ग्रेटर नोएडा : शहर में एक और अवैध शराब की फैक्ट्री का पर्दाफाश, दो जिलों की पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

शहर में एक और अवैध शराब की फैक्ट्री का पर्दाफाश, दो जिलों की पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

Google Image | प्रतीकात्मक फोटो

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर सिग्मा-चार सेक्टर में स्थित एक मकान में अवैध रूप से मिलावटी देशी शराब की फैक्ट्री चल रही थी। हापुड़ और बीटा-दो कोतवाली पुलिस ने छापेमारी कर फैक्ट्री में काम कर रहे चार आरोपियों को धर दबोचा है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में मिलावटी शराब, फर्जी बार कोड, केन, शराब बनाने की सामग्री और एक कार बरामद की है। 

पिछले काफी दिनों से सेक्टर के मकान में मिलावटी शराब की फैक्ट्री चल रही थी। लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। अभी 10 दिन पूर्व भी कासना कोतवाली क्षेत्र में दूसरे जिले की पुलिस ने छापेमारी कर मिलावटी शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। आशंका है कि इस मिलावटी फैक्ट्री के तार बुलंदशहर जहरीली शराब कांड से जुड़े हो सकते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस गहनता से जांच कर रही है। 

डीसीपी ग्रेटर नोएडा राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जनपद हापुड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर सिग्मा-4 में मिलावटी अवैध शराब की फैक्टरी चल रही है। मुखबिर की सूचना पर जनपद हापुड़ के थाना बहादुरगढ़ और बीटा-दो कोतवाली पुलिस ने गुरुवार की सुबह संयुक्त आपरेशन के तहत एक रिहायशी मकान पर दबिश दी। जिसमें अवैध रूप से चल रही मिलावटी देशी शराब की फैक्टरी पकड़ी गई। पुलिस ने मौके से चार अभियुक्तों को धर दबोचा, जो शराब बना रहे थे। 

पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की है। जिसमें पता चला है कि आरोपियों की पहचान मनीष निवासी ग्राम खेड़ी भनौता, कुलदीप निवासी ग्राम तुलजापुर जनपद मैनपुरी हाल पता सेक्टर सिग्मा-4, दीपक निवासी मोहल्ला मेहताब मरोरा मेरठ हाल पता सेक्टर सिग्मा-4 ग्रेटर नोएडा के रूप में हुई है।  यह आरोपी केमिकल द्वारा अवैध रूप से देशी शराब बना रहे थे। पुलिस ने मौके से 720 पव्वे मिस इंडिया देशी शराब, 15 हजार ढक्कन, 300 खाली बोतल, आठ कैन प्लास्टिक खाली, दो ड्रम प्लास्टिक खाली, दो बोतल खाली एसेंस (केमिकल), चार लीटर कलर, ढक्कन सील करने की मशीन, दो हजार ढक्कन का फर्जी सील बारकोड, दस किग्रा यूरिया व एक कार बरामद की है। 

वहीं इस अवेैध कारोबार में शामिल छह अन्य अभियुक्त वीरपाल यादव मूल निवासी मैनपुरी, सोमवीर उर्फ पप्पू निवासी बुगराऊ बुलंदशहर, अमित निवासी ग्राम सैखपुर बुलंदशहर, पिंटू उर्फ परवाना निवासी औरंगाबाद बुलंदशहर, सारसिज गुप्ता निवासी राजनगर गाजियाबाद व संजय निवासी सिग्मा-4 ग्रेटर नोएडा फरार हैं। डीसीपी ने बताया कि मकान मालिक व किराये पर मकान दिलाने वाले डीलर को भी अभियुक्त बनाया गया है। इन सभी के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। 

मकान किराए पर लेकर चलाते थे मिलावटी शराब का धंधा
डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त शातिर किस्म के अपराधी हैं,जो अपने साथियों के साथ मिलकर कम बसावट वाले सेक्टरों में बंद पड़े मकानों को किराये पर लेकर एसेंस, यूरिया, एल्कोहल, कलर आदि केमिकल से अवैध रूप से मिलावटी शराब बनाते हैं। बोतल पर फर्जी रेपर चिपकाकर आसपास के शहरों में सप्लाई करते हैं। डीसीपी का कहना है कि फरार अभियुक्तों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मिलावटी शराब की सप्लाई कहां- कहां करते थे, इस बारे में पता लगाया जा रहा है। साथ ही इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी की जा रही है।

दस दिन में दूसरी फैक्ट्री पकड़ी गई
ग्रेटर नोएडा में 10 दिन में दूसरी फैक्ट्री पकड़ी गई है जहां मिलावटी शराब बनाई जा रही थी। आशंका जताई जा रही है इन फैक्ट्रियों के तार बुलंदशहर जहरीली शराब कांड से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इसकी भी गहनता से जांच कर रही है।

जिले की पुलिस पर उठे सवाल
ग्रेटर नोएडा में एक के बाद एक दो मिलावटी अवैध शराब की फैक्ट्री पकड़े जाने से जिले की पुलिस पर सवाल खड़े हो गए हैं।  इन दोनों फैक्ट्रियों का खुलासा करने में दूसरे जिले कि पुलिस ने कार्रवाई की है। जबकि संबंधित थाने की पुलिस को इनके बारे में भनक तक नहीं लगी। सेक्टर सिग्मा चार और कासना औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्ट्री से बरामद की गई मिलावटी शराब से एक जैसी बताई जा रही है।

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