गाजियाबाद के 35 अस्पतालों पर आए संकट के बादल, 10 दिनों में देना होगा सरकार को जवाब, जानिए पूरा मामला

बड़ी खबर : गाजियाबाद के 35 अस्पतालों पर आए संकट के बादल, 10 दिनों में देना होगा सरकार को जवाब, जानिए पूरा मामला

गाजियाबाद के 35 अस्पतालों पर आए संकट के बादल, 10 दिनों में देना होगा सरकार को जवाब, जानिए पूरा मामला

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गाजियाबाद के 35 अस्पतालों पर आए संकट के बादल, 10 दिनों में देना होगा सरकार को जवाब, जानिए पूरा मामला Ghaziabad : कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में संक्रमित मरीजों और परिजनों से मनमाने तरीके से इलाज के बिल ज्यादा वसूलने के मामले में अब अस्पताल प्रबंधन जवाब नहीं दे रहे है। जांच कमेटी ने 35 अस्पतालों को नोटिस जारी किया है। जांच कमेटी के अध्यक्ष एवं नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने जांच की फाइनल रिपोर्ट तैयार करने से पहले इन निजी अस्पतालों से जवाब मांगा हैं। इनका जवाब मिलने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। 

रेमडेसिविर का इंजेक्शन भी ज्यादा रुपए में बेचा
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ओवर बिलिंग के मामले में अस्पतालों पर कार्रवाई का निर्णय लेंगे। दूसरी लहर के दौरान अस्पतालों ने जमकर ओवर बिलिंग की थी। ऑक्सीजन सिलेंडर तक परिजनों से मंगाया गया। वहीं, रेमडेसिविर का इंजेक्शन 20 से 25 हजार रुपए तक में बेचा गया। ओवर बिलिंग की शिकायतों पर शासन ने अस्पतालों के लिए प्रतिदिन का इलाज खर्च तय कर दिया था। इसके बाद भी कोरोना संक्रमित मरीजों का मनमाना बिल बनाकर वसूली की गई। 

प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के निर्देश पर जांच कमेटी बनाई
इस मामले में जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के निर्देश पर नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई गई थी। इसमें सीएमओ समेत कई अन्य विभागों के अधिकारी भी शामिल हैं। जांच कमेटी ने अस्पतालों की ओर से जारी किए गए सबसे ज्यादा रकम के बिलों के साथ-साथ कुछ अन्य बिल लिए। इनकी जांच की गई तो पता चला कि शासन की ओर से निर्धारित की गई इलाज की रकम से 10 हजार से 1.5 लाख रुपए तक ज्यादा वसूली की गई। 

10 दिनों में देनी होगी रिपोर्ट
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह ने बताया कि जांच के दायरे में आए कई अस्पतालों ने शुरूआती दौर में हुई शिकायतों पर अपना जवाब पहले ही भेज चुके हैं। बाकी अस्पतालों को नोटिस भेजकर उनसे भी जवाब मांगा गया है, ताकि एकतरफा जांच के आरोप न लग सके। एक सप्ताह में सभी अस्पतालों की ओर से जवाब देने के लिए कहा गया है। करीब 10 दिन में रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को भेज देंगे। इसके बाद जिलाधिकारी स्तर से ही इन अस्पतालों पर कार्रवाई के लिए अंतिम निर्णय लिया जाएगा। हालांकि अभी कई ऐसे अस्पताल हैं, जिन्होंने अब तक जवाब नहीं दिया है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आगे नहीं बढ़ पा रही है। 

जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को देंगे
नगर आयुक्त ने संबंधित अस्पतालों को जल्द नोटिस का जवाब देने को कहा है। 35 अस्पताल ऐसे हैं, जिन्होंने मरीजों से तय मानक से ज्यादा रुपये लिए हैं। जांच पूरी कर ली गई है। अस्पतालों का अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया गया है। जवाब मिलते ही जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।

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