BIG BREAKING : मोहित भाटी और उमेश भाटी हत्याकांड की जांच में गृह मंत्रालय ने दी दखल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिला पीड़ित परिवार

मोहित भाटी और उमेश भाटी हत्याकांड की जांच में गृह मंत्रालय ने दी दखल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिला पीड़ित परिवार

Tricity Today | मोहित भाटी और उमेश भाटी

ग्रेटर नोएडा के सनसनीखेज मोहित भाटी और उमेश भाटी हत्याकांड में नया मोड़ आया है। मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दखल दी है। गृह मंत्रालय की ओर से गौतमबुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार सिंह और अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी को पत्र भेजे गए हैं। दरअसल, पीड़ित परिवार ने केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। उन्हें जानकारी दी और मामले की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की। इस पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गृह मंत्रालय को पत्र भेजा था। अब गृह मंत्रालय की ओर से राज्य सरकार और गौतमबुद्ध नगर पुलिस को निर्देश भेजे गए हैं।



इस मामले में पैरवी कर रहे मोहित भाटी के पिता महेश भाटी ने बताया, उन्होंने पिछले साल नवंबर के महीने में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। उन्हें पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया था। मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की थी। राजनाथ सिंह ने कार्यवाही का आश्वासन दिया था। इसके बाद रक्षामंत्री ने एक पत्र गृह मंत्रालय को भेजा गया था। अब गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश सरकार और गौतमबुद्ध नगर पुलिस को पत्र लिखकर मामले में कार्यवाही करने का आदेश दिया है। 

महेश भाटी का कहना है कि उनके बेटे की वर्ष 2018 में हत्या कर दी गई थी। उस हत्याकांड के मुख्य गवाह और उनके भाई उमेश भाटी की भी पिछले साल अक्टूबर 2020 में हत्या कर दी गई है। मामले में पुलिस ने दुर्घटना का मुकदमा दर्ज किया। जबकि मौका-ए-वारदात से मिले सबूतों के आधार पर यह मामला दुर्घटना का नहीं है। महेश भाटी का कहना है कि उनका भाई, बेटे की हत्या में मुख्य गवाह था। उसकी सुरक्षा के लिए पुलिस, प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। अब महेश भाटी इन दोनों हत्याकांड की जांच सीबीआई से करवाना चाहते हैं।



दादरी विधायक तेजपाल नागर पर परिवार लगा रहा गम्भीर आरोप
महेश भाटी इस मामले में शुरू से दादरी से विधायक मास्टर तेजपाल सिंह नागर पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। महेश भाटी का कहना है, "मेरे बेटे की हत्या विधायक के भांजे ने करवाई है। विधायक के दबाव में 4 महीने तक गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा नहीं किया था। तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने ईमानदारी से मामले में जांच करवाई और विधायक के भांजे को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। बेटे की हत्या में मेरा भाई उमेश भाटी मुख्य गवाह था। उसकी जान को खतरा था। मैं लगातार उसके लिए सुरक्षा की मांग कर रहा था। लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं थी। अंततः अक्टूबर 2020 में हत्या कर दी गई। उसकी हत्या की वारदात को एक्सीडेंट का रूप दिया गया है। इस मामले में मैंने रक्षामंत्री से सीबीआई जांच की मांग की है। मैं चाहता हूं कि विधायक की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह जांच गौतमबुद्ध नगर पुलिस नहीं कर पाएगी।" हालांकि, इस मामले को लेकर विधायक तेजपाल सिंह नागर ने स्थिति साफ की थी। उन्होंने कहा था कि मोहित भाटी हत्याकांड के अभियुक्तों से उनकी कोई रिश्तेदारी नहीं है।

कमिश्नर ने जांच एडिशनल डीसीपी सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस को सौंपी
गृह मंत्रालय की ओर से भेजी गई चिट्ठी गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट को मिल गई है। पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने मामले की जांच एडिशनल डीसीपी (सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस) प्रद्युम्न सिंह को सौंप दी है। एडिशनल डीसीपी मामले की जांच कर रहे हैं। दूसरी ओर मोहित भाटी हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त फर्रुखाबाद की फतेहगढ़ जेल में बंद है। उसकी जमानत याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि अभियुक्त गवाहों के लिए खतरा उत्पन्न कर सकता है। सबूतों के साथ भी छेड़छाड़ कर सकता है।

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