गाजियाबाद की एक हजार हाउसिंग सोसाइटी और 400 से ज्यादा फैक्ट्रियों पर लगा लाखों का जुर्माना, विधायक की वजह से हुई दिक्कतें

बड़ी खबर : गाजियाबाद की एक हजार हाउसिंग सोसाइटी और 400 से ज्यादा फैक्ट्रियों पर लगा लाखों का जुर्माना, विधायक की वजह से हुई दिक्कतें

गाजियाबाद की एक हजार हाउसिंग सोसाइटी और 400 से ज्यादा फैक्ट्रियों पर लगा लाखों का जुर्माना, विधायक की वजह से हुई दिक्कतें

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गाजियाबाद की एक हजार हाउसिंग सोसाइटी और 400 से ज्यादा फैक्ट्रियों पर लगा लाखों का जुर्माना, विधायक की वजह से हुई दिक्कतें Ghaziabad News : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद गाजियाबाद नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण नहीं करने वाली एक हजार सोसाइटी, फैक्ट्रियों, बैंक्वेट हॉल और होटलों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इन्हें 20 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक जुर्माने का नोटिस भेजा गया है। शहर से रोजाना 1200 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। नगर निगम इसका सही तरह से निस्तारण नहीं कर पा रहा है। इस कारण कूड़ा सड़कों पर पड़ा रहता है। इससे प्रदूषण पर असर पड़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए एनजीटी ने पिछले दिनों नगर निगम से कूड़ा प्रबंधन की जानकारी मांगी। एनजीटी की सख्ती के बाद निगम अधिकारी हकरत में आए। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने उन सभी सोसाइटी, फैक्ट्रियों, बैंक्वेट हॉल और होटल पर जुर्माना लगाना शुरू कर दिया, जहां रोजाना 100 किलो से ज्यादा कूड़ा निकलता है और उसके निस्तारण के लिए प्लांट नहीं लगे हैं।

20 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक का जुर्माना
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश कुमार ने बताया कि सिटी जोन में 62, मोहननगर में 83, विजयनगर में 49, कविनगर में 76 और वसुंधरा जोन में 166 फैक्ट्रियों पर जुर्माना लगाया है। इसके अलावा 532 सोसाइटी, बैंक्वेट हॉल और होटल पर भी जुर्माना लगाया है। सभी पर 20 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है। पुलिस की मदद से जुर्माना राशि वसूली जाएगी। जुर्माना लगने के बाद भी यदि कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट नहीं लगाया जाता तो इसकी जानकारी एनजीटी में दी जाएगी। निगम घरों से कूड़ा उठाने के बाद सड़कों पर डाल रहा है। सड़कों पर कूड़ा पड़ा होने से दुर्गंध फैल रही है। लोगों का बुरा हाल है। निगम की कूड़ा उठाने की व्यवस्था फेल हो गई है। डंपिंग ग्राउंड विधायक ने बंद करा दिया। इससे दिक्कत पैदा हो गई है।

इस वजह से लगा जुर्माना
कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट नहीं होने और सड़कों पर कचरा फेंकने के मामले में निगम अधिकारी अभी तक सख्ती नहीं कर रहे थे। एनजीटी के सख्त होते ही अधिकारी भी हरकत में आ गए। निगम को पूरा रिकॉर्ड एनजीटी में देना है। यही कारण है कि बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि गालंद और मोरटा साइट पर कूड़ा भेजने की तैयारी है। गालंद की साइट का निरीक्षण कर लिया है। मोरटा पर फिर से कूड़ा भेजा जाएगा।

कर्मचारियों और निरीक्षकों को सख्त आदेश
नगर निगम शहर के दस वार्डों में ऐप की मदद से कूड़ा उठाने की तैयारी कर रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत निगरानी टीम बनाई जा रही है। ऐप से कूड़ा उठाने वाले वाहन की लोकेशन का पता चलेगा। साथ ही गाड़ी किस घर पर कब पहुंचेगी यह पता चल जाएगा। सड़क पर कचरा फेंकने या जलाने पर निगम अब 20 हजार रुपये का जुर्माना वसूलेगा। कोई व्यक्ति यदि कचरा फेंकते हुए पकड़ा गया तो उस पर यह कार्रवाई होगी। निगम की तरफ से सभी सफाई कर्मचारियों और निरीक्षकों को नजर रखने का आदेश दिया गया है। 

शहर की सड़कें कूड़े में तब्दील
शहर में निगम के सफाई कर्मचारी सड़कों पर कूड़ा फेंकते हैं तो उन पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। निगम सफाई कर्मचारी कचरे में आग नहीं लगा सकते। लोग उनका वीडियो बनाकर निगम अधिकारियों को भेज सकते हैं। शहर की सड़कें कूड़े में तब्दील हो गई हैं। निगम घरों से कूड़ा उठाने के बाद सड़कों पर डाल रहा है। सड़कों पर कूड़ा पड़ा होने से दुर्गंध फैल रही है। लोगों का बुरा हाल है। निगम की कूड़ा उठाने की व्यवस्था फेल हो गई है। डंपिंग ग्राउंड विधायक ने बंद करा दिया। इससे दिक्कत पैदा हो गई है।

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