SPECIAL COVERAGE: कौन हैं स्वतंत्र देव सिंह और कैसे बन गए यूपी भाजपा के अध्यक्ष, पढ़िए पूरा सफ़रनामा

Updated Dec 29, 2019 04:41:02 IST | Tricity Today Correspondent

स्वतंत्र देव ने 2002 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय भाजपा युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित कराया था। अपने नेतृत्व में उन्होंने भाजपा की सीमा जागरण यात्रा (सहारनपुर से पीलीभीत बॉर्डर, गोरखपुर से बिहार तक) करवाई थी। इसके साथ ही केंद्रीय जल संसाधन विकास मंत्री उमा भारती की गंगा यात्रा में गढ़मुक्तेश्वर (गाजियाबाद) से बलिया तक प्रमुख प्रभारी रहे। 2009 में वह भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की रैली के प्रमुख कर्ताधर्ता थे।

SPECIAL COVERAGE: कौन हैं स्वतंत्र देव सिंह और कैसे बन गए यूपी भाजपा के अध्यक्ष, पढ़िए पूरा सफ़रनामा
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LUCKNOW: योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट में परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को भाजपा ने एक अहम जिम्मेदारी दी है। मंगलवार को स्वतंत्र देव सिंह को भाजपा ने उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया। इसकी विधिवत घोषणा प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम में की गई है।

मूल रूप से मिर्जापुर के सीखड़ ब्लॉक के जमालपुर गांव के निवासी स्वतंत्र देव सिंह को उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने एक बार फिर पूर्वांचल को प्रमुखता दी है। इससे पहले डॉ.महेंद्र नाथ पांडेय प्रदेश अध्यक्ष थे। स्वतंत्र देव सिंह की शादी झांसी जिले के सिगार गांव में हुई थी। बड़े भाई के पास जालौन में पढ़ाई करने आए और बुंदेलखंड के जालौन को ही कर्मभूमि बना लिया।

छात्र संघ से शूरु किया राजनीतिक सफर
स्वतंत्र देव सिंह ने राजनीति की शुरुआत छात्रसंघ चुनाव से की थी। जालौन के उरई स्थित डीवीसी कॉलेज से छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ा लेकिन, हार गए थे। इसके बाद 1986 में आरएसएस से जुड़कर स्वयंसेवक के रूप में प्रचारक के तौर पर काम करना शुरू किया।

एबीवीपी से मिली पहचान
1988-89 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में संगठन मंत्री के रूप में काम किया। 1991 में भाजपा कानपुर की युवा शाखा के भाजपा युवा मोर्चा के प्रभारी बने। 1994 में बुन्देलखंड के युवा मोर्चा के प्रभारी के रूप में सक्रिय राजनीति में आए। 1996 में स्वतंत्र देव सिंह युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री नियुक्त हुए। 1998 में दोबारा भाजपा प्रदेश युवा मोर्चा के महामंत्री बनाए गए। 2001 में भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने।

विधान परिषद सदस्य बनकर विधायी राजनीति शुरु की
2004 में स्वतंत्र देव सिंह बुंदेलखंड से झांसी-जालौन-ललितपुर विधान परिषद क्षेत्र के सदस्य चुने गए। साथ ही यूपी भाजपा के प्रदेश महामंत्री भी बनाए गए। स्वतंत्र देव सिंह 2004 से 2010 तक प्रदेश महामंत्री रहे। 2010 में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए और 2012 में फिर महामंत्री बने।

कालपी से हार गए विधानसभा चुनाव
2012 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा से स्वतंत्र देव सिंह ने उरई की कालपी सीट से चुनाव लड़ा था। यहां कांग्रेस की प्रत्याशी उमा कांति के सामने स्वतंत्र देव सिंह की जमानत जब्त हो गई थी। इसके बाद भी उन्हें भाजपा ने एमएलसी बनाया। स्वतंत्र देव सिंह ने महामंत्री रहते हुए 2017 में भाजपा को बुंदेलखंड क्षेत्र में जीत दिलाई।

पूर्वी यूपी के निवासी लेकिन पश्चिम में मजबूत पकड़
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बाद स्वतंत्र देव सिंह भाजपा के ऐसे दूसरे नेता हैं, जो निवासी तो पूर्वी यूपी के हैं लेकिन पश्चिम उत्तर प्रदेश में खासे लोकप्रिय हैं। इसी कारण 2013 में इनको पश्चिम उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया था। इसके बाद स्वतंत्र देव सिंह को 2014 में प्रदेश भाजपा सदस्यता अभियान का प्रभारी बनाया गया। उन्होंने प्रदेशभर से एक करोड़ से ज्यादा नए सदस्य बनाकर अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया था।

अटल-आडवाणी युग में कई बड़े काम किए
स्वतंत्र देव ने 2002 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय भाजपा युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित कराया था। अपने नेतृत्व में उन्होंने भाजपा की सीमा जागरण यात्रा (सहारनपुर से पीलीभीत बॉर्डर, गोरखपुर से बिहार तक) करवाई थी। इसके साथ ही केंद्रीय जल संसाधन विकास मंत्री उमा भारती की गंगा यात्रा में गढ़मुक्तेश्वर (गाजियाबाद) से बलिया तक प्रमुख प्रभारी रहे। 2009 में वह भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की रैली के प्रमुख कर्ताधर्ता थे।

पत्रकार भी रहे स्वतंत्र देव सिंह
स्वतंत्र देव सिंह कभी पत्रकारिता भी किया करते थे। छात्र राजनीति के बीच वह 1989-90 में स्वतंत्र भारत अखबार से जुड़े थे। बुंदेलखंड के उरई जिले में वह इस अखबार के संवाददाता के तौर पर काम करते थे लेकिन, पत्रकार के तौर पर वह सफल नहीं हुए।

मोदी सरकार बनवाने अहम योगदान दिया
2014 में हुए आम चुनाव स्वतंत्र देव के लिए महत्वपूर्ण रहा। भाजपा ने उत्तर प्रदेश में होने वाली रैलियों के आयोजन की कमान उन्हें दी। यहीं से वह पीएम मोदी और अमित शाह के करीब आए। बुंदेलखंड में मजबूत पकड़ के चलते 2019 में अधिकतर सीटों पर टिकट उनकी सलाह पर ही दिए गए। भाजपा ने यहां से सभी 19 सीटें जीतीं तो उनका कद और बढ़ गया। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के अपना दल (एस) के कुर्मी वोटों को साधने के लिए स्वतंत्र देव सिंह को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।

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