ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए खुशखबरी, मेट्रो प्रोजेक्ट में बड़ी अपडेट

Updated Feb 25, 2020 16:09:03 IST | Tricity Today Reporter

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना को लेकर बड़ी खबर आई है। यह परियोजना अब एक कदम और आगे बढ़ गई है। दअरसल, मेट्रो का अलाइनमेंट तय हो गया है। यह मुख्य सड़क की सेंट्रल वर्ज पर दौड़ेंगी। इससे परियोजना के लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत नहीं रह गई है। सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) की टीम ने मौके पर जाकर सर्वेक्षण किया। सेंट्रल वर्ज पर रूट बनाने में आने वाली...

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प्रतीकात्मक फोटो

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना को लेकर बड़ी खबर आई है। यह परियोजना अब एक कदम और आगे बढ़ गई है। दअरसल, मेट्रो का अलाइनमेंट तय हो गया है। यह मुख्य सड़क की सेंट्रल वर्ज पर दौड़ेंगी। इससे परियोजना के लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत नहीं रह गई है। सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) की टीम ने मौके पर जाकर सर्वेक्षण किया। सेंट्रल वर्ज पर रूट बनाने में आने वाली बाधाओं का जायजा लिया है।

एनएमआरसी के अधिकारियो ने बताया कि इस रूट पर निर्माण कार्य शुरू होने में करीब छह माह लग जाएंगे। दोनों विकास प्राधिकरणों की कोशिश इस मेट्रो परियोजना को 2022 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले शुरू करने की है। दरअसल, नोएडा के सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के नॉलेज पार्क फाइव तक करीब 15 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनना है। इसको बनाने में करीब 2,692 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर दो तक मेट्रो प्रस्तावित की गई है। यह 9.155 किलोमीटर लंबा ट्रैक होगा।

इसे बनाने में करीब 1521 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें ग्रेटर नोएडा को 457 करोड़ रुपये देने होंगे। बाकी रकम
करीब 1286 करोड़ रुपये नोएडा और भारत सरकार से मिलेंगे। पहले फेज में नोएडा के सेक्टर-71 के बाद पहला स्टेशन सेक्टर 120 में बनेगा। इसके बाद सेक्टर 123, ग्रेनो वेस्ट का सेक्टर-4, सेक्टर-16 बी के बाद सेक्टर दो आखिरी स्टेशन होगा। यह भी एलिवेटेड मेट्रो होगी।

यह सेंट्रल वर्ज से गुजरेगी। सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीवर, उद्यान, सिविल व इलेक्ट्रिक सेल के इंजीनियर और आईजीएल व एनएमआरसी के अधिकारी भी शामिल हुए। सभी अधिकारियों ने करीब छह किलोमीटर लंबे रोड पर पैदल चलकर सभी अड़चनों को देखा। उनको नोट किया और मौके पर काम शुरू होने से पहले इन अड़चनों को दूर करने का विकल्प तलाशा।