तीन साल में पांच चरणों में पूरे किए जाएंगे आम्रपाली के प्रोजेक्ट

Updated Dec 29, 2019 04:41:02 IST | Tricity Today Chief correspondent

आम्रपाली के प्रोजेक्टों की फंसी हुई 47062 यूनिटों को पूरा करने के लिए नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) ने खाका खींच लिया है। इन सभी प्रोजेक्ट को पांच चरणों में पूरा किया जाएगा। इस पर करीब 8327 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। ये प्रोजेक्ट 9 महीने से लेकर 3 साल तक के समय में पूरे हो जाएंगे।

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प्रतीकात्मक फोटो

Greater Noida: आम्रपाली के प्रोजेक्टों की फंसी हुई 47062 यूनिटों को पूरा करने के लिए नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) ने खाका खींच लिया है। इन सभी प्रोजेक्ट को पांच चरणों में पूरा किया जाएगा। इस पर करीब 8327 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। ये प्रोजेक्ट 9 महीने से लेकर 3 साल तक के समय में पूरे हो जाएंगे।

आम्रपाली के प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट रिसीवर नियुक्त किया हुआ है। उनकी अगुवाई में प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। फंसे हुए प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए एनबीसीसी ने योजना तैयार कर ली है। इन प्रोजेक्ट्स को पांच चरणों में पूरा किये जाने का खाका खींचा गया है। सबसे कम यूनिट पांचवें चरण में हैं, जबकि सबसे अधिक यूनिट दूसरे चरण में हैं। सभी चरणों में कुल 47062 यूनिट हैं। इनमें से 38646 यूनिट निर्माणाधीन हैं। इन प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए 8327 करोड़ रुपये लगेंगे। पांचों चरणों को अलग-अलग समय में पूरा किया जाएगा। पूरा काम तीन साल में होने की उम्मीद है। प्रोजेक्टों की फॉरेंसिक जांच के बाद आई रिपोर्ट के आधार यह योजना बनाई गई है। 

दूसरे चरण में हैं सबसे अधिक यूनिट
पहले चरण में नोएडा के जोडिएक, सफायर, प्रिंसले, सिलिकॉन व ग्रेटर नोएडा के सेंचुरियन पार्क प्रोजेक्ट शामिल है। इसमें 4452 निर्माणाधीन यूनिट हैं। इन यूनिटों को पूरा करने में 9 महीने से 2 साल तक का समय लगेगा। जबकि दूसरे चरण में नोएडा के प्लेटिनम एंड टाइटेनियम, हर्ट बीट, सिलिकॉन सिटी-क्रस्टल होम्स और ग्रेटर नोएडा के गोल्फ होम्स, किंगवुड, लेजर पार्क फेस-1 शामिल हैं। इस चरण में 10607  यूनिट निर्माणाधीन हैं। इसी चरण में सबसे अधिक यूनिट हैं। इस चरण को पूरा करने में 9 महीने से लेकर 3 साल तक का समय लगेगा।

तीसरे चरण के सारे प्रोजेक्ट ग्रेटर नोएडा के 
तीसरे चरण में सारे प्रोजेक्ट ग्रेटर नोएडा के हैं। इसमें ड्रीम वैली फेस-1, ड्रीम वैली, सेंचुरियन पार्क, लेजर पार्क, लेजर वैली-विला, लेजर वैली आर्दश आवास योजना शामिल हैं। इसमें 9817 यूनिट निर्माणाधीन हैं। इसे भी पूरा करने में 9 महीने से तीन साल तक का समय लगेगा। चौथे चरण में भी ग्रेटर नोएडा के ही प्रोजेक्ट हैं। इसमें ड्रीम वैली फेस-2, लेजर वैली वरोना शामिल हैं। इसमें 13226 यूनिट निर्माणाधीन हैं। इसको पूरा करने के लिए एक साल से लेकर 3 साल तक का समय चाहिए। जबकि पांचवे चरण में ग्रेटर नोएडा का एक प्रोजेक्ट है। टेक पार्क में 487 यूनिट हैं, जो निर्माणाधीन हैं। इसको पूरा करने में तीन साल तक का समय लगेगा।

खरीदार जमा करा रहे हैं पैसा
आम्रपाली के खरीदार पैसे भी जमा करा रहे हैं। सेंचुरियन पार्क के खरीदार अमित गुप्ता ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से फ्लैट खरीदार पैसा जमा कर रहे हैं। अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक पैसा जमा किया जा चुका है। यह प्रक्रिया चलती रहेगी।

पहला चरण
कुल प्रोजेक्ट          कुल यूनिट     निर्माणाधीन यूनिट    लागत
7                      11225          4452             613.63
दूसरा चरण
कुल प्रोजेक्ट          कुल यूनिट     निर्माणाधीन यूनिट    लागत
6                       11363         10607            2423.80    
तीसरा चरण
कुल प्रोजेक्ट          कुल यूनिट     निर्माणाधीन यूनिट    लागत
5                       10103          9817            2229.45 
चौथा चरण
कुल प्रोजेक्ट          कुल यूनिट     निर्माणाधीन यूनिट    लागत
2                        13226        13226            2726.19
पांचवां चरण
कुल प्रोजेक्ट          कुल यूनिट     निर्माणाधीन यूनिट    लागत
1                        487          487                 326.88

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