EXCLUSIVE: नोएडा प्राधिकरण 34,133 करोड़ की सम्पत्ति का मालिक, 10 विभागों में निवेश, 9 को कर्ज और अरबों बैंकों में जमा, पूरी जानकारी

Updated Jul 25, 2020 20:02:28 IST | Rakesh Tyagi

नोएडा को उत्तर प्रदेश की शो विंडो कहा जाता है। देश के चार महानगरों के बाद सबसे ज्यादा आमदनी नोएडा शहर के बाशिंदों की है। देशभर के विकास प्राधिकरणों...

EXCLUSIVE: नोएडा प्राधिकरण 34,133 करोड़ की सम्पत्ति का मालिक, 10 विभागों में निवेश, 9 को कर्ज और अरबों बैंकों में जमा, पूरी जानकारी
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नोएडा को उत्तर प्रदेश की शो विंडो कहा जाता है। देश के चार महानगरों के बाद सबसे ज्यादा आमदनी नोएडा शहर के बाशिंदों की है। देशभर के विकास प्राधिकरणों में नोएडा प्राधिकरण को सबसे अमीर माना जाता है। प्राधिकरण का बजट दुनिया के कई मुल्कों से भी ज्यादा होता है। यह सारी बातें अब तक पुख्ता आंकड़ों के साथ नहीं बोली जाती थीं, लेकिन अब आंकड़ों के साथ इन तथ्यों को पेश किया जा सकता है। दरअसल, हाल ही में नोएडा विकास प्राधिकरण ने अपनी बैलेंस शीट सार्वजनिक की हैं। ट्राइसिटी टुडे ने इन बैलेंस शीट का अध्ययन करके कुछ दिलचस्प तथ्य निकाले हैं, जो हम आपके सामने पेश कर रहे हैं।

नोएडा विकास प्राधिकरण ने वित्त वर्ष 2018-19 की ताजा बैलेंस शीट जारी की है, जो हाल में ही प्राधिकरण के फाइनेंस डिपार्टमेंट और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने सत्यापित करके उपलब्ध करवाई है। इस बैलेंस शीट के मुताबिक विकास प्राधिकरण के पास 34,133 करोड रुपए की संपत्तियां हैं। इन संपत्तियों में प्राधिकरण की इमारतें, फर्नीचर और फिक्सचर, वाहन, दफ्तर में काम आने वाले उपकरण, मशीनरी, गेस्ट हाउस , कंप्यूटर सिस्टम, कम्युनिटी सेंटर और सोलर पावर प्लांट शामिल हैं। संपत्तियों में भारत संचार निगम लिमिटेड में जमा पैसा, डिपॉजिट वर्क, इस वक्त चल रही विकास परियोजनाएं, प्राधिकरण के पास मौजूद जमीन, ठेकेदारों से मिलने वाला पैसा और टैक्स कटौती के सापेक्ष मिलने वाला पैसा भी शामिल किया गया है।

यूपी के 10 विभागों और कंपनियों में 539 करोड रुपए का निवेश

नोएडा विकास प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश सरकार के 10 महकमों, कंपनियों और निगमों में 539.22 करोड़ रुपए का निवेश कर रखा है। इनमें ताज एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी, उत्तर प्रदेश फाइनेंस कॉरपोरेशन, यूपी इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड, पिकअप में शेयर, पिकअप में बॉन्ड, नोएडा टोल ब्रिज कंपनी में हिस्सेदारी, यमुना पावर जेनरेशन कम्पनी में हिस्सेदारी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में हिस्सेदारी शामिल हैं। 

ग्रेटर नोएडा मेट्रो में प्राधिकरण की सबसे बड़ी हिस्सेदारी

सरकारी महकमा और निकायों में निवेश के मामले में नोएडा विकास प्राधिकरण की सबसे बड़ी हिस्सेदारी ग्रेटर नोएडा मेट्रो में है। प्राधिकरण ने यूपी के प्रदेशीय औद्योगिक एवं निवेश निगम (पिकप) में 45 करोड़ रुपए निवेश किए हैं। जबकि ग्रेटर नोएडा मेट्रो की स्थापना के लिए नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन में 481 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

9 संस्थाओं और कंपनियों को 4,966 करो रुपए का कर्ज दिया है

नोएडा विकास प्राधिकरण ने भारी भरकम कर्ज भी दे रखा है। प्राधिकरण ने 4,966 करोड रुपए से ज्यादा के कर्ज प्राधिकरण, निगमों और कंपनियों को दे रखे हैं। इनमें सबसे बड़े कर्जदार ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण हैं। इनके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश टैक्सटाइल्स कॉरपोरेशन, उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी, उत्तर प्रदेश हैंडलूम कॉरपोरेशन, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन, आगरा विकास प्राधिकरण को कर्ज दिया है। आम्रपाली सिलिकॉन सिटी के आईआरपी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर साढ़े 10 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है।

ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण सबसे बड़े कर्जदार

सबसे बड़ा कर्ज दाता गौतम बुध नगर का नोएडा विकास प्राधिकरण है, तो गौतम बुध नगर के दूसरे दोनों विकास प्राधिकरण सबसे बड़े कर्जदार हैं। नोएडा अथॉरिटी ने ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण को 3,283 करोड रुपए का कर्ज दे रखा है। यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण पर 1,153 करोड रुपए का कर्ज है।

प्राधिकरण ने 2,304 करोड रुपए के अग्रिम भुगतान किए हैं

जमीन खरीदने, नोएडा के हिस्सों का विकास करने और दूसरी सेवाओं के लिए विकास प्राधिकरण ने 2,304 करोड़ रुपए के अग्रिम भुगतान भी कर रखे हैं। इनमें 20 करोड रुपए खोड़ा कॉलोनी के लिए डीएम गाजियाबाद को दिए गए हैं। गाजियाबाद के लोक निर्माण विभाग और गौतमबुद्ध नगर के अपर जिलाधिकारी (भूमि अध्याप्ति) जमीन खरीदने के लिए दिए गए हैं।

2,180 करोड रुपए बैंकों में जमा हैं

बैलेंस शीट के मुताबिक विकास प्राधिकरण ने 2,180 करोड रुपए बैंकों में जमा किए हैं। इनमें फिक्स्ड डिपॉजिट, बैंक बैलेंस, शॉर्ट टर्म और लोंग टर्म इन्वेस्टमेंट शामिल हैं। विकास प्राधिकरण ने कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक और एलआईसी हाउसिंग में पैसा बतौर एफडी जमा किया है। इन तीनों बैंक को 1,586 करोड़ रुपये दिए हैं।

प्राधिकरण ने एक साल में 2,019 करोड़ रुपए कमाए

वित्त वर्ष 2018-19 में नोएडा विकास प्राधिकरण ने अच्छी कमाई की है। इस वित्त वर्ष में प्राधिकरण को 2019 करोड़ रुपए की आमदनी हुई हैं। इनमें सबसे ज्यादा आमदनी किराए से मिली है। प्राधिकरण ने किराए से 626 करोड रुपए कमाए हैं। शुल्कों के जरिए 341 करोड रुपए मिले हैं। दूसरी आमदनी 253 करोड रुपए हैं। प्राधिकरण को 793 करोड रुपए ब्याज मिला है। यह ब्याज ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण समेत तमाम दूसरे दूसरी संस्थाओं को दिए कर्ज से हासिल हुआ है।

1,969 करोड रुपए खर्च किए, जन सुविधाओं पर सबसे बड़ा खर्च

विकास प्राधिकरण ने 1,969 करोड रुपए इस वित्त वर्ष में खर्च किए हैं। इनमें सबसे बड़ा खर्च पब्लिक सुविधाओं के विकास पर किया गया है, जो 1,193 करोड रुपए है। 149 करोड रुपए कर्मचारियों पर खर्च किए गए हैं। 53 करोड रुपए कार्यालयों पर खर्च हुए हैं। 451 करोड़ रुपये के अन्य खर्च हैं। गांवों के विकास पर 89 करोड रुपए खर्च किए गए हैं।

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