अब ये कंपनी देगी यमुना प्राधिकरण के किसानों को 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा

Updated Mar 06, 2020 20:38:15 IST | TriCity Today Chief Correspondent

जेपी इंफ्राटेक को लेकर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने तीन दिन पहले फैसला सुनाया है। जिसके तहत नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन...

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प्रतीकात्मक फोटो
Key Highlights
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के आदेश से किसानों को बड़ी राहत मिली है
जेपी की जमीनों को जो खरीदेगा, वही किसानों को 64.7 प्रतिशत का अतिरिक्त मुआवजा देगा

जेपी इंफ्राटेक को लेकर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने तीन दिन पहले फैसला सुनाया है। जिसके तहत नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन (एनबीसीसी) इस कंपनी का अधिग्रहण करेगा। इसके बाद इस कंपनी की सारी संपत्तियां एनबीसीसी के पास आ जाएंगी। यह आदेश जारी कर दिया गया है। इसी आदेश का फायदा किसानों को मिलने जा रहा है।

यमुना प्राधिकरण ने यमुना एक्सप्रेस वे के साथ जेपी इंफ्राटेक को पांच स्थानों पर पांच-पांच सौ हेक्टेयर जमीन (एलएफडी) दी थी। इनके प्रभावित किसानों को 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा नहीं मिल पाया है। किसानों का करीब 2,500 करोड़ रुपये बकाया हैं।  एनसीएलटी ने मुआवजे की स्थिति साफ कर दी है। एलएफडी की जमीन जो खरीदेगा, वही अतिरिक्त मुआवजा देगा। किसानों को अतिरिक्त मुआवजे की धनराशि का बोझ यमुना प्राधिकरण या एनबीसीसी पर नहीं पड़ेगा।

इस आदेश का लाभ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में दनकौर, जेवर, टप्पल, बांजना, मथुरा और आगरा के हजारों किसानों को मिलेगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण ने इन किसानों से जमीन अधिग्रहीत करके जेपी इंफ्राटेक को आवंटित की थी। मामला जेपी समूह और यमुना प्राधिकरण के बीच फंस गया और किसान करीब 10 वर्षों से अतिरिक्त मुआवजा लेने के लिए धक्के खा रहे हैं। बड़ी संख्या में किसानों ने यमुना प्राधिकरण पर हाईकोर्ट में मुकदमे दायर कर रखे हैं।

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