Farmers Protest: कृषि कानूनों को लेकर सरकार से बातचीत के संबंध में किसान संगठनों की अहम बैठक, मोदी भी करेंगे संबोधित

कृषि कानूनों को लेकर सरकार से बातचीत के संबंध में किसान संगठनों की अहम बैठक, मोदी भी करेंगे संबोधित

Google Image | PM Modi

केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान करीब एक महीने से दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। हालांकि आंदोलनकारी किसान संगठन शुक्रवार को बैठक कर केंद्र के पत्र पर बातचीत कर सकते हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन अंतरण के दौरान किसानों को संबोधित करेंगे। हालांकि किसानों के प्रदर्शन की वजह से कई रास्तों पर जाम की स्थिति बनी हुई है। दिल्ली की सिंघू, टिकरी और गाजीपुर सीमाओं पर 40 किसान संगठन शुक्रवार को 'संयुक्त किसान मोर्चा’ की बैठक करेंगे। इसमें केंद्र के पत्र पर चर्चा कर औपचारिक रूप से इसका जवाब देने के लिए विचार-विमर्श किया जाएगा। 

प्रदर्शनकारी किसान संगठनों ने गुरुवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का ताजा पत्र किसानों के खिलाफ षड़यंत्र है। इसके जरिए सरकार यह साबित करना चाहती है कि किसान बातचीत में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। किसानों ने बातचीत फिर शुरू करने के लिए एजेंडा में नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के विषय को शामिल करने की मांग की है।

इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने किसानों को नए सिरे से वार्ता का न्योता दिया है। कृषि मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि एजेंडा में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से संबंधित किसी नई मांग को शामिल करना 'तार्किक’ नहीं होगा। क्योंकि यह नए कृषि कानूनों के दायरे से परे है। मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि वह आंदोलनकारी किसान संगठनों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर 'तार्किक समाधान’ खोजने के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को एक बटन के जरिए नौ करोड़ से अधिक लाभार्थी किसान परिवारों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित करने वाले हैं। यह धनराशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत अगली किस्त के रूप में जारी की गई। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मोदी छह राज्योंन के किसानों से संवाद भी करेंगे। इस दौरान वह किसान सम्मांन निधि और किसानों के कल्या्ण के लिए सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों के बारे में चर्चा करेंगे।

धरना की वजह से यातायात प्रभावित, ट्रैफिक पुलिस ने सुझाए वैकल्पिक रास्ते : किसानों के प्रदर्शन की वजह से दिल्ली में  कई मार्गों को बंद कर दिया गया है। मार्ग बदलने के कारण भी यातायात प्रभावित रहा। दिल्ली यातायात पुलिस ने शुक्रवार को ट्वीट कर बताया कि सिंघू, औचंदी, प्याऊ मनियारी, साबोली और मंगेश सीमाएं यातायात के लिए बंद हैं। ट्रैफिक विभाग ने लिखा है, ‘कृपया लामपुर, सफियाबाद, पल्ला और सिंघू स्कूल टोल टैक्स बॉर्डर के रास्ते वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें। मुकरबा और जीटीके रोड से यातायात का मार्ग बदला गया है। कृपया आउटर रिंग रोड, जीटीके रोड और एनएच - 44 की तरफ जाने से बचें।

यातायात पुलिस ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली आने के लिए चिल्ला तथा गाजीपुर बॉर्डर बंद हैं। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, “दिल्ली आने के लिए लोगों को आनंद विहार, डीएनडी, अप्सरा, भोपरा और लोनी सीमाओं के रास्ते वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी जाती है। दिल्ली यातायात पुलिस ने एक परामर्श में कहा कि सिंघू सीमा के आगे एनएच - 44 को आम यातायात के लिए शनिवार से बंद कर दिया गया है। जनता को असुविधा नहीं हो, इस लिहाज से मार्ग बदले गए हैं।

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