दो दिन में बढ़े डेंगू के मामले, नोएडा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने निवासियों से बड़ी अपील की

चिंताजनक: दो दिन में बढ़े डेंगू के मामले, नोएडा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने निवासियों से बड़ी अपील की

दो दिन में बढ़े डेंगू के मामले, नोएडा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने निवासियों से बड़ी अपील की

Google Image | गौतमबुद्ध नगर में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

दो दिन में बढ़े डेंगू के मामले, नोएडा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने निवासियों से बड़ी अपील की Gautam Buddh Nagar: गौतमबुद्ध नगर में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। 3 दिन पहले तक जनपद में डेंगू के सिर्फ 2 मरीज मिले थे। लेकिन बीते 2 दिन में 11 और मामलों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही जिले में डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या 13 हो गई है। हालांकि वेक्टरजनित रोगों को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। स्वास्थ्य विभाग हर संदिग्ध निवासी में स्क्रब टाइफस और लेप्टोस्पायरोसिस की जांच कर रहा है। 

दरअसल आईसीएमआर (ICMR) की रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी समेत पूरे राज्य में 100 से अधिक लोगों की मौत की वजह डेंगू, स्क्रब टाइफस और लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी है। प्रशासन का कहना है कि बीमारियों से बचाव के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। जिले में फॉगिंग अभियान तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारी सुहास एलवाई (DM Suhas LY IAS) ने कहा, हमने सभी विभागों के साथ बैठक की। अधिकारियों के अलावा, नगर पंचायत और अन्य विभागों को भी साफ-सफाई और नियमित स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। एंटी-लार्वा छिड़काव और बसे हुए क्षेत्रों के आसपास झाड़ियों की सफाई भी की जा रही है।

अफसरों का कहना है कि राज्य के अन्य जिलों की तुलना में बेहतर स्वच्छता और कम जलभराव की वजह से अब तक गौतमबुद्ध नगर में डेंगू के मामले कम रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी राजेश शर्मा ने कहा, नोएडा में शायद ही कोई क्षेत्र हो जहां जलभराव एक बड़ी समस्या है। यहां बारिश का पानी बहता रहता है। नियमित फॉगिंग ड्राइव भी चल रही है। कोविड के दौरान स्वच्छता अभियान में शामिल सभी टीमों को अब फॉगिंग की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा, बुखार की निगरानी के दौरान भी यह देखा गया है कि जिले में कोविड महामारी के बाद साफ-सफाई में सुधार हुआ है। इस वजह से भी जनपद में वेक्टरजनित बीमारियां कम हैं।

राहत की बात यह है कि जिले के तीन स्क्रब टायफस मरीजों का इलाज कर उन्हें छुट्टी दे दी गई है। निगरानी के दौरान भी कोई नया संदिग्ध मामला नहीं मिला। अगस्त के अंत तक मलेरिया के मामले 23 थे। हालांकि सितंबर के अंत तक नए मामले जुड़ जाएंगे। मानसून और बारिश की भविष्यवाणी को देखते हुए अफसरों ने लोगों से बड़ी अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि निवासियों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है। ताकि घरों के पास बर्तन, कूलर, बालकनी में पक्षियों को खिलाने वाली ट्रे, बेकार टायर या थर्मोकोल कप में साफ पानी इकट्ठा न हो।

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