नोएडा प्राधिकरण प्रदूषण के खिलाफ लड़ रहा है दोहरी जंग, जानिए कैसे

Updated Oct 18, 2020 19:36:07 IST | Mayank Tawer

नोएडा प्राधिकरण प्रदूषण के खिलाफ दोहरी जंग लड़ रहा है। एक ओर शहर में हवा सुधारने के लिए दिन-रात उपायों पर काम किया जा रहा है, दूसरी ओर प्रदूषण फ़ैलाने वालों...

नोएडा प्राधिकरण प्रदूषण के खिलाफ लड़ रहा है दोहरी जंग, जानिए कैसे
Photo Credit:  Tricity Today
प्रतीकात्मक फोटो

Noida News : नोएडा प्राधिकरण प्रदूषण के खिलाफ दोहरी जंग लड़ रहा है। एक ओर शहर में हवा सुधारने के लिए दिन-रात उपायों पर काम किया जा रहा है, दूसरी ओर प्रदूषण फ़ैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण ने शनिवार को नियमों का उल्लंघन करने वाले विभिन्न निजी ठेकेदारों और संस्थाओं पर 11,15,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। दूसरी ओर सड़कों पर पानी छिड़काव और मशीनी झाड़ू से शहर की सफाई चल रही है।

शहर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की गई है, जो दिल्ली एनसीआर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के बीच गुरुवार को लागू किया गया है। जिन एजेंसियों पर जुरमाना लगा है, उनमें विकास प्राधिकरण के ठेकेदार भी शामिल हैं।

प्राधिकरण ने बताया, "जल विभाग के चार ठेकेदार नियमों का उल्लंघन करते हुए पाइपलाइन बिछाने का काम कर रहे थे। इन चारों पर एक-एक लाख रूपये (कुल 4 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए चौदह लोगों को कुल 3,50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने अपने काम में शिथिलता के लिए सड़कों की यांत्रिक सफाई और कचरे का डोर-टू-डोर संग्रह करने वाले निजी ठेकेदारों पर जुर्माना भी लगाया है।

नोएडा अथॉरिटी ने बताया, "मैकेनिकल स्वीपिंग एजेंसी चेन्नई की एमएसडब्ल्यू को गैर-जिम्मेदार काम और ढिलाई के लिए 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जबकि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के ठेकेदार एजी एनवायरो पर भी 1 लाख रुपये का जुर्माना लगा है। एक अन्य ठेकेदार Onex को 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।" उन्होंने कहा, "11,15,000 रुपये जुर्माना शनिवार को इन सभी पर लगाया गया।"

प्राधिकरण ने कहा कि 47 किलोमीटर की दूरी पर सड़क पर पानी छिड़का गया था, जबकि 55 मार्गों की 220 किलोमीटर सड़क को यांत्रिक रूप से साफ किया गया है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स से निकलने वाले पानी का इस्तेमाल रात में किया जा रहा है। रोजाना रात में 60 किलोमीटर फुटपाथ और गलियों की सफाई की गई है। सरकारी एजेंसियों के अनुसार, शनिवार को नोएडा के कुछ हिस्सों में वायु गुणवत्ता सूचकांक "बहुत खराब" श्रेणी में रहा है।

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