एमिटी एंव ग्लोबल काउंटर टेररिज्म कांउसिल के मध्य हुआ समझौता पत्र हस्ताक्षर

Updated Feb 14, 2020 10:28:48 IST | Tricity Today Reporter

कांउटर आतंकवाद पर बहुनिति कार्यक्रमों पर उनके अंर्तराष्ट्रीय रिश्ते, सुरक्षा एंव कूटनीति पर प्रभाव की जानकारी प्रदान करने एंव आतंकवाद के विरोध में कांउटर आतंकवाद पर संयुक्त शोध, संयुक्त सम्मेलन, परिचर्चा सत्रों एंव इंर्टनशिप को बढ़ावा देने हेतु एमिटी विश्वविद्यालय में ग्लोबल काउंटर टेररिज्म कांउसिल एंव एमिटी विश्वविद्यालय और संस्थान के मध्य एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया...

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एमिटी एंव ग्लोबल काउंटर टेररिज्म कांउसिल के मध्य हुआ समझौता पत्र हस्ताक्षर

कांउटर आतंकवाद पर बहुनिति कार्यक्रमों पर उनके अंर्तराष्ट्रीय रिश्ते, सुरक्षा एंव कूटनीति पर प्रभाव की जानकारी प्रदान करने एंव आतंकवाद के विरोध में कांउटर आतंकवाद पर संयुक्त शोध, संयुक्त सम्मेलन, परिचर्चा सत्रों एंव इंर्टनशिप को बढ़ावा देने हेतु एमिटी विश्वविद्यालय में ग्लोबल काउंटर टेररिज्म कांउसिल एंव एमिटी विश्वविद्यालय और संस्थान के मध्य एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया गया। 

इस समझौता पत्र पर ग्लोबल काउंटर टेररिज्म कांउसिल के संरक्षक एंव छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल डा. शेखर दत्त, पूर्व विदेश सचिव शंशाक एंव एमिटी सांइस टेक्नोलाॅजी एंड इनोवेशन फांउडेशन के अध्यक्ष डा. डब्लू सेल्वामूर्ती की उपस्थिती में एमिटी विश्वविद्यालय के ग्रुप वाइस चांसलर डा. गुरिंदर सिंह एंव ग्लोबल काउंटर टेररिज्म कांउसिल के एक्जीक्यूटिव कांउसिल सदस्य प्रो सुधीर सोपोरी ने हस्ताक्षर किये।

इस समझौते पत्र के अंर्तगत ग्लोबल काउंटर टेररिज्म कांउसिल एंव एमिटी विश्वविद्यालय और संस्थान के कुछ सदस्यों को मिलाकर एक कमेटी बनाई जायेगी। जो भविष्य में संयुक्त कार्यो का संचालन एंव निरिक्षण करेगी।

छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि, हमारे पूर्वजों ने मंत्रों के माध्यम से हमें सबके सुखी एंव स्वस्थ रहने के लिए प्रार्थना करने के लिए प्रोत्साहित किया था और आज भी हमारा एंव एमिटी का उदेदश्य यही है। आतंकवाद की घटना को समझना अति महत्वपूर्ण है। हमें आतंकवाद की घटना के वैश्विकरण एंव उसका हमारे देश पर हो रहे प्रभाव को समझना होगा। जैसे तालिबान, अल कायदा आदि का जन्म क्षेत्रिय स्तर पर हुआ, किंतु आज ये वैश्विक स्तर पर देश इनसे प्रभावित है। आतंकवाद एक मानव निर्मित समस्या है और महत्वपूर्ण यह है कि हमें समस्या के निर्माण, स्थान एंव कारण को समझना होगा।

डा दत्त ने कहा कि एमिटी के साथ इस समझौते पत्र से दोनो संस्थान कांउटर आतंकवाद पर मिलकर कार्य करगें। जिस तरह आजादी के बाद खाद्यान्न की कमी समस्या के निवारण के लिए हरित क्राति हुई उसी प्रकार मिलकर इस समस्या का निवारण भी होगा। एमिटी छात्रों को राष्ट्र निर्माण में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करता है उसी प्रकार सभी को आगे आने होगा। स्थानीय एंव वैश्विक स्तर पर चुनौतियां एक जैसी नही है इसलिए दोनो स्तरों पर अलग अलग तरह से विचार करना होगा। आज विश्व में भारत का स्थान है जो स्वंय अपनी क्षमता विकसित कर रहा है।

पूर्व विदेश सचिव शंशाक ने कहा कि, आने वाले समय में भारत एक दिन विश्व का मार्गदर्शन करेगा। इसके लिए हमें आज आतंकवाद से अपने देश को बचाना होगा। आप जैसे युवा छात्रो ंसे नये विचारों का आगमन हो रहा है। हमारे मध्य के मुद्दे का निवारण आपसी बातचीत से संभव है। देश के युवा आतंकवाद से बन रही समस्याओं से निपटने के लिए तैयार और इसमे सहायक हो रहे है। इस समझौते पत्र से हम काउंटर आतंकवाद के संर्दभ में संयुक्त कार्यो का बढ़ावा देते हुए छात्रों को जागरूक भी करेगें।

एमिटी विश्वविद्यालय के गु्रप वाइस चांसलर डा गुरिंदर सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि, हमारे एमिटी शिक्षण समूह के संस्थापक अध्यक्ष डा अशोक कुमार चाौहान का विश्वास है कि देश की समस्याओं का निवारण देश के युवाओं द्वारा किया जा सकता है इसलिए उनका संपूर्ण विकास आवश्यक है। डा सिंह ने कहा कि आज आतंकवाद से विश्व के कई देश ग्रस्त है और इसका निवारण हेतु प्रयासरत भी है। इस समझौते पत्र पर हस्ताक्षर होने के बाद काउंटर आतंकवाद पर विदेश नितियां एंव अंर्तराष्ट्रीय रिश्तों सहित कई क्षेत्रों में मिलकर कार्य को बढ़ावा दिया जायेगा। ग्लोबल काउंटर टेररिज्म कांउसिल द्वारा बेहतरीन कार्य किया जा रहा है। आज हमारे सामने मौजूदा आतंकवाद से निपटने के साथ युवाओं को आतंकवादी बनने से रोकने जैसी चुनौतियां है। 

इस अवसर एमिटी इंस्टीटयूट आॅफ डिफेंस एंड स्ट्रैटजिक स्टडिज के महानिदेशक लेफ्ट जनरल एस के गिडिआॅक, ग्लोबल काउंटर टेररिज्म कांउसिल के संस्थापक संयोजन आदित्या टिक्कू, ग्लोबल काउंटर टेररिज्म कांउसिल के एक्जीक्यूटिव काउंसिल सदस्य एयर मार्शल रमेश राय, नीरू अबराॅल, एडवाइजरी काउंसिल सदस्य कर्नल शैलेंद्र सिंह, रियर एडमिरल सनातन कुलश्रेष्ठा, प्रो मधु शर्मा, विजय टिक्कू, प्रो एस के सिंह, अशोक खुराना एंव मेजर गौरव आर्या भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में छात्रों द्वारा विभिन्न विषयों पर कई प्रश्न भी किये गये जिनके समुचित उत्तर उन्हे प्राप्त हुए।