BIG NEWS: दिल्ली के न्यू अशोक नगर से जेवर एयरपोर्ट तक महज 50 मिनट में पूरा होगा सफर, पढ़िए काम की खबर

Updated Jul 06, 2020 20:38:08 IST | Anika Gupta

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर और दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण...

BIG NEWS: दिल्ली के न्यू अशोक नगर से जेवर एयरपोर्ट तक महज 50 मिनट में पूरा होगा सफर, पढ़िए काम की खबर
Photo Credit:  Tricity Today
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Key Highlights
चलेगी रैपिड रेल, यमुना प्राधिकरण ने प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा, पूरी जानकारी
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट इंदिरा गांधी एयरपोर्ट को आपस में जोड़ा जाएगा
इसके लिए एलिवेटेड रोड और रैपिड रेल, दो बड़े विकल्पों पर विचार चल रहा है
करीब 50 किमी लंबा ट्रैक बनाना होगा, जिसके लिए 6860 करोड रुपए की जरूरत

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर और दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण बड़ी योजना तैयार कर रहा है। रेपिड रेल से जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। पहले यह प्रस्ताव नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) को भेजा गया था। एनसीआरटीसी ने यह प्रस्ताव खारिज कर दिया था। दरअसल, एनसीआरटीसी इस परियोजना में पैसा लगाने के लिए तैयार नहीं है।

अब यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। यमुना प्राधिकरण ने केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय से इस प्रोजेक्ट के लिए पैसे की मांग की है। रेपिड रेल न्यू अशोक नगर से जेवर तक आएगी। यह करीब 50 किमी का ट्रैक होगा। इस पर 8,680 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

जेवर एयरपोर्ट को आईजीआई से जोड़ने के लिए कवायद चल रही है। यमुना प्राधिकरण ने इस परियोजना को तैयार करने की जिम्मेदारी  इंडियन रेलवे की तकनीकी विंग राइट्स को सौंपी थी। राइट्स ने यमुना प्राधिकरण को दो विकल्प दिए हैं। पहला विकल्प रैपिड रेल है और दूसरा विकल्प एलिवेटेड रोड है। राइट्स ने रैपिड रेल को तरजीह दी है। यही वजह है कि यमुना प्राधिकरण ने पहले रैपिड रेल प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है। विकल्पों में रेपिड रेल भी शामिल है। 

परियोजना से जुड़े यमुना प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि अगर रेपिड रेल आती है तो आईजीआई से जेवर तक की दूरी करीब 88 किलोमीटर होगी। न्यू अशोक नगर से जेवर तक जमीन का भी मसला आड़े नहीं आएगा। इसे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे के साथ-साथ या सेंट्रल वर्ज पर बनाया जा सकता है। अधिकारी ने बताया कि इसका प्रस्ताव एनसीआरटीसी को भेजा गया था। यमुना प्राधिकरण की ओर से भेजे गए इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। दरअसल, इस परियोजना की लागत बहुत अधिक है। इसी के चलते एनसीआरटीसी में यह प्रस्ताव पास नहीं हुआ था। एनसीआरटीसी इस वक्त दिल्ली मेरठ के बीच रैपिड रेल प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।

रैपिड रेल से 50 मिनट में जेवर से आईजीआईजी पहुंच जाएंगे
एनसीआरटीसी दिल्ली-मेरठ रूट पर रेपिड रेल परियोजना पर काम कर रहा है। इसका एक स्टेशन न्यू अशोक नगर (दिल्ली) होगा। यहां से जेवर तक रेपिड रेल चलाने की तैयारी है। रिपोर्ट बताती है कि यह सेक्शन करीब 50 किलोमीटर का होगा। आईजीआई से इसकी दूरी 88 किलोमीटर होगी। इसमें से 22 किलोमीटर अंडरग्राउंड ट्रैक होगा। अगर इस रूट पर रेपिड रेल चल जाती है तो जेवर से आईजीआई 49 से 50 मिनट में पहुंच जाएंगे। इस पर 8680 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

प्रोजेक्ट के लिए पैसे का इंतजाम करना सबसे बड़ी समस्या है
इस रूट को बनाने में खर्च बहुत अधिक है। इसके चलते यह प्रस्ताव अब यमुना प्राधिकरण ने फिर केंद्र सरकार को भेजा है। ताकि इस पर फंडिंग केंद्र सरकार कर दे और यह ट्रैक बन जाए। दोनों एयरपोर्ट के बीच आवागमन कम समय में हो सके, इसके लिए यह विकल्प बेहतर है। इस परियोजना में जमीन की दिक्कत नहीं आएगी। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे किनारे-किनारे इसे लाया जाएगा और आगे यमुना एक्सप्रेस वे की सर्विस रोड पर से इसे गुजारने की तैयारी है।

यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ अरुणवीर सिंह ने कहा, "रेपिड रेल के लिए फिर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें न्यू अशोक नगर से जेवर तक रेपिड रेल का प्रस्ताव है। केंद्र सरकार की गाइड लाइन के तहत आगे बढ़ेंगे।"

इन तीन विकल्पों पर भी विचार कर रहा है यमुना प्राधिकरण
एलिवेटेड रोड: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से इस एलिवेटेड रोड को जोड़ा जाएगा। राइट्स की रिपोर्ट बताती है कि यह महिपालपुर अंडरपास से शुरू होगी। मौजपुर (चंदावली) के पास जंक्शन बनेगा। यह एलिवेटेड रोड 78 किलोमीटर लंबी होगी। इस पर 440 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 6 लेन की प्रस्तावित इस रोड से 50 मिनट में जेवर से आईजीआई पहुंच जाएंगे। इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित है।

मेट्रो: जेवर से ग्रेटर नोएडा तक मेट्रो का प्रस्ताव सरकार के पास लंबित है। इसे नालेज पार्क से जेवर तक बनाना है। नालेज पार्क से इसे डीएमआरसी की लाइन से जोड़ने के लिए दो विकल्प हैं। डीएमआरसी की एक लाइन ऐरो सिटी से तुगलकाबाद तक है। इस लाइन तुगलकाबाद से नोएडा सेक्टर-142 तक लानी है। यह करीब 15 किलोमीटर का ट्रैक होगा। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा (जेवर वाली लाइन) से नोएडा सेक्टर-142 तक 11 किलोमीटर का ट्रैक बनाना होगा। दोनों काम होने से डीएमआरसी की लाइन से आईजीआई पहुंच जाएंगे। इसके निर्माण में करीब 5 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे एक घंटे में जेवर आईजीआई पहुंच जाएंगे।

सड़क: जेवर को आईजीआई से जोड़ने के लिए ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे का भी सहारा लिया जाएगा। आईजीआई से रेवाड़ी रोड होते हुए तारु के पास पेरीफेरल एक्सप्रेस से जोड़ देंगे। यहां से चंद्रहाट (पलवल) तक आएंगे। पलवल-खुर्जा (यह बना हुआ है) मार्ग से जेवर आ जाएंगे। दोनों एयरपोर्ट की यह दूरी करीब 72 किलोमीटर होगी। इस रूट पर काफी काम पहले से पूरा है। इस कनेक्टिविटी के लिए करीब 800 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इससे भी 50 से 60 मिनट में दोनों एयरपोर्ट की दूरी तय हो सकेगी।

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