तीन जोन और 10 सर्किल में बांटा गया गौतमबुद्ध नगर

Updated Jan 14, 2020 08:36:56 IST | Tricity Today Reporter

पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने के लिए सरकार ने जिले को तीन जोन और 10 सर्किल में बांटा है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक एडिशनल डिप्टी कमिशनर के पास होगी। जोन को सर्किल में बांटा जाएगा...

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Gautam Buddh Nagar
Key Highlights
शासन ने 9 एडीसीपी और 17 एसीपी के पद स्वीकृत किए, एडीसीपी सहायक पुलिस अधीक्षक रैंक के अफसर होंगे
महिला सुरक्षा पर ध्यान देने के लिए दो एसीपी, सभी एसीपी पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी तैनात किए जाएंगे
28 पीपीएस अधिकारियों की तैनाती की जाएगी, कुल 38 राजपत्रित अधिकारियों की तैनाती गौतमबुद्ध नगर में करेगी सरकार

पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने के लिए सरकार ने जिले को तीन जोन और 10 सर्किल में बांटा है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक एडिशनल डिप्टी कमिशनर के पास होगी। जोन को सर्किल में बांटा जाएगा। सर्किल का इंचार्ज सहायक आयुक्त (एसीपी) होगा। जिले में 10 आईपीएस के अलावा 28 पीपीएस अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।

सरकार महिलाओं से जुड़े अपराध पर नियंत्रण करने के लिए ज्यादा ध्यान देना चाहती है। लिहाजा, दो एसीपी महिला अपराध पर नियंत्रण रखने के लिए जिले में तैनात की जाएंगी। इनमें से एक नोएडा और दूसरी एसीपी ग्रेटर नोएडा में पोस्ट होगी। नई व्यवस्था में लॉ एंड ऑर्डर, अपराध, यातायात, मुख्यालय, अभिसूचना और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त की तैनाती की जाएगी। यह एसपी रैंक के पीपीएस अधिकारी होंगे। इन अधिकारियों को सहायता देने के लिए एक-एक एसीपी दिया जाएगा। यह डिप्टी एसपी रैंक के पीपीएस अधिकारी होंगे।

इसी तरह 10 सर्किल में एसीपी तैनात होंगे। पुलिस लाइन, एकाउंट और कार्यालय और महिला अपराध देखने के लिए अलग-अलग से एसीपी होंगे। इससे फील्ड में काम करने वाले अधिकारियों पर अतिरिक्त काम का दबाव नहीं रहेगा।

पुलिस कर्मियों की संख्या भी दोगुनी होगी
आम आदमी को सबसे बड़ा लाभ यह मिलेगा कि जिले में पुलिस कर्मियों की संख्या भी बढ़ाकर दोगुनी की जा रही है। अभी तक जिले में करीब 2,000 पुलिसकर्मी हैं। जिनकी संख्या बढ़कर 4,000 से ज्यादा हो जाएगी। थानों और ट्रैफिक पुलिस में भी संख्या दोगुनी होगी। इससे अपराध नियंत्रण में सहयोग मिलेगा।

वाहन, हथियार और संसाधन बढ़ेंगे
अब नोएडा पुलिस के लिए सरकार अलग से बजट का प्रावधान करेगी। अगले कुछ दिनों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा पुलिस के संसाधन बढ़ाए जाएंगे। इनमें वाहन, हथियार और दूसरे संसाधन शामिल हैं।

सायबर क्राइम के लिए पोस्ट नहीं
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सायबर क्राइम सबसे ज्यादा हैं। इसके बावजूद शासन ने इस दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया है। इसके लिए एसीपी, डीसपी या एडीसीपी का पद सृजित नहीं किया गया है। जबकि, कम से कम डीसपी स्तर का अधिकारी सायबर क्राइम में होना चाहिए था।

अब यह होगी पूरी व्यवस्था
कमिश्नर 1 (एडीजी स्तर)
एडिशनल कमिश्नर 2 (डीआईजी स्तर)
डिप्टी कमिश्नर 7 (एसएसपी-एसपी स्तर)
एडिशनल डिप्टी कमिश्नर 9 (एएसपी स्तर)
एसिसटेंट कमिश्नर 17 (डीएसपी स्तर)
एसिसटेंट रेडियो अफसर 1 (डीएसपी स्तर)
चीफ फायर अफसर 1 (डीएसपी स्तर)
कुल 38 राजपत्रित अधिकारी (10 आईपीएस और 28 पीपीएस)

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