भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के बेटे और वन विभाग अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, जानिए वजह

गाजियाबाद : भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के बेटे और वन विभाग अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, जानिए वजह

भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के बेटे और वन विभाग अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, जानिए वजह

Tricity Today | नंदकिशोर गुर्जर के बेटे और वन विभाग अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज

भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के बेटे और वन विभाग अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, जानिए वजह गाजियाबाद में लोनी के विधायक और भाजपा नेता नंदकिशोर गुर्जर के बेटे नागेश गुर्जर और वन विभाग के रेंजर अशोक गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। नंदकिशोर गुर्जर के बेटे नागेश गुर्जर का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें दिख रहा है कि वह हर्ष फायरिंग कर रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। 

दरअसल, वीडियो उस समय का है। जब नागेश गुर्जर गनोली गांव में पौधरोपण करने के लिए गए थे। तभी वन विभाग के अधिकारी अशोक गुप्ता ने उनको गन दी और हवाई फायरिंग करने के लिए बोला जिस पर नागेश गुर्जर ने हर्ष फायरिंग की। इसका किसी ने वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। नंदकिशोर गुर्जर के बेटे नागेश गुर्जर का यह फायरिंग करते हुए का वीडियो काफी तेजी से वायरल हो गया। जिसके बाद अब गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले में एक्शन ले लिया है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल 
लोनी थाना पुलिस के दरोगा ने बताया कि वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। वायरल वीडियो की जांच करने पर साफ हो गया कि फायरिंग नागेश ने ही की है। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताश की गई। जिसमें पता चला है कि नागेश गुर्जर को पिस्टल वन विभाग के अधिकारी अशोक गुप्ता ने दी थी। इस मामले में पुलिस ने वन विभाग को नोटिस दिया गया है। लेकिन अभी तक वन विभाग की तरफ से पिस्टल पुलिस को नहीं सौंपी गई है। 

नन्दकिशोर गुर्जर ने दी सफाई
नन्दकिशोर गुर्जर के बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर उन्होंने कहा है कि उनके बेटे ने कोई भी हर्ष फायरिंग नहीं की है। वह बंदरों को भगाने वाली एयरगन है। 

अशोक गुप्ता ने दिया अलग बयान
अशोक गुप्ता ने इस मामले में अलग बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि नागेश गुर्जर ने जिस पिस्टल से हवाई फायरिंग की है। वह बच्चों के खेलने वाला खिलौना है। उससे बच्चे खेलते है। पुलिस के सामने विधायक और पिस्टल देने वाले के अलग-अलग बयान सामने आने पर पुलिस जांच कर रही है।

पुलिस को पिस्टल नहीं मिली
पुलिस का कहना है कि अभी तक इस मामले में वन विभाग की तरफ से पिस्टल पुलिस नहीं सौंपी गई है। इसके लिए नोटिस भी जारी किया गया है। लेकिन वन विभाग द्वारा कोई भी जवाब नहीं दिया जा रहा है। अब इससे प्रतीत होता है कि विधायक और वन विभाग मामले को दबाने के लिए गलत बोल रहे हैं। हालांकि यह जांच का विषय है। पिस्टल मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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