GREATER NOIDA : मेडिकल डिवाइस पार्क के विकास पर खर्च होंगे 400 करोड़, युवाओं को मिलेगा रोजगार

Updated Oct 09, 2020 07:47:41 IST | Mayank Tawer

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने के लिए प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। इस पार्क को विकसित करने में 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें 18 हजार करोड़...

GREATER NOIDA : मेडिकल डिवाइस पार्क के विकास पर खर्च होंगे 400 करोड़, युवाओं को मिलेगा रोजगार
Photo Credit:  Tricity Today
Dr Arunvir Singh IAS

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने के लिए प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। इस पार्क को विकसित करने में 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें 18 हजार करोड़ रुपये का निवेश व 35 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश सरकार यहां आने वाले उद्यमियों को स्टेट जीएसटी, स्टांप ड‘यूटी, इलेक्ट्रिसटी ड‘यूटी आदि नहीं लेगी। इसके अलावा कई और छूट देने की तैयारी है। यही नहीं इस पार्क में तकनीकी सहयोग के लिए कानपुर आईआईटी से यमुना प्राधिकरण ने अनुबंध किया है।

केंद्र सरकार देशभर में 4 मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित करने जा रहा है। मेडिकल उपकरणों में आत्मनिर्भर बनने के लिए यह पहल शुरू की गई है। भारत एशिया का चौथा सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस का बाजार है। अब केंद्र सरकार ने राज्यों से प्रस्ताव मांगे हैं। प्रदेश सरकार ने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने के लिए चुना है। सरकार ने यमुना प्राधिकरण से इसके लिए प्रस्ताव मांगा था। प्राधिकरण ने बुधवार को अपना प्रस्ताव सरकार को भेज दिया। अब यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। अफसरों को उम्मीद है कि केंद्र इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेगा। यमुना प्राधिकरण ने सेक्टर-28 में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने की योजना बनाई है। इसके लिए 350 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। प्रस्ताव के मुताबिक, पार्क के विकास में 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर 210 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

उद्यमियों को मिलेंगे ये लाभ
यहां इकाई लगाने वाले उद्यमियों को इलेक्ट्रिसटी ड‘यूटी व स्टांप ड‘यूटी में छूट मिलेगी। स्टेट जीएसटी 10 साल तक नहीं ली जाएगी। बिजला व पानी की 24 घंटे आपूर्ति की जाएगी। उद्यमी अगर लोन लेते हैं तो ब्याज में 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। बिजली बिल 3.9 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से लिया जाएगा। पानी का शुल्क 4 रुपये प्रति किलोलीटर लिया जाएगा। वेयर हाउस का किराया प्रति माह 100 रुपये/मीटर के हिसाब से लिया जाएगा।

अनुसंधान के लिए मिलेंगे दो करोड़
इस पार्क में उद्यमियों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए 2 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। ताकि बेहतर तकनीक का इस्तेमाल हो सके। इसके अलावा बेहतर कौशल विकास के प्रशिक्षण के लिए 5 हजार रुपये प्रति व्यक्ति पांच साल तक दिए जाएंगे।

18 हजार करोड़ का निवेश होगा
मेडिकल डिवाइस पार्क बनने से यहां 18 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। पहले चरण में 10 हजार करोड़ का निवेश हो सकेगा। इसके साथ ही यहां 35 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इससे यहां पर स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सकेगा।

आईआईटी कानपुर करेगी तकनीकी सहयोग
यमुना प्राधिकरण ने तकनीकी सहायता के लिए आईआईटी कानपुर से अनुबंध किया है। सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि आईआईटी कानुपर में मेडिकल डिवाइस इन्क्यूबेशन सेंटर है। यहां पर यह सेंटर खोला जाएगा। साथ ही आईआईटी तकनीकी सहायता भी करेगी। यह इस पार्क के विकास में काफी सहायक साबित होगी।

ये मेडिकल डिवाइस सस्ते होंगे
भारत में अभी जनरल डिवाइस (ग्लब्स, सीरींज, मास्क आदि) व आर्थोपैडिक इलाज में आने वाले उपकरण ही अधिक बनते हैं। बाकी उपकरण आयात किए जाते हैं। यह पार्क बनने से यहां एमआरआई, सीटी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड आदि मशीनें बनने लगेंगी। यहां बनने से ये उपकरण सस्ते होंगे। इसका असर इलाज पर भी पड़ेगा। इससे इलाज कराना भी सस्ता हो सकता है।

मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेज दिया है। इसके विकास में 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसकी डीपीआर कलाम इंस्टीट‘यूट ऑफ हेल्थ टेक्नोलॉजी से बनवाई जा रही है।
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डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण

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