गुरुग्राम जिला जनवरी तक बनेगा मोतियाबिंद मुक्त, चलाया जाएगा यह खास अभियान

अच्छी खबर : गुरुग्राम जिला जनवरी तक बनेगा मोतियाबिंद मुक्त, चलाया जाएगा यह खास अभियान

गुरुग्राम जिला जनवरी तक बनेगा मोतियाबिंद मुक्त, चलाया जाएगा यह खास अभियान

Tricity Today | अधिकारियों के साथ की बैठक

गुरुग्राम जिला जनवरी तक बनेगा मोतियाबिंद मुक्त, चलाया जाएगा यह खास अभियान
  • -जिलावासियों की आंखों की जांच करने के लिए चलाया जाएगा अभियान-मण्डलायुक्त
  • -स्वयंसेवी संस्थाओं, आशा वर्कर व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का लिया जाएगा सहयोग
Gurugram : गुरूग्राम जिले को मोतियाबिंद मुक्त बनाने को लेकर मण्डलायुक्त रमेश चंद्र बिढान ने मंगलवार को संबंधित अधिकारियों के साथ अपने कार्यालय में बैठक की। जिसमें उन्होंने जिलावासियों की आंखों की जांच करने का कार्य कम्पेन मोड व अभियान के रूप में चलाने के निर्देश दिए और कहा कि इस कार्य में संबंधित अधिकारी व कर्मचारी कोताही ना बरतें। जिला को दिसंबर अंत तक मोतियाबिंद मुक्त बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करने की हिदायत देते हुए मण्डलायुक्त ने कहा कि इस कार्य में स्वयंसेवी संस्थाओं, स्वास्थ्य विभाग की आशा वर्करों, एएनएम व महिला और बाल विकास विभाग में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया जाएगा।

जीवन में आंखों का बहुत महत्व
उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में आंखों का बहुत महत्व है और आधुनिक समय मंे भी कई लोग इस ओर ध्यान नहीं देते जिसकी वजह से उनकी दृष्टि प्रभावित होती है और वे सही ढंग से काम नहीं कर पाते। ऐसे में उनकी अंाखों की दृष्टि की जांच करके उनका सही ईलाज करवाना जरूरी है। श्री बिढान ने कहा कि आंखों की दृष्टि दोष से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान के लिए आशा वर्करों, एएनएम और आंगनवाड़ी वर्करों का सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित भी किया जाएगा कि किस प्रकार से उन्हें आंखों की जांच करनी है।

आंखों की जांच के लिए बनाया जाए मोबाइल एैप
उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की आंखों की जांच को लेकर एक मोबाइल एैप भी बनाया जाएगा। जिसमें आंखों की जांच करवाने वाले व्यक्ति का नाम, उसका आधार नंबर, परिवार पहचान पत्र नंबर, रिहायशी स्थान का ब्यौरा आदि विवरण के साथ जांच करने वाले व्यक्ति का नाम आदि भरा जाएगा। इस दौरान सामने आने वाले दृष्टिदोष के मरीजों का नाम रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा, ताकि एक विश्वसनीय डाटा तैयार हो सके। इसके साथ-साथ मरीजों के ईलाज की रूपरेखा भी तैयार होगी।    

गांवों में लगाए जाए कैंप
श्री बिढान ने कहा कि जिला के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में आम जनता की आंखों की दृष्टि की जांच के लिए कैंप लगाए जाएंगे। इस कार्य में स्वास्थ्य सेवाओं विशेषकर नेत्र रोग के क्षेत्र में काम करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं तथा चौरिटेबल संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन कार्यालय की नेत्र रोग विशेषज्ञ उप सिविल सर्जन डा. प्रिया शर्मा को नोडल अधिकारी बनाया गया है। कैंप लगाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में जिला विकास और पंचायत अधिकारी जगह उपलब्ध करवाएंगे।

ये लोगों रहे उपस्थित
बैठक में सिविल सर्जन डा. विरेंद्र यादव, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान, खण्ड शिक्षा अधिकारी शील कुमारी, उप सिविल सर्जन डा. प्रिया शर्मा और अरूणोदया चौरिटेबल ट्रस्ट की प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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