने की मांग की है।

राज्य को अधिकार है
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी। उन्होंने जेल नियमों का हवाला देते हुए कहा कि भले ही राज्य के पास मौलिक अधिकार नहीं है, लेकिन वह मुद्दे और पीड़ितों के अधिकारों का समर्थन कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह कहना कि राज्य के पास मूलभूत अधिकार नहीं हैं, गलत है। क्योंकि राज्य हमेशा पीड़ित और समाज को इंसाफ दिलाने के लिए तत्पर होना चाहिए।      

अंसारी ने जेल नियमों का उल्लघंन किया है
राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि अंसारी ने जेल नियमों का उल्लंघन किया है। पीड़ितों के अधिकार तथा राज्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। आरोपी को निष्पक्ष सुनवाई बाधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। अंसारी की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि विपक्ष की एक पार्टी से जुड़े होने के कारण उसको निशाना बनाया जा रहा है। अंसारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न अदालतों में पेश हो रहे हैं। मगर विपक्ष ''बकवास तर्क दिए जा रहे हैं कि सुनवाई बाधित हो रही है।

यूपी के अलावा कहीं और ट्रांसफर करें
उन्होंने कहा, ''मैं मामलों को उत्तर प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने का अनुरोध करता हूं। राज्य में राजनीतिक बदले की भावना के कारण उसे दिल्ली स्थानांतरित किया जा सकता है। पंजाब सरकार की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अंसारी के खिलाफ पिछले 14-15 वर्षों से आपराधिक सुनवाई चल रही है। उत्तर प्रदेश की रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। इसे खारिज किया जाए। उगाही के एक कथित मामले में जनवरी, 2019 से ही मुख्तार अंसारी पंजाब के रूपनगर जिला जेल में बंद है। वह उत्तर प्रदेश में कई गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी है।

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