शाहबेरी में अवैध निर्माण क्यों चल रहा है? आरटीआई एक्टिविस्ट ने सीएम से पूछा सवाल

ग्रेटर नोएडा वेस्ट : शाहबेरी में अवैध निर्माण क्यों चल रहा है? आरटीआई एक्टिविस्ट ने सीएम से पूछा सवाल

शाहबेरी में अवैध निर्माण क्यों चल रहा है? आरटीआई एक्टिविस्ट ने सीएम से पूछा सवाल

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Greater Noida : ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अथाॅरिटी एरिया के शाहबेरी गांव में अरबों रुपये की जमीन अथाॅरिटी के हाथों से निकलती जा रही है। शाहबेरी गांव में अवैध टावरों का जाल फैलता जा रहा है। अवैध निर्माण पर रोक लगाने के आदेश यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2018 में दिए थे। तब शाहबेरी में हुए हादसे के बाद यहां का निर्माण राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में छा गया था। शाहबेरी मामले में अथाॅरिटी की ओएसडी समेत कई अफसरों पर गाज गिरी थी, लेकिन शाहबेरी में अथाॅरिटी के डिविजन एक के अफसरों की अनदेखी के चलते अवैध टावरों का निर्माण लगातार जारी है।

रातोंरात अवैध टावर खड़े होते जा रहा हैं, जबकि ग्रेटर नेाएडा अथाॅरिटी की सीईओ रितु महेश्वरी की ओर से शाहबेरी समेत अन्य सभी अधिसूचित एरिया के गांवों में किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हुए हैं। इसके बावजूद अवैध टावरों का जाल फैलता जा रहा है। आरटीआई एक्विस्ट राजेंद्र सिंह ने इस मामले की शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ को उनके पोर्टल पर दर्ज कराई है। राजेन्द्र सिंह का कहना है कि अथाॅरिटी की डिविजन-1, डिविजन -7, जल और सीवर विभाग में मलाईदार पद पर तैनात मैनेजर प्रभात शंकर शाहबेरी में अवैध निर्माण की देखरेख करते हैं। अवैध बिल्डर बगैर किसी रोक-टोक के अवैध निर्माण कर रहे हैं। जबकि अधिसूचित एरिया में बगैर नक्शा पास कराए एक ईंट लगाना भी अवैध है। यदि यही हाल रहा तो 2018 वाला हादस कभी भी हो सकता है।

राजेन्द्र सिंह का कहना है कि हादसे की पूरी लपटें वर्तमान योगी आदित्यनाथ सरकार पर आएंगी। अवैध इमारत बगैर किसी नक्शे के बनाई जा रही हैं। कई इमारत तो अभी भी झूकी हुई खड़ी हैं। मंगलवार की दोपहर भूकंप आया। ग्रेटर नोएडा अथाॅरिटी ने हादसे के बाद शाहबेरी में अवैध इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया था। जिसमें इमारते भूकंप झेलने में नाकाम बताई गई हैं। इसके बावजूद अवैध निर्माण जारी है। वहीं, इन आरोपों पर मैनेजर प्रभात शंकर का कहना है कि शाहबेरी में बिल्डिंग नंबर 641 तोड़ने का कार्य चल रहा है।

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